नकारात्मक भावनाएं कैसे पहुँचाती हैं शरीर को नुकसान

Posted By: Staff
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क्या आप जानते हैं कि भावनाएं किस प्रकार आपके शरीर को प्रभावित करती हैं? खैर, इसका तर्क बहुत सरल है। मन और शरीर जुड़े हुए हैं। दोनों एक दूसरे को प्रभावित करते हैं।

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भावनाएं आपके शरीर को नुकसान कैसे पहुँचाती हैं? बहरहाल, सकारात्मक भावनाएं खुशनुमा रसायन और नकारात्मक भावनाएं स्ट्रेस हार्मोन और एड्रेनालाईन रिलीज़ करती है।

हालांकि, वे पूरी तरह से नकारात्मक नहीं होते लेकिन, इनके रिलीज़ होने पर आपका शरीर तनाव में आ जाता है। इसलिए, यह एक वैज्ञानिक तथ्य है कि नकारात्मक भावनाएं शरीर को प्रभावित करती हैं।

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जब हमारे पूर्वजों ने बार-बार हमें तनाव कम करने और एक आरामदायक जीवन का आनंद लेने को कहा, तब हम उन्हें लगातार अनसुना करते रहें लेकिन, आज विज्ञाान ने यह साबित कर दिया है कि मन और शरीर के बीच वास्तव में एक कड़ी है।

यह जानने के लिए आगे पढ़े ----

 क्रोध जिगर को कमज़ोर करता है

क्रोध जिगर को कमज़ोर करता है

विषेशज्ञों का मानना है कि क्रोध जिगर के लिए स्वास्थ्यकर नहीं है। क्रोध के कारण अपच, दस्त और यहाँ तक कि महिलाओं में मासिक धर्म के मामलों में गड़बड़ हो सकती है। जब आप क्रोध को दबाते हैं तो, यह आपके जिगर को भी प्रभावित कर सकता है।

 चिंता आपकी तिल्ली को डिस्टर्ब करती है

चिंता आपकी तिल्ली को डिस्टर्ब करती है

थकान और अपच हो सकती है। ऐसी भावना से आपके पेट के पास स्थित तिल्ली भी प्रभावित हो सकती है।

खुशी आपके हृदय को प्रभावित करती है

खुशी आपके हृदय को प्रभावित करती है

जी हाँ, उत्तेजना के चरम स्तर से कभी-कभी आपके दिल को झटका लग सकता है। तनाव का मूल कारण सकारात्मक हो अथवा नकारात्मक; चिंता, अनिद्रा और हृदय रोग जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

अतिवादी सोच

अतिवादी सोच

किसी मामले के कारण यदि आपकी नींद कम हो रही है तो आपकी तिल्ली भी प्रभावित हो सकती है। आपको भूख संबंधी परेशानी हो सकती है और आपकी त्वचा पीली हो सकती है।

 भय से आपके गुर्दे को खतरा हो सकता है

भय से आपके गुर्दे को खतरा हो सकता है

जब आप डर जाते हैं, तो आपका पेशाब निकल सकता है, सही? चिंता और डर के चरम स्तर सीधे आपके गुर्दों पर तनाव डालते हैं क्या आप यह जानते हैं कि भविष्य को लेकर आपकी चिंता आपके गुर्दों को नुकसान पहुँचा सकती है।

अत्यधिक उदासी आपके फेफड़ों को प्रभावित करती है

अत्यधिक उदासी आपके फेफड़ों को प्रभावित करती है

आपकी उदासी भी आपके फेफड़ों को प्रभावित कर सकती है। आप उदास, थकान या सांस लेने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं, आपका रोने का मन हो सकता है।

 हंसी तनाव को कम करती है

हंसी तनाव को कम करती है

हंसने से आपका तनाव कम हो जाता है; प्यार से आपका डर दूर हो जाता है और खुश होने पर आपका डिप्रेशन कम हो जाता है। तो, आपने जाना कि किस प्रकार सकारात्मक भावनाएं आपका जीवन बचा सकती हैं और आपकी जिंदगी में साल जोड़कर उसे बढ़ा सकती है। इस बारे में अपने विचार हमसे सांझा करें।


Story first published: Wednesday, September 2, 2015, 14:55 [IST]
English summary

How Negative Emotions Harm Your Body

Do you know how emotions affect your body? it is a scientific fact that negative emotions affect the body.
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