Latest Updates
-
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: कितने पढ़े-लिखे हैं असम के CM हिमंता बिस्व सरमा? नेट वर्थ जानकर दंग रह जाएंगे आप -
Thalapathy Vijay Family Tree: क्या है थलापति विजय का असली नाम? जानें उनकी पत्नी, बच्चों और फैमिली के बारे में -
Birthday Wishes For Bhai: मेरी ताकत और बेस्ट फ्रेंड हो तुम, भाई के बर्थडे पर बहन की ओर से ये अनमोल संदेश -
Pulmonary Hypertension: क्या होता है पल्मोनरी हाइपरटेंशन? जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज -
PM Modi के 'अंग, बंग और कलिंग' उद्घोष का क्या है अर्थ? जानें कर्ण की धरती से अशोक के शौर्य तक की पूरी कहानी -
आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में आम खाने के पहले जरूर करें ये काम, नहीं होगी शुगर-मोटापा और पिंपल्स की समस्या -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए लीची, वरना स्वाद सेहत पर पड़ जाएगा भारी -
बच्चों को ऑटिज्म का शिकार बना रही मोबाइल फोन की लत, AIIMS की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा -
क्या Thalapathy Vijay दोहरा पाएंगे MGR व जयललिता का इतिहास? वो 4 सितारे जो बने तमिलनाडु के CM
सावधान! प्रदूषित हवा से किडनी बेकार, स्टडी का खुलासा
क्या आपको बिलकुल भी अंदाजा है कि वायु प्रदूषण से आपकी किडनियां खराब हो सकती हैं। जी हां, यह चौंकाने वाली बात है लेकिन सच है। वायु प्रदूषण के प्रभाव के कारण, मनुष्य की किडनी पर गहरा असर पड़ता है। तथ्यों से यह स्पष्ट हुआ है कि वायु प्रदूषण, झिल्लीदार नेफ्रोपैथी के विकास के चांसेस को बढ़ा देती है जिसकी वजह से किडनी में दिक्कत आ जाती है।
ABOF End Of Season Sale! Get Upto 60% Off on Fashion Wear For Both Men and Women!
पिछले कुछ अध्ययनों में यह बात निष्कर्ष में सामने आई है कि वायु प्रदूषण के प्रभाव में आने से व्यक्ति को श्वास सम्बंधी रोग और ह्दय सम्बंधी रोग हो जाते हैं। उस समय तक किडनी के बारे में किसी को ख्याल तक नहीं आया था।

लेकिन कुछ दिनों पहले, एक टीम ने किडनी बायोप्सी पर डेटा को इक्ट्ठा किया और 11 साल के कुल 71,151 रोगियों पर रिसर्च की, इसके लिए शोधकर्ताओं को पूरे चीन के 282 शहरों में सैर करनी पड़ी और तथ्यों की पड़ताल करनी पड़ी व डेटा को इक्ट्ठा करना पड़ा।

इस 11 साल के रोगियों पर किए गए अध्ययन से स्पष्ट हो गया कि हर साल किडनी के रोगों से ग्रसित मरीजों की संख्या में 13 प्रतिशत का इजाफा होता जा रहा था। यानि कहीं न कहीं यह किसी बढ़ते कारक के कारण ही संभव है।

बाद में जब इस कारक की जांच की गई तो प्रदूषण ही इसका प्रमुख कारक निकला। रिसर्च में यह बात सामने आ गई कि प्रदूषण के कारण, शहरों में लोगों को गांवों की अपेक्षा ज्यादा किडनी सम्बंधी बीमारियां होती आ रही हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications