नेचुरल तरीके से बीपी कम करने के उपाय

By Aditi Pathak

बीपी या ब्‍लड प्रेशर, बॉडी में रक्‍त का संचरण होने की प्रक्रिया है। कभी - कभी शरीर में यह संचरण कम हो जाता है और कभी - कभी ज्‍यादा, जिसे लो बीपी और हाई बीपी के नाम से जाना जाता है। आपके शरीर के क्रियाविधि पर रक्‍त परिसंचरण महत्‍वपूर्ण प्रभाव डालता है। शरीर का ब्‍लड़ प्रेशर लो या हाई होने पर कई प्रकार की दिक्‍कतें होती हैं।

अगर किसी भी व्‍यक्ति का ब्‍लड़ प्रेशर लो है तो उसे कई प्रकार की दिक्‍कतें हो सकती हैं जैसे - मतली आना, चक्‍कर आना, झटके महसूस होना आदि। वहीं हाई बीपी में व्‍यक्ति को हाइपरटेंशन हो जाता है और कई केस में हार्ट अटैक भी पड़ जाता है। इसलिए, अगर बीपी, लो या हाई है तो विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। ऐसा देखा गया है कि लो ब्‍लड़ प्रेशर, हाई ब्‍लड़ प्रेशर से ज्‍यादा खतरनाक होता है। इसलिए जिन लोगों को लो बीपी की समस्‍या है उन्‍हे बहुत सावधानी बरतने की आवश्‍यकता है। मार्केट में बीपी को मेंटेन करने की कई दवाईयां आती हैं लेकिन इनका सेवन डॉक्‍टरी परामर्श पर ही करना चाहिए।

लो बीपी को सही करने के लिए कई घरेलू उपाय भी होते है जो सुरक्षित होते हैं और इनका कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता है। बीपी को कंट्रोल करने के कुछ टिप्‍स निम्‍म प्रकार हैं :


 1) नियमित रूप से व्‍यायाम करें :

1) नियमित रूप से व्‍यायाम करें :

नियमित रूप से व्‍यायाम करने से बॉडी से स्‍ट्रेस दूर होता है और थकान उतर जाती है। अगर आपको ब्‍लड़ प्रेशर की समस्‍या है तो हर दिन व्‍यायाम या योगा करें, इससे अवश्‍य लाभ मिलता है। शरीर के वजन को मेंटेन रखें, ज्‍यादा तनाव न लें और खुश रहें।

 स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक भोजन लें :

स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक भोजन लें :

ब्‍लड़ प्रेशर की समस्‍या होने पर हाई कोलेस्‍ट्रॉल या हाई फैट वाला भोजन कतई ग्रहण न करें। भोजन में पौष्टिक पदार्थो को शामिल करें। हरी सब्‍जी, दालों, सलाइ, साबुत अनाज आदि का सेवन‍ नियमित रूप से करें। स्‍वस्‍थ भोजन खाने से ब्‍लड़ प्रेशर नियंत्रण में रहता है। यह ब्‍लड़ प्रेशर को मेंटेन रखने का सबसे अच्‍छा तरीका है जिससे बॉडी भी फिट रहती है और अन्‍य बीमारियां भी दूर भागती हैं।

 गंदी लतें छोड़ दें :

गंदी लतें छोड़ दें :

अगर आप सिगरेट, मसाला, गुटखा या शराब के आदी हैं तो ये सभ आदतें शीघ्र छोड दें। सभी प्रकार की लतें आपके बीपी को कम कर देती है और स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा प्रभाव डालती हैं। एल्‍कोहल के सेवन से ब्‍लड़ प्रेशर मापने में 5 - 10 मिमी. तक पारा गिर जाता है। ऐसा ही धूम्रपान करने से भी होता है क्‍योंकि ब्‍लड़ में निकोटिन की मात्रा बढ़ जाती है। यह ब्‍लड़ प्रेशर को नियंत्रित रखने का सबसे अच्‍छा उपाय है।

 कम नमक लें :

कम नमक लें :

नमक में सोडियम होता है जो ब्‍लड़ प्रेशर का बडा देता है कई कई दिक्‍कतें पैदा कर देता है। अगर शरीर में ज्‍यादा मात्रा में नमक पहुंच जाता है तो पाचन क्रिया में दिक्‍कत आती है, इसलिए लो ब्‍लड़ प्रेशर में बहुत ज्‍यादा नमक पानी पीने की कोशिश न करें। हर दिन शरीर में सिर्फ 5 ग्राम नमक पहुंचना चाहिए।

बीपी नियमित चेक करवाएं :

बीपी नियमित चेक करवाएं :

कई लोग ब्‍लड़ प्रेशर की समस्‍या को गंभीरता से नहीं लेते है। ऐसा करना खतरनाक होता है। अगर आपको बीपी सम्‍बंधित समस्‍या रहती है तो नियमित चेक करवाते रहें और जरूरत पड़ने पर डॉक्‍टर को भी दिखाएं। घरेलू उपायों का इस्‍तेमाल सोच - समझकर करें और खुश व स्‍वस्‍थ रहें।

Story first published: Saturday, January 4, 2014, 17:02 [IST]
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