Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
भारत में तेजी से बढ़ रहा है लिंफोमा कैंसर का खतरा
(आईएएनएस)| क्या आप को बुखार, सांस लेने में समस्या और कमजोरी महसूस होती रहती है, तो आपको सचेत होने की जरूरत है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षण एक तरह के रक्त कैंसर 'लिंफोमा' के हो सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दी पता लग जाने पर इसका सफल इलाज हो जाता है।
लिंफोमा में लिंफोसाइट (श्वेत रक्त कणिकाएं) अनियंत्रित रूप से घटती हैं। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में शुरू होता है। यह लसिका, तिल्ली (प्लीहा), अस्थि-मज्जा, रक्त या अन्य अंगों में हो सकता है जो अंतत: ट्यूमर बना देता है।
पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक वनीत गुप्ता ने लिंफोमा के लक्षणों के बारे बताया, "बीमारी में लसिका (लिंफ नोड्स) में दर्द रहित सूजन, रात को पसीना आना, अधिक वजन घटना, कमजोरी जैसे लक्षण होते हैं।"

गुप्ता ने बताया, "लिंफोमा बहुत आम रक्त कैंसर है। भारत में आंत का लिंफोमा ज्यादा आम है।" राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं शोध केंद्र में कर्करोग विज्ञान (ऑन्कोलॉजी) के वरिष्ठ चिकित्सक विनीत तलवार ने कहा, "सामान्य लक्षणों में बेहतर इलाज और एंटीबायोटिक खुराक के बाद भी लक्षण बरकरार रहते हैं तो इस बीमारी का संदेह ज्यादा होता है।" एचआईवी होने के 12 लक्षण
इंद्रपस्थ अपोलो अस्पताल के ऑन्कोलॉजी के वरिष्ठ चिकित्सक शिशिर सेठ ने बताया लिंफोमा के दो प्रकार- होडकिन और नॉन-होडकिन बताए। उन्होंने बताया कि प्रति 1,00,000 में 20 से 22 लोगों को यह कैंसर होता है।
इन आंकड़ों के बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते पता चल जाए तो लिंफोमा के इलाज की दर काफी ऊंची है। मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड के ऊतकविकृति विज्ञानी एस. एम. बारोदावला ने बताया, "इसके सफल इलाज की दर 90-95 फीसदी है। लेकिन उपचार इस बात पर निर्भर है कि रोग किस अवस्था में है।" सर्वाइकल कैंसर के लक्षण और उपचार
डा. तलवार ने बताया, "बाद की दो अवस्थाओं यानी तीसरी और चौथी अवस्था के लिंफोमा में भी लगभग 60-70 फीसदी सफल इलाज होता है।" लिंफोमा के उपचार के वक्त स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए और ताजा भोजन लेना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications