Latest Updates
-
Navreh 2026: सुबह उठते ही क्यों देखा जाता है 'चावल और जंत्री'? जानें इस कश्मीरी परंपरा का राज -
Gudi Padwa 2026 Wishes in Marathi: 'नव्या वर्षाच्या हार्दिक शुभेच्छा!' मराठी अंदाज में दें गुड़ी पड़वा की बधाई -
41 की उम्र में मां बनेंगी Divyanka Tripathi, जानें 'लेट प्रेग्नेंसी' में सुरक्षित रहने के जरूरी हेल्थ टिप्स -
Gangaur 2026 Wishes: 'म्हारे माथे री बिंदिया चमकती रहवे...', सखियों को राजस्थानी अंदाज में दें शुभकामना संदेश -
Eid Ka Chand 2026 Live Kab Dikhega: सऊदी अरब में कब दिखेगा ईद का चांद? जानें भारत में कब मनाई जाएगी मीठी ईद -
Gudi Padwa पर गाड़ी खरीदना शुभ है या अशुभ? जानें 2026 में वाहन खरीदने के कुल कितने हैं मुहूर्त -
Navratri Wishes for Husband & Wife: अपने लाइफ पार्टनर को इन भक्तिमय संदेशों के साथ कहें 'शुभ नवरात्रि' -
हरीश राणा को कैसे दी जाएगी 'इच्छामृत्यु'? वेंटिलेटर हटने से लेकर अंतिम सांस तक, मरीज के साथ क्या-क्या होता है? -
Navratri 2026: नवरात्रि के दिनों में न करें 5 गलतियां, वरना माता रानी हो जाएंगी रुष्ट -
Shab-e-Qadr Mubarak 2026: इबादत, मगफिरत और दुआओं की रात, अपनों को भेजें शब-ए-कद्र के ये मुबारक संदेश
नॉनस्टिक बर्तनों में खाना पकाने के 10 खतरे
क्या आप अपने किचेन को नए तरीके से सेट करना चाहती हैं औश्र आप नए बर्तनों को खरीदने को लेकर काफी उत्साहित हैं। आपको लगता है कि आप अपनी किचेन में सारे बर्तन नॉनस्टिक ही रखेगी, जो दिखने में एक ही जैसे होगे। नॉनस्टिक बर्तनों की बाजार में धूम मची हुई है। लेकिन इस तरह के बर्तनों के इस्तेमाल के लाभ और हानि, दोनों होते हैं।
खाना पकाने के 20 सही तरीके
नॉनस्टिक बर्तनों का इस्तेमाल करने से ऑयल कम लगता है, खाना जलता नहीं है और भी बहुत कुछ। लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसे बर्तनों के इस्तेमाल से आपके स्वास्थ्य को कई प्रकार की गंभीर समस्याओं से जूझना भी पड़ सकता है। इन बर्तनों की नॉनस्टिक परत आपके स्वास्थ्य को बदहाल करने के लिए बहुत होती हैं।

1. थॉयराइड:
पीएफओए (पेरु्लूरोटोननिक एसिड), एक प्रकार का घटक होता है और इसके शरीर में पहुंचने पर थॉयरायड होने का खतरा बढ़ जाता है। नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनाने से ये घटक शरीर में पहुंच ही जाता है।

2. कॉग्नीटिव डिस्ऑर्डर:
नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनाने से व्यक्ति के शरीर में ऐसे तत्व पहुंच जाते हैं जिससे कई प्रकार के कॉग्नीटिव डिस्ऑर्डर होने का खतरा हो जाता है।

3. हड्डियों की बीमारी:
नॉनस्टिक बर्तनों में खाना पकाने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।

4. कैंसर:
नॉनस्टिक बर्तन में अधिक पका हुआ खाना ऐसे तत्व रिलीज करता है जिसकी मात्रा शरीर में अधिक होने पर कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है।

5. हार्टअटैक:
कई शोध से पता चला है कि लोहे की बजाय नॉनस्टिक में खाना बनाना दिल के लिए घातक हो सकता है। शरीर में हाई ट्राईग्लेसिराइड बढ़ने से हार्टअटैक आ सकता है जो नॉनस्टिक बर्तनों में भोजन बनाने से शरीर में पहुंच ही जाता है।

6. प्रजजन समस्या:
जी हां, मजाक नहीं है। नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनाने से पीएफओए बढ़ जाता है जिससे प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है या बच्चे में स्वास्थ्य सम्बंध कई विकार हो सकते हैं।

7. इम्यून प्रणाली:
चौंक गए, पर ये सच हैं। शरीर की इम्यून प्रणाली को नॉनस्टिक में बना भोजन बहुत घटा देता है।

8. लिवर:
नॉनस्टिक बर्तन में खाना बनाने से टॉक्सि फ्यूम्स निकलती हैं जो पेट को खराब करने में सक्षम होती हैं।

9. किडनी:
नॉनस्टिक बर्तन के इस्तेमाल से अप्रत्यक्ष रूप से किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कुछ मामलों में आपकी किडनी खराब भी हो सकती है।

10. कोलेस्ट्रॉल का स्तर:
पीएफओए की मात्रा बढ़ने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ जाता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप लोहे की कढ़ाई और तवे व स्टील के बर्तनों का भी इस्तेमाल करें।



Click it and Unblock the Notifications











