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क्रिकेट खेलते समय रखें इन काम की बातों का ध्यान
गर्मियों की छुट्टियाँ आते ही भारत में लोग सबसे ज्यादा जो खेल खेलते हैं वो है क्रिकेट। चाहे बच्चे हों या बड़े, सब बैट और बॉल लेकर मैदान का रुख कर लेते हैं।
क्रिकेट एक आउटडोर गेम है जिसे खेलने के लिए मैदान में तो जाना ही पड़ेगा। अब ऐसी गर्मी में मैदान में गए नहीं कि धूल, मिट्टी, हाइड्रेशन और चोट जैसी अनेक समस्याएँ सामने आएंगी।
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आज हम आपको बताएंगे कि खिलाड़ी और दर्शक गर्मी में सूरज की तेज धूप, चोट, और डीहाइड्रेशन से कैसे बच सकते हैं।

क्रिकेट में होने वाली कुछ सामान्य चोटें
क्रिकेट के दौरान होने वाली कुछ चोटें खिंचाव, मोच, फ़ेक्चर, थकान,घाव आदि है। इनमें से अधिकतर चोटों में शरीर का ऊपरी भाग, खास तौर पर हाथ और उँगलियाँ प्रभावित होती हैं। खेल के दौरान गिरने से चेहरे, उँगलियाँ, हाथ आदि ऐसी जगह हैं जहां चोट लगने पर खास तौर पर हॉस्पिटल में भर्ती ही होना पड़ता है। बॉलर्स को कंधे और कमर से संबन्धित चोटें ज्यादा लगती हैं।

चोट से कैसे बचें?
- हमेशा तैयार रहें
- सही गियर पहनें
- खेल के वातावरण को सुरक्षित रखें
- अपने बारे में खेल के बारे में पूरी जानकारी रखें
- नियमित रूप से ट्रेनिंग लेते रहें ताकि शरीर खेल के लिए पूरी तरह तैयार रहे
- खेलने से पहले वार्म अप और स्ट्रेच करें
- खेलने के बाद कूल डाउन और स्ट्रेच करें
- ध्यान रहे कि आप पूरी तरह हायड्रेटेड रहें। इसके लिए खूब पानी पिये।
- हर बार कस्टम फिटिड माउथ गार्ड यानि हेलमेट जरूर लगाएँ
- ट्रेनिंग और खेल के दौरान सुरक्षा उपकरण पहनें
- बैटिंग के समय ग्लव्स, लैग पैड, बॉक्स, फॉर आर्म गार्ड आदि पहनें
- मुंह और सिर की सुरक्षा के लिए बैटिंग करते समय, कीपिंग करते समय और नजदीक फील्डिंग करते समय हेलमेट जरूर पहनें
- यदि आपको पहले चोट लग चुकी है तो अपने डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से उचित सुरक्षा उपकरण की सलाह लें।
- पत्थर, पानी आदि हटा दें और सतह को समतल कर दें
- ध्यान रहे कि आपकी पिच भी साफ सुथरी रहे
- नेट प्रेक्टिस के दौरान ये देख लें कि आपका नेट बॉल को रोकने में पर्याप्त है या नहीं
- सन स्क्रीन और हैट लगाएँ
- खेल से पहले, खेलते समय और बाद में पानी खूब पिये
- ज्यादा गर्मी या गीला होने पर ना खेलें, हो सके तो मैच स्थगित कर दें
- अनुभवी डॉक्टर, आइस पैक, स्ट्रेचर आदि हर समय उपलब्ध हो
- आपके पास आपातकालीन फोन नंबर उपलब्ध होने चाहिए
- यदि खिलाड़ी चोटिल है या खून आ रहा है तो उसे तुरंत मैदान से बाहर कर दें
- अनुभवी डॉक्टर से तुरंत मदद लें
- चोट के बाद दुबारा खेलने से पहले ध्यान रहे कि आपकी चोट पूरी तरह ठीक हो
- गंभीर चोट लगने पर कम से कम तीन महीने तक पट्टी बाँधें
- डॉक्टर
- 000, 108 या अन्य एम्बुलेंस सेवाओं का नंबर याद रखें और जरूरत पड़ने पर मदद लें
- स्पोर्ट्स फिजीशियन
- फिजियोथेरेपिस्ट

इन बातों का रखें ख्याल

ध्यान रखें...

मैदान का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है, इसके लिए इन चीजों पर ध्यान दें...

क्रिकेट खेलने के अन्य सुरक्षा टिप्स...

क्रिकेट के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं पर तुरंत ध्यान दें...

आपकी मदद का मुख्य जरिया...

याद रखने योग्य बातें...
1. क्रिकेट के दौरान होने वाली कुछ चोटें खिंचाव, मोच, फ़ेक्चर, थकान,घाव आदि है। इनमें से अधिकतर चोटों में शरीर का ऊपरी भाग, खास तौर पर हाथ और उँगलियाँ प्रभावित होती हैं।
2. क्रिकेट मुख्यतः बहुत घंटों तक गर्मी में खेला जाता है इसलिए खिलाड़ियों को डिहाइड्रेशन, गर्मी, धूप से बचना बहुत जरूरी है।
3. खेल की सही तकनीक और सही उपकरण से चोटों से बचा जा सकता है।



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