Latest Updates
-
Himachal Day 2026 Wishes In Pahadi: 'पहाड़ां री खुशबू, देओदारे री छां', अपनों को भेजें पहाड़ी शुभकामनाएं -
Pohela Boishakh 2026 Wishes: 'शुभो नबो बोर्शो' के साथ शुरू करें नया साल, अपनों को भेजें ये शानदार संदेश -
Himachal Day 2026 Wishes: हिमाचल है हमारा अभिमान...हिमाचल दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 15 April 2026: इन 4 राशियों की आज पलटने वाली है किस्मत, क्या आपकी राशि भी है शामिल? -
Grahan in April 2026: अप्रैल में ग्रहण है या नहीं? नोट कर लें साल के सभी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की तारीख -
पाचन से लेकर जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने तक, जानें अर्ध मत्स्येन्द्रासन के फायदे और अभ्यास का सही तरीका -
Vastu Tips: घर में कपूर के साथ मिलाकर जलाएं ये दो चीजें, दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा और मिलेगा सुकून -
Real vs Fake Watermelon: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी तरबूज? इन आसान तरीकों से करें असली और नकली की पहचान -
Pana Sankranti 2026: आज ओडिशा में मनाई जा रही है पना संक्रांति, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sun Gochar 2026: 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, जानें सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा
इन 4 यौन संचारित रोगों के लक्षण आपको भी हैं लेकिन आप नहीं जानते
यौन संचारित रोग (एसटीडी) एक ऐसी बीमारी है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के चुपचाप महामारी के रूप धारण कर लेती है।
यौन संचारित रोग (एसटीडी) एक ऐसी बीमारी है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के चुपचाप महामारी के रूप धारण कर लेती है। कहने का मतलब ये है कि आप और आपके पार्टनर को कब ये बीमारी लग जाती है आपको पता भी नहीं चल पाता है।
ऐसे अनजाने लक्षणों के बारे में बॉम्बे हॉस्पिटल के कंसल्टिंग गायनाकॉलोजिस्ट डॉ. पूनम अग्रवाल बता रही है कि कैसे इस बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद लोगों को पता नहीं चल पाता है।

1) गोनोरिया (Gonorrhea)-
ये बैक्टिरियल इंफेक्शन असुरक्षित वैजाइनल, ओरल और एनल सेक्स करने से होता है। वैसे तो महिलाओं में इसके लक्षणों के बारे में साफ तौर पर पता नहीं चल पाता है जब चलता है वह बहुत ही सामान्य होता है। पुरूषों में भी ये लक्षण गले और रेक्टम या मलाशय में दिखता है लेकिन आम तौर वह स्पष्ट रूप से नहीं दिखता है।

2) हर्पस-
हर्पस सिंपलेक्स टाइप 1 आम तौर पर मुंह में छाले और हर्पस टाइप 2 मूल रूप से जननांगों में होता है। सबसे आश्चर्य की बात ये है कि 70 प्रतिशत लोगों को ये बीमारी है लेकिन इसके लक्षण स्पष्ट रूप से नहीं दिखने के कारण पता नहीं चल पाता है। अगर आप जेनिटल एरिया या जननांगों में घाव आदि नजर आए तो तुरन्त सावधान हो जाएं।

3) ह्यूमैन पैपिलोमा वायरस (एचवीपी)-
एचवीपी के लो रिस्क के कारण जेनिटल वार्टस हो सकता है और हाई रिस्क के कारण पीनाइल और एनल कैंसर होने का खतरा हो सकता है। लेकिन इसका लक्षण भी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आता है।

4) क्लाइमेडिया (Chlamydia)-
असुरक्षित तरीके से वैजाइनल, ओरल और एनल सेक्स करने से ये बैक्टिरिया इंफेक्शन होता है। इस इंफेक्शन से संक्रमित होने के एक हफ़्ते के बाद पिनाइल डिस्चार्ज और जलन जैसा अनुभव होने लगता है।



Click it and Unblock the Notifications











