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रजोनिवृति के समय ना खाएं ये खाद्य पदार्थ
थकान, वजन बढ़ना, चिड़चिड़ापन और हॉटफ़्लैश आदि में आपकी केक का टुकड़ा या सेकंड मार्टीनी खाने की इच्छा हो सकती है लेकिन रजोनिवृति (मासिक धर्म बंद होना) के समय इनका सेवन सही नहीं है| खाने पीने पर ध्यान देने और व्यायाम करने से आप मासिक धर्म बंद होने या रजोनिवृति के प्रभावों को कम कर सकती हैं|
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रजोनिवृति होने पर शुगर डेज़र्ट्स के स्थान पर फल का सेवन करना जैसी खान पान की बातों का ध्यान रखकर आप अपने स्वास्थ्य और मूड को ठीक कर सकती हैं|

फैटी मीट
यदि सही ध्यान नहीं दिया जाता है तो रजोनिवृति के पहले दो वर्षों में महिलाओं में 8 से 15 पौंड तक वजन बढ़ जाता है| आपकी रोजाना की खुराक में फैट की मात्रा 20 प्रतिशत से कम होनी चाहिए| फैट से आपको दिन की कुल कैलोरीज का 25 से 25 प्रतिशत या इससे कम ही मिलता है| इसके अलावा दिन की कैलोरीज में संतृप्त वसा भी 7 प्रतिशत से कम होनी चाहिए| संतृप्त वसा से कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ता है और दिल की बिमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है| आपको थोड़ा प्रयोग करके देखना चाहिए जैसे बीफ ब्रिस्केट के बजाय ग्रिल्ड चिकन ब्रैस्ट खा सकती हैं|

शुगर
ब्लड शुगर को नियंत्रित कर आप थकान और वजन बढ़ना जैसे रजोनिवृति के लक्षणों से छुटकारा पा सकती हैं| एक बार में शुगर की मात्रा 10 ग्राम से कम ही रखें| हालांकि आप स्माल कूकीज का सेवन कर सकती हैं लेकिन रजोनिवृति की स्थिति में फ्रूट्स खास तौर पर जामुन और वेजेज

सोडियम
खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल करने से हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं होती हैं| स्मोक्ड, ज्यादा नमक और चारब्रॉइल्ड फ़ूड का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए, इनमें नाइट्रेट की ज्यादा मात्रा होती है जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है|

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स
वाइट ब्रेड, पास्ता, राइस, कॉर्न, आदि हाई-कार्बोहाइड्रेट्स वाले खाद्य पदार्थ थकान और चिड़चिड़ेपन जैसे रजोनिवृति वाले लक्षणों को पैदा करते हैं| रजोनिवृति में खास तौर पर अनाजों का और कम कार्बोहाइड्रेट्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए|

कैफीन
कैफीन भी आपको चिड़चिड़ा बनाता है और थकान पैदा करता है, खास तौर पर यदि आप दोपहर बाद इसका सेवन करते हैं तो आपको नींद भी नहीं आती| कैफीन में दूसरी समस्या यह है कि आप इसके साथ शुगर और क्रीम भी लेते हैं जिससे पूरी तरह अस्वास्थ्यकर पेय बन जाता है| रजोनिवृति में हर्बल पेपरमिंट टी या कैफीन फ्री टी का सेवन कर सकते हैं|

एल्कोहल
रजोनिवृति में कभी कभार दोस्तों के साथ एक गिलास वाइन का सेवन करना बुरा असर नहीं डालता है| फिर भी रोजाना दो या इससे ज्यादा ड्रिंक्स लेने से थकान और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण पैदा होते हैं| इसके सेवन से बचे और वाइन स्प्रिटज़र्स जैसा पतला और हल्का पेय बनायें| इसको आप कुछ घंटों के अंतराल में दो ड्रिंक्स में ले सकते हैं|

ज्यादा मिर्च मसाले वाला खाना
स्पाइसी खाना खाने से हॉट फ़्लैश (ज्यादा पसीना आना) जैसी समस्याएं पैदा होती हैं जिससे आपको परेशानी होती है| स्पाइसी खाना खाने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है जिससे पसीना आने लगता है| फिर भी यदि आप स्पाइसी खाना खाने के शौक़ीन हैं तो थोड़ी मात्रा में सेवन कर सकती हैं लेकिन इसके बुरे प्रभावों को ध्यान में रखें|

गर्म खाना
यदि आप हॉट फ्लैशेस की समस्या से ग्रसित हैं तो हॉट सूप जैसे गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें| ऐपिटाइज़र के रूप में आप सूप के बजाय सलाद का इस्तेमाल कर सकती हैं| ठंडी फल सब्जियां ठंडे पानी के साथ सेवन करने से भी हॉट फ्लैशेस की समस्या से निजात मिलती है|



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