Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
गंदे शौचालय के इस्तेमाल से होने वाले इन्फेक्शन
सार्वजनिक शौचालय में अत्यधिक मात्रा में छुपे हुये कीटाणु होते हैं। यह कितना ही साफ हो, इसमें रोजाना इतने लोग आते हैं इसलिए यह पूरी तरह साफ नहीं रह सकता।
इन सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोग भी करते हैं। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं है कि ऐसे गंदे टॉइलेट्स में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
READ: ना करें सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग नहीं तो लग सकती हैं ये बीमारियां
हमेशा सूखे और साफ शौचालय इस्तेमाल करें। लेकिन इसके साथ ही आपको अपनी स्वच्छता का भी ध्यान रखना है। केवल इस सीट पर बैठने से ही आप बीमार नहीं पड़ते हैं, इसका कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ता यदि आपके कोई खुला घाव ना हो।
लेकिन इन दरवाजों के हैंडल्स से हेपेटाइटिस ए जैसी बीमारियाँ फैल सकती हैं। जब भी आप इन शौचालयों का इस्तेमाल करें तो अच्छे सैनिटाइजर से हाथ धो लें।
READ: कब्ज से छुटकारा पाने के 15 घरेलू उपचार
जब आप सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं तो साफ बाथरूम काम में लें। गंदा बाथरूम इस्तेमाल न करें क्यों कि इनमें बहुत से संक्रमण होते हैं। आपको इनमें सावधानी रखने की आवश्यकता है, खासतौर पर बच्चों को। यदि आप जानना चाहते हैं कि गंदे शौचालयों से कितने प्रकार के इन्फेक्शन फैल सकते हैं तो आगे लिस्ट देखें।

स्ट्रेप्टोकोकस संक्रमण
इसे स्ट्रेप के रूप में जाना जाता है और एक प्रकार का बैक्टीरिया है। यह गंदे शौचालयों के इस्तेमाल से फैल सकता है। इससे स्ट्रेप थ्रोट (गले में संक्रमण), स्कार्लेट फीवर (लाल सुर्ख बुखार) और त्वचा का संक्रमण आदि हैं। इनसे मूत्र मार्ग में संक्रमण, रक्त में संक्रमण और निमोनिया भी पैदा सकता है।

हेपेटाइटिस ए संक्रमण
यह इन गंदे शौचालयों से होने वाला मुख्य संक्रमण है। बुखार, उल्टी और पेट में ऐंठन आदि इसके लक्षण हैं। ये संक्रमित लोगों के मल से फैलते हैं। एक ही बाल्टी या मग इस्तेमाल करने से भी ये फैलते हैं।

सर्दी जुकाम
यह भी गंदे शौचालयों से होने वाला वायरस इन्फेक्शन है। घर पर भी हम देखते हैं कि एक जने को बुखार होने पर सबको हो जाता है। सार्वजनिक शौचालयों के साथ भी ऐसा ही है। सिर दर्द, बुखार और नाक का रुकना और बहना आदि भी इस इन्फेक्शन के लक्षण हैं।

स्टाफीलोकोकस संक्रमण
इसे स्टफ इन्फेक्शन के रूप में जाना जाता है। कई बैक्टीरिया हैं जो कि अनेक बीमारियों का कारण बनते हैं। इनसे प्रत्यक्ष संक्रमण होता है जो कि कई महीनों के लिए आपको बीमार कर सकता है। और ये बैक्टीरिया सार्वजनिक शौचालय में मिलते हैं। इसलिए जब आप अगली बार सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करें तो ध्यान रखें।

ई-कोलाई इन्फेक्शन
गंदे शौचालयों से होने वाले इन्फेक्शन में ई-कोलाई बैक्टीरिया इन्फेक्शन भी प्रमुख है। इस प्रकार के इन्फेक्शन में आपको खूनी दस्त, पेट में ऐंठन और उल्टी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इस तरह के इन्फेक्शन से छुटकारा पाने में आपको एक सप्ताह का समय लगेगा। दरवाज़े के हैंडल पर इन बैक्टीरिया की अधिकता होती है



Click it and Unblock the Notifications
