Latest Updates
-
गर्मी में टैनिंग से काली पड़ गई है गर्दन? टेंशन छोड़ें और आजमाएं दादी मां के ये 5 अचूक घरेलू नुस्खे -
Apara Ekadashi 2026: 12 या 13 मई, कब रखा जाएगा अपरा एकादशी का व्रत? जानें पूजा विधि और पारण का समय -
Eid-ul-Adha 2026: 27 या 28 मई, भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद? जानें क्यों दी जाती है कुर्बानी -
Mother's Day से पहले सोनम कपूर ने दिया बड़ा सरप्राइज, रिवील किया बेटे का नाम, महादेव से है गहरा नाता -
इन नक्षत्रों में जन्में लोग करते हैं दुनिया पर राज! बनते हैं वैज्ञानिक और लीडर, क्या आपका भी लकी नं 1? -
देश में डेंगू का तांडव, टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! जानें Dengue के लक्षण और बचाव के उपाय -
Mother's Day 2026: मिलिए उन 7 जांबाज 'सुपर मॉम' से जिन्होंने बच्चों के साथ क्रैक किया UPSC, बनीं IAS -
Mother's Day 2026 Wishes For Mother In Sanskrit: मदर्स डे पर देववाणी संस्कृत में कहें अपनी मां को धन्यवाद -
Happy Mother's Day 2026 Wishes: रब से पहले मां का नाम...मदर्ड डे पर अपनी मां को भेजें ये दिल छूने वाले मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 10 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य
नॉनस्टिक बर्तनों में खाना पकाने के 10 खतरे
क्या आप अपने किचेन को नए तरीके से सेट करना चाहती हैं औश्र आप नए बर्तनों को खरीदने को लेकर काफी उत्साहित हैं। आपको लगता है कि आप अपनी किचेन में सारे बर्तन नॉनस्टिक ही रखेगी, जो दिखने में एक ही जैसे होगे। नॉनस्टिक बर्तनों की बाजार में धूम मची हुई है। लेकिन इस तरह के बर्तनों के इस्तेमाल के लाभ और हानि, दोनों होते हैं।
खाना पकाने के 20 सही तरीके
नॉनस्टिक बर्तनों का इस्तेमाल करने से ऑयल कम लगता है, खाना जलता नहीं है और भी बहुत कुछ। लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसे बर्तनों के इस्तेमाल से आपके स्वास्थ्य को कई प्रकार की गंभीर समस्याओं से जूझना भी पड़ सकता है। इन बर्तनों की नॉनस्टिक परत आपके स्वास्थ्य को बदहाल करने के लिए बहुत होती हैं।

1. थॉयराइड:
पीएफओए (पेरु्लूरोटोननिक एसिड), एक प्रकार का घटक होता है और इसके शरीर में पहुंचने पर थॉयरायड होने का खतरा बढ़ जाता है। नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनाने से ये घटक शरीर में पहुंच ही जाता है।

2. कॉग्नीटिव डिस्ऑर्डर:
नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनाने से व्यक्ति के शरीर में ऐसे तत्व पहुंच जाते हैं जिससे कई प्रकार के कॉग्नीटिव डिस्ऑर्डर होने का खतरा हो जाता है।

3. हड्डियों की बीमारी:
नॉनस्टिक बर्तनों में खाना पकाने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।

4. कैंसर:
नॉनस्टिक बर्तन में अधिक पका हुआ खाना ऐसे तत्व रिलीज करता है जिसकी मात्रा शरीर में अधिक होने पर कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है।

5. हार्टअटैक:
कई शोध से पता चला है कि लोहे की बजाय नॉनस्टिक में खाना बनाना दिल के लिए घातक हो सकता है। शरीर में हाई ट्राईग्लेसिराइड बढ़ने से हार्टअटैक आ सकता है जो नॉनस्टिक बर्तनों में भोजन बनाने से शरीर में पहुंच ही जाता है।

6. प्रजजन समस्या:
जी हां, मजाक नहीं है। नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनाने से पीएफओए बढ़ जाता है जिससे प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है या बच्चे में स्वास्थ्य सम्बंध कई विकार हो सकते हैं।

7. इम्यून प्रणाली:
चौंक गए, पर ये सच हैं। शरीर की इम्यून प्रणाली को नॉनस्टिक में बना भोजन बहुत घटा देता है।

8. लिवर:
नॉनस्टिक बर्तन में खाना बनाने से टॉक्सि फ्यूम्स निकलती हैं जो पेट को खराब करने में सक्षम होती हैं।

9. किडनी:
नॉनस्टिक बर्तन के इस्तेमाल से अप्रत्यक्ष रूप से किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कुछ मामलों में आपकी किडनी खराब भी हो सकती है।

10. कोलेस्ट्रॉल का स्तर:
पीएफओए की मात्रा बढ़ने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ जाता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप लोहे की कढ़ाई और तवे व स्टील के बर्तनों का भी इस्तेमाल करें।



Click it and Unblock the Notifications