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वृद्धावस्था में होने वाली आम समस्याएं
हर किसी के लिए वृद्धावस्था के बारे में अवधारणा अलग - अलग होती है। लेकिन वृद्धावस्था में होने वाली समस्याएं सभी के लिए एक समान होती हैं। वृद्धावस्था में होने वाली समस्याओं और बीमारियों के बारे में कई अध्ययन हो चुके हैं।
जो लोग अपनी यंग एज में अपनी अच्छी देखभाल करते हैं, वह वृद्धावस्था में कम दिक्कतों का सामना करते है लेकिन जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वह ज्यादा दिक्कतों का सामना करते हैं। वृद्धावस्था में होने वाली समस्याएं निम्मलिखित हैं :
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1 ) ऑस्टियोपोरोसिस:
ऑस्टियोपोरोसिस, वृद्ध लोगों में सबसे ज्यादा होने वाली बीमारी है जो कि शरीर की हड्डियों के कमजोर होने से होती है। इससे हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है जिससे हड्डी टूटने पर मुश्किल से सही होती है। महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या, मेनोपॉज के बाद होती है।

2) मस्कुलर डिजेनरेशन :
वृद्ध लोगों में मस्कुलर डिजेनरेशन सबसे ज्यादा होने वाली समस्याओं में से एक है। इस स्थिति में बुढापे में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इस उम्र में मस्कुला पर असर पड़ता है जो दिमाग में बनने वाली छवि, पहचानने वाले सेंस पर प्रभाव डालता है।

3) कम सुनाई देना :
बुजुर्ग लोगों को कम सुनाई देने लगता है। इसके लिए लोगों को सुनने वाली डिवाइस आराम दिलाती है। इस अवस्था में कान के पर्दे कमजोर होने से आवाज पूरी तरह से उनके कानों पर नहीं पड़ती है और वह समझ नहीं पाते हैं।

4) ग्लूकोमा :
ग्लूकोमा, आंखों में होने वाला रोग है, जो आंखों के भीतरी हिस्से में एक तरल पदार्थ के बढ़ने के कारण होने वाले दबाब से होती है। इस बीमारी से ऑप्टिक नर्व सिस्टम खराब होने का खतरा रहता है जिससे दृष्टि जा सकती है।

5) अल्जाइमर रोग :
वृद्धावस्था में होने वाले रोगों में अल्जाइमर बीमारी सबसे कॉमन है। इस बीमारी में लोगों की याद करने की क्षमता या बातों को याद रख पाने की क्षमता बहुत कम हो जाती है। शुरूआत के दिनों में मेमोरी घटती है लेकिन बाद में कुछ भी याद न रहने की स्थिति आ जाती है।

6) कॉगनेटिव इम्पेयरमेंट :
संज्ञनात्मक हानि, मेमोरी कम होने की वजह से होती है। वृद्धावस्था में लोग चीजों को आसानी से रिलेट नहीं कर पाते है और उन्हे हर बात को समझने में ज्यादा वक्त लगता है। इससे परेशान व्यक्ति हमेशा कन्फ्यूज रहता है और उसे हर बात को समझने में दुगने से ज्यादा समय लग जाता है।

7) असंयम :
वृद्धावस्था में लोगों में असंयम आ जाता है, वह अक्सर बात - बात पर खीजने लगते हैं। महिलाओं में ऐसा उनकी पेल्विक बोन्स में क्षमता घटने के कारण होता है। जिन पुरूषों का प्रोस्टेट बहुत बढ़ा होता है, वह भी इस परेशानी को झेलते है।

8) ऑर्थराइटिस :
गठिया एक ऐसा रोग है जो हर वृद्ध व्यक्ति को होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से शरीर के जोड़ों में होती है। गठिया रोग में शरीर की उंगलियों, घुटनों, हिप्स, कलाईयों और रीढ़ की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है।

9) मेटाबोलिक सिंड्रोम :
वृद्धावस्था में मोटापा और अन्य समस्याएं हो जाती है जो कि शरीर में मेटाबोलिक सिंड्रोम के कारण होती हैं। इस उम्र में डायबटीज का टाइप 2 भी हो सकता है, कार्डियोवस्कुलर डिसीज, कैंसर और हाई ब्लड़प्रेशर भी हो सकता है।

10) भावनात्मक तकलीफ :
वृद्धावस्था में सिर्फ हेल्थ प्रॉब्लम ही नहीं बल्कि इमोशनल प्रॉब्लम भी होती हैं। इस अवस्था में व्यक्ति बहुत ज्यादा इमोशनल हो जाता है और कई बार अपने घर वालों और परिवार के लिए मुश्किलें खड़ी कर देता है।



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