दमा के लिए अचूक जानू शीर्षासन योगा

By Super

दमा यानि अस्‍थमा को लाइलाज बीमारी माना जाता है; लेकिन अगर रोगी नियमित रूप से योगासनों को करें, तो उसे इस लाइलाज बीमारी से मुक्ति मिल सकती है।

अस्‍थमा को दूर करने के लिए बोल्‍डस्‍काई के इस आर्टिकल में हम आपको जानू यानि घुटनों और सिरसा यानि सिर से मिलकर बने योगासन जानू शीर्षासन के बारे में बताएंगे। यह आसन काफी फायदेमंद है और सांस सम्‍बंधी रोगों में आराम दिलाता है।

Janu Sirsasana

इस आसन को करने के चरण:

1. सबसे पहले अपनी टांगों को आगे लाएं और अपने कूल्‍हों के नीचे कम्‍बल को मोड़कर रखें, अगर आवश्‍यकता हो तभी ऐसा करें। इसके बाद, गहरी सांस लें, दाएं घुटने को मोढ़ते हुए दाएं एड़ी को अंदर की लाएं और बाईं जांघ को भीतर की ओर से छुएं। इस दौरान, बाईं जांघ जमीन पर होनी च‍ाहिए। अगर आपको शुरूआत में इसे करने में दिक्‍कत होती है तो एक कम्‍बल रखकर करना शुरू करें।

2. जब आपका बायां हाथ, जमीन पर आराम कर रहा हो, तो दाएं हाथ को उठाकर दाईं ओर कमर पर रखें। अब सांस छोडें और अपने आपको नाभि को ओर झुकाएं। इस स्थिति में कुछ सेकेंड के लिए रूक जाएं।

Janu Sirsasana1

3. अब अपने हाथों को खोल दें, अपने सामने ले आएं और दाएं पैर को धड़ के सामने तक उठाएं। अपने कूल्‍हों को न हिलाएं और न ही डगमगाएं।

4. आगे की ओर बढ़ते हुए, अपने आपके शरीर को सहज रूप से स्‍ट्रेच करें। अपने फेफड़ों में हवा भरें और निकालें। अपने निचले पेट के जांघों से टच करें। फिर अपने सिर को टच करें। इस स्थिति में दो मिनट ठहरें।

Janu Sirsasana2


इस आसन के लाभ:
  • तनाव दूर होता है। दिमाग को शांति मिलती है।
  • पेट में अतिरिक्‍त चर्बी दूर हो जाती है।
  • कमर में होने वाला दर्द दूर हो जाता है।
  • किडनी और लिवर का क्रियान्‍वन सुचारू रूप से होने लगता है।
  • रक्‍तचाप सही रहता है।
  • अस्‍थमा और साइनस में आराम मिलता है।
  • पाचन क्रिया भी दुरूस्‍त रहती है।

सावधानी : गर्भवती महिलाओं को तीन माह के बाद इस योगासन को नहीं करना चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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