Latest Updates
-
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जानें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बारे में सबकुछ -
CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद शबाना आजमी को हुआ स्वाइन फ्लू, जानें इस बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय
अध्ययन में खुलासा नाइट शिफ्ट वालों को कैंसर का खतरा
(आईएएनएस)| रात की शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में गलत समय में सेक्स हॉर्मोन की अधिकता कैंसर का कारण बन सकती है। एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है।
READ: नाइट शिफ्ट में काम करने वालों के लिये हेल्थ टिप्स
हॉर्मोन के बदलाव के कारण नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को स्तन तथा प्रोस्टेट कैंसर का खतरा अधिक होता है। नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को कैंसर के खतरे के बारे में पता था, लेकिन इसका कारण स्पष्ट नहीं था।

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेन में बार्सिलोना के पोंप्यू फाब्रा युनिवर्सिटी के अध्ययन के मुताबिक, गलत समय पर इस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन जैसे सेक्स हॉर्मोन की अधिकता कैंसर का कारण हो सकती है।
शोध के लिए नाइट शिफ्ट में काम करने वाले 75 तथा दिन की शिफ्ट में काम करने वाले 42 व्यक्तियों का चयन किया गया और उनके मूत्र में हॉर्मोन के स्तर की जांच की गई।
पत्रिका 'कैंसर एपिडेमियोलॉजी, बायोमार्कर एंड प्रीवेंशन' (सीईबीपी) में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक,"दिन की शिफ्ट में काम करने वालों की तुलना में नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में हमने प्रोजेस्टाजेंस तथा एंड्रोजेंस की अधिकता पाई, साथ ही एंड्रोजेन के निर्माण में विलंब भी देखा गया।"
READ: कैसे बढ़ाएं अपना मेल हार्मोन?
नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में गलत समय जैसे सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक सेक्स हॉर्मोन जैसे टेस्टोस्टेरॉन की अधिकता पाई गई, जबकि इसका सही समय सुबह छह बजे से सुबह 10 बजे तक है।
अध्ययन के मुताबिक, "नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में अधिक तथा वेवक्त सेक्स हॉर्मोन का निर्माण हॉर्मोन से संबंधित कैंसर का कारण हो सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications