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जिम या योग - जाने किसमें कितना है दम

कुछ लोगों के मन में ये सवाल होता है कि योगा बेहतर है या जिम। क्या आप के मन में भी ऐसा ही संशय है। ऐसे अनेकों कारण हैं जो साबित करते हैं कि योगा जिम से बेहतर है।
यदि फिटनेस की बात करें तो योगा के साथ बड़े पैमाने पर लचीलापन, शरीर में रंगत, एक निश्चित मजबूती पाई जा सकती है। ध्यान और सांस से सम्बंधित व्यायाम भी योगा का ही हिस्सा हैं।
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1. दिमाग, शरीर और आत्मा तीनों के लिए फायदेमंद है योगा
योगा जहाँ एक ओर शरीर को रंगत प्रदान करता है वहीं दूसरी तरफ यह आत्मा को भी जागृत करता है और एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। जिम में किया गया वर्क आउट केवल शारीरिक रूप से ठीक हैं इसके मानसिक और आत्मिक फायदे कम हैं।

2. योगा अंदर और बाहर दोनों तरह से फायदेमंद है
योगा के दौरान शरीर को घुमाना, खींचना और मोड़ना आदि क्रियाएँ पाचन तंत्र, संचार तंत्र, लसीका तंत्र आदि के लिए लाभकारी है। यह शरीर से जहरीले पदार्थों को निकालकर आपके कार्डिओवैस्कुलर सिस्टम (हृदय तंत्र) को ठीक रखता है। यह मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है। जिम वर्कआउट केवल मांसपेशियों को मजबूत और कार्डिओ को ठीक करती है।

3. योगा से खुद पर विश्वास बढ़ता है
योगा से आप अपनी कमजोरियों और शक्तियों का सही आंकलन कर पाते हो। यह सही कहा गया है कि योगा केवल खुद में सुधार करने के लिए नहीं है बल्कि यह आत्म-विश्वास भी बढ़ाता है। बूट कैंप और स्टाइल क्लासेज जैसी जिम क्लासेज में यदि आप अच्छा नहीं कर पाते हैं तो आपका आत्म-विश्वास डगमगा जाता है।

4. योगा से खुद पर ध्यान केंद्रित होता है
बहुत से योगा केन्द्रों में कांच नहीं होते हैं जिससे आप अपने शरीर पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। इसमें आपको पता रहता है कि आपका हर अंग और हर मांसपेशी क्या कर रही है। जबकि जिम में कांच लगे होते हैं इससे आपको यह चिंता रहती है कि दूसरे आपको देख रहे होंगे और आप भी दूसरों को देखने लग जाते हो।

5. योगा आपको दुबला रखता है
मांसपेशियों को खींचकर आप उन्हें बढ़ाते हैं इसलिए इससे आपका शरीर दुबला दिखता है। जिम वर्कआउट में आप वजन उठाते हैं इसलिए मांसपेशियां फूलती हैं।

6. योगा ज्यादा कारगर है
योगा आपके शरीर पर निर्भर है क्योंकि इसमें आप शरीर को खींचकर लम्बा करते हो। जिम में आप वजन उठाते हैं जब कि योगा में आप शरीर के वजन का ही इस्तेमाल करते हैं इससे शरीर में रंगत आती है और यह मजबूत होता है। वजन या भारी उपकरण इस्तेमाल करने से मांसपेशियां अलग-अलग हो जाती हैं जिससे ये आपको फायदा पहुंचाने के लिए संयुक्त की बजाय अलग-अलग काम करती हैं और समय ज्यादा लगता है।

7. योगा कहीं भी किया जा सकता है
योगा स्टूडियो में योगा करना एक अलग अनुभव है लेकिन फिर भी आप योगा को घर पे, बाहर या फिर छोटी सी जगह में भी कर सकते हैं। योगा के लिए आपको केवल 6 फ़ीट बाय 4 फ़ीट जगह चाहिए। जिम में ज्यादा जगह और ज्यादा उपकरण चाहियें।

8. योगा शरीर के लिए सही है
ऐसा नहीं है कि योगा करने में जोर नहीं आता है। यदि कोई आष्टांग कर रहा हो तो उससे पूछे कि यह कितना कठिन है। योगा से शरीर में गर्मीं पैदा होती है और मांसपेशियों में जोर पड़ता है लेकिन इसमें आप उतना ही करते हैं जितना कि आपका शरीर कर सकता है। जब कि जिम में आप ज्यादा वजन उठाते हैं जिससे जोड़ों पर दबाव पड़ता है और चोट भी लग सकती है। योगा में आप शरीर को एक मुद्रा में खींचते हैं इसलिए शरीर अगली मुद्रा के लिए तैयार रहता है।

9. योगा आपके दर्द को आसान बनाता है
जिम में शायद दर्द ज्यादा होता है। आप धीरे-धीरे मांसपेशियों को खींचते हैं और ऊर्जा शरीर में लेते हैं। मांसपेशियों का लचीलापन और लुब्रिकेंट शरीर को स्वस्थ रखता है। वजन उठाने और ट्रेडमिल पर दौड़ने से खिंचाव ज्यादा होता है जिससे चोट भी लग सकती है।

10. योगा आपको खुली सांस लेने में मदद करता है
तनाव के समय हम ठीक प्रकार से सांस नहीं लेते हैं और लेते हैं तो भी उथले सांस लेते हैं। गहरी सांस के बिना सही तरह सोचा नहीं जा सकता है। योगा में हम सांस को महत्व देते हैं और जिससे जरूरत के समय हम गहरी सांस ले पाते हैं।

11. योगा एक शांत व्यायाम है
योगा के दौरान हम शांत रहे हैं और हम आराम की स्थिति महसूस करते हैं। योगा में जिम की तरह कराहना, डंबल्स का गिरना, दाँत भींचना, मुह बनाना जैसी उत्तेजक चीजें नहीं होती हैं। योगा का मुख्य उद्देश्य शरीर और दिमाग से टेंशन को दूर करना है।

12. योगा से तनाव दूर होता है
बहुत सी योगा क्लासेज में ध्यान या सवासन जरूर किया जाता है। इससे आप दिन भर के तनाव को भूल जाते हैं। अभ्यास के साथ तनाव की स्थिति से आसानी से लड़ा जा सकता है और तनाव के स्तर को कम किया जा सकता है। जिम में एक दूसरे से ज्यादा व्यायाम करने की प्रतिद्वंदीता, गानों की तेज आवाज और चमकती लाइट्स आपके तनाव को बढ़ा सकती हैं।

13. योगा कोई भी कर सकता है
आपकी उम्र और स्वास्थ्य से योगा प्रभावित नहीं होता है, इसे कोई भी कर सकता है। पार्किंसंस से लेकर कैंसर तक किसी भी बीमारी वाला व्यक्ति योगा कर सकता है। बीमार या ज्यादा उम्र वाला वाला व्यक्ति जिम में वर्कआउट नहीं कर सकता है।

14. योगा से ध्यान केन्द्रित होता है
योगा के दौरान आप सांस, मुद्रा और एक टक देखने पर केन्द्रित करते हैं। बाहर का कोई व्यवधान आपको परेशान नहीं करता है। जब कि जिम में तेज म्यूजिक, टीवी आदि के कारण आपका ध्यान भंग होता है और आप ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते हैं।

15. योगा करने वाले ज्यादा खुश और मजे में रहते हैं
दोस्तों! हम योगा करने वाले जिम जाने वालों की तुलना में ज्यादा खुश रहते हैं। हम एक ऐसे वातावरण में रहते हैं जहां एक दूसरे से जल्दी ही घुल मिल जाते हैं। इसमें ऐसा कोई नहीं होता कि कौनसी मुद्रा कौन ज्यादा देर तक करेगा। योगा में चारों और एक मधुर संगीत जैसा ही माहौल होता है।



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