रॉबिन विलियम्स की आत्महत्या - रचनात्मकता और मानसिक बीमारी के बीच क्या संबंध है?

कमाल के अभिनेता, कॉमेडियन और दुनिया को हंसाने वाले रॉबिन विलियम्स का 63 साल की उम्र में निधन हो गया। दुनिया को खुश करने वाले अभिनेता इस तरह से खुदखुशी करेंगे ये किसी को नहीं पता था। जोकर माने जाने वाले रॉबिन, बाहर से हंसते थे मगर अंदर-ही-अदंर उनका दिल रोता था। वे लंबे समय से डिप्रेशर के शिकार थे।

हालांकि, रचनात्मकता और मानसिक बीमारी के बीच की कड़ी के बारे में पुरानी बहस चलती आ रही है। विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि जो व्‍यक्‍ति रचनात्‍मक व्‍यवहार के होते हैं, उनके अंदर एक उदासी भी बसी होती है। यह एक प्रकार का दानव होता है जो उन्‍हें अंदर ही अंदर खाया करता है।

ग्राहम ग्रीन, अल्बर्ट आइंस्टीन, आइजैक न्यूटन, बर्ट्रेंड रसेल, विन्सेंट वान गाग, विंस्टन चर्चिल और एडगर एलन पो आदि व्‍यक्‍तियों को किसी न किसी प्रकार की मानसिक बीमारियों का सामना करना पड़ा। अगर बात करें फिल्‍मी सितारे और संगीतकार की तो प्रतिभा के धनी माइकल जैक्सन, जिम मॉरिसन, कर्ट कोबेन, जिमी हेंड्रिक्स, जेनिस जोप्लिन और एमी वाइनहाउस की समय से पहले ही मृत्‍यु हो गई थी।

Robin Williams

एक अध्ययन में पाया गया है कि रचनात्मक व्यक्ति, अच्‍छे स्‍वाभाव वाले और सामाजिक कौशल के धनी होने के साथ ही विक्षिप्‍त तंत्रिका रोग से ग्रस्त भी रहते हैं। विशेष रूप से लेखको में अवसाद की स्थिति, ज्‍यादा शराब का सेवन और यौन कुंठा जैसी समस्‍याएं देखने को मिली। यह अध्‍ययन, रचनात्मकता, डिप्रेशन और शराब के बीच आ कर संपन्न हुआ। डिप्रेशन से बचने के 20 उपाय

किये गए दूसरे अध्‍ययन में, लेखकों और कलाकारों के बीच में बाइपोलर डिसऑर्डर (मानसिक विकार) का स्‍वाभावित प्रभाव का निष्कर्ष निकाला गया है। आर्ट की फील्‍ड के लोगों के अंदर बाइपोलर और हाइपोमेनिया के लक्षण साफ दिखाई देने शुरु हो जाते हैं। संकेत जैसे कि गहरी सोंच में डूबे रहना या फिर कुछ ऐसा काम जो उनकी रचनात्‍मकता को सबसे अलग बनाने का हो।

कुछ लोग जो क्रियेटिव फील्‍ड से होते हैं, उन्‍होनें कहीं न कहीं समाजिक उत्‍पीड़न के साथ अन्‍य परेशानियों की पीड़ा सही होती है, जिससे उन्‍हें मानसिक स्वास्थ्य की समस्‍या झेलनी पड़ जाती है। माना जाता है कि एक सकारात्मक मूड द्वारा ही आप तनावपूर्ण माहौल को दूर भगा कर रचनात्‍मकता तक पहुंचने में कामियाबी हांसिल कर सकते हैं। डिप्रेशन एक ऐसी घातक बीमारी है, जिसका पता केवल पीडित को ही चल पाता है। लेकिन इसके लक्षणों को जान कर आप उन लोगों की जान बचा सकते हैं, जो हमें कुछ पल खुशी के देते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, August 13, 2014, 18:13 [IST]
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