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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: योग से जुड़े कुछ तथ्य और इसके लाभ
योग क्या है?
योग की शुरुआत आज से हजारों साल पहले भारत में आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से हुई। आज लोग अपने शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के लिए योग करते हैं।
योग के कई रूप हैं जैसे कि शारीरिक मुद्राएं, सांस से संबन्धित व्यायाम और ध्यान आदि। ये मुद्राएं 5000 साल पुराने आध्यात्मिक अनुशासन और मान्यता पर आधारित हैं।

क्या योग के अलग-अलग प्रकार हैं?
योगा के कई तरीके हैं जैसे कि हठ, अयंगर, और अष्टांग और हर में एक अलग चीज पर ज़ोर दिया गया है। हठ योग मुख्यतः पश्चिमी देशों में किया जाता है, जिसमें सांस से संबन्धित व्यायाम, मुद्राएं, ध्यान-आराम आदि शामिल हैं।

अयंगर योग इससे थोड़ा कठिन हैं, इसकी मुद्राओं से शरीर मजबूत होता है और शरीर के अंग व रीड की हड्डी का अलाइनमेंट सही होता है। अष्टांग या "पावर योगा" में भी हठ योग की मुद्राएं ही आती हैं लेकिन इनमें शारीरिक क्रिया ज्यादा होती है।

योग के फायदे क्या हैं?
योग से मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, शरीर में सही संतुलन और लचीलापन आता है, रक्त संचार सही होता है और जीवन में उत्साह बढ़ता है। यह तनाव दूर करने का सबसे अच्छा तरीका हैं।
नियमित रूप से योग करने पर ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, सिरदर्द, गठिया, तनाव, अनिद्रा, चिंता आदि दूर करने में भी योग कारगर है। चूंकि योग से आपका शरीर लचीला हो जाता है इससे चोट कम पहुँचती है और आप ज्यादा गतिविधियां कर पाते हैं।

मेरा शरीर ज्यादा लचीला नहीं है, क्या मुझे योग करना चाहिए?
हाँ क्यों नहीं, हर कोई योग कर सकता है, शुरू में आपकी मुद्राएं कुछ गलत हो सकती हैं, लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे शरीर में लचीलापन आ जाता है।

मैं प्रेग्नेंट हूँ या कोई बीमारी है तो क्या मैं योग कर सकता/सकती हूँ?
यदि सही तरह किया जाये तो योग बहुत सुरक्षित है। योग का प्रशिक्षण देने वाले अपने योग गुरु को आप अपनी मेडिकल या प्रेग्नेंसी की स्थिति बता दें। एक अनुभवी प्रशिक्षक आपको उसी स्थिति में करने की मुद्राएं सिखा देगा।

मुझे योग कितनी देर करना चाहिए?
एक सप्ताह में कम से कम 60 मिनट योग जरूर करें। सप्ताह में 2 से 3 बार 45 मिनट से 1 घंटे तक योग करना शरीर के बेहद फायदेमंद है। दूसरा विकल्प है रोजाना 15 मिनट योग करना। जितना ज्यादा योगाभ्यास करेंगे, उतना ही फायदा मिलेगा।

यह कितना सुरक्षित है?
योग करना सामान्य रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन शुरू में जितना शरीर से हो सके उतना ही करें, अनावश्यक रूप से शरीर को खींचने की कोशिश ना करें।
यदि आपको कमर, घुटने या अन्य किसी जगह दर्द है तो पहले डॉक्टर की सलाह ले लें, क्यों कि कुछ मुद्राओं में आपको चोट पहुँच सकती है। और साथ ही अपने प्रशिक्षक को भी अपनी क्षमता और सीमा बता दें ताकि वो आपको एक मुद्रा के विकल्प में दूसरी मुद्रा का अभ्यास कराएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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