Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत
दमा के लिए अचूक जानू शीर्षासन योगा
दमा यानि अस्थमा को लाइलाज बीमारी माना जाता है; लेकिन अगर रोगी नियमित रूप से योगासनों को करें, तो उसे इस लाइलाज बीमारी से मुक्ति मिल सकती है।
अस्थमा को दूर करने के लिए बोल्डस्काई के इस आर्टिकल में हम आपको जानू यानि घुटनों और सिरसा यानि सिर से मिलकर बने योगासन जानू शीर्षासन के बारे में बताएंगे। यह आसन काफी फायदेमंद है और सांस सम्बंधी रोगों में आराम दिलाता है।

इस आसन को करने के चरण:
1. सबसे पहले अपनी टांगों को आगे लाएं और अपने कूल्हों के नीचे कम्बल को मोड़कर रखें, अगर आवश्यकता हो तभी ऐसा करें। इसके बाद, गहरी सांस लें, दाएं घुटने को मोढ़ते हुए दाएं एड़ी को अंदर की लाएं और बाईं जांघ को भीतर की ओर से छुएं। इस दौरान, बाईं जांघ जमीन पर होनी चाहिए। अगर आपको शुरूआत में इसे करने में दिक्कत होती है तो एक कम्बल रखकर करना शुरू करें।
2. जब आपका बायां हाथ, जमीन पर आराम कर रहा हो, तो दाएं हाथ को उठाकर दाईं ओर कमर पर रखें। अब सांस छोडें और अपने आपको नाभि को ओर झुकाएं। इस स्थिति में कुछ सेकेंड के लिए रूक जाएं।

3. अब अपने हाथों को खोल दें, अपने सामने ले आएं और दाएं पैर को धड़ के सामने तक उठाएं। अपने कूल्हों को न हिलाएं और न ही डगमगाएं।
4. आगे की ओर बढ़ते हुए, अपने आपके शरीर को सहज रूप से स्ट्रेच करें। अपने फेफड़ों में हवा भरें और निकालें। अपने निचले पेट के जांघों से टच करें। फिर अपने सिर को टच करें। इस स्थिति में दो मिनट ठहरें।

इस आसन के लाभ:
- तनाव दूर होता है। दिमाग को शांति मिलती है।
- पेट में अतिरिक्त चर्बी दूर हो जाती है।
- कमर में होने वाला दर्द दूर हो जाता है।
- किडनी और लिवर का क्रियान्वन सुचारू रूप से होने लगता है।
- रक्तचाप सही रहता है।
- अस्थमा और साइनस में आराम मिलता है।
- पाचन क्रिया भी दुरूस्त रहती है।
सावधानी : गर्भवती महिलाओं को तीन माह के बाद इस योगासन को नहीं करना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
