Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता
हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के खतरे को कम करने के 7 आसान उपाय
हृदय रोग एक गंभीर समस्या है। इसमें दिल को ब्लड पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाएं डैमेज हो जाती हैं। अब इसकी चपेट में केवल बड़े लोग ही नहीं बल्कि वयस्क भी हैं। इसके पीछे ख़राब खानपान और जीवन शैली हो सकती है। ये एक धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है।
अधिकतर लोगों में 50 या 60 की उम्र के बाद इसके लक्षण सामने आते हैं। हृदय रोग के 60 से अधिक तरह के होते हैं। इसलिए इनके लक्षण एक जैसे नहीं हो सकते हैं। खैर, हम आपको हृदय रोग के कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।
सामान्य प्रकार के हृदय रोगों में से कुछ हैं- अनियमित दिल की धड़कन, एनजाइना, दिल की दीवार कमजोर होना दिल में छेद, दिल की विफलता, कार्डियक अरेस्ट आदि हैं। हृदय की समस्यायें या तो आंतरिक दोष के कारण हो सकती हैं, या जीवन शैली के मुद्दों के कारण जैसे अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें, व्यायाम, तनाव और दोषों की कमी।

जब कोई व्यक्ति एक अस्वास्थ्यकर जीवनशैली का अनुसरण करता है, तो वह उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, आदि जैसी स्थितियों से ग्रस्त हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय की समस्याएं होती हैं।
आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन को ही स्ट्रोक के मुख्य कारण के रूप में जाना जाता है। लेकिन कई लोग ऐसा मानते हैं की लो ब्लड प्रेशर से उन्हें कभी स्ट्रोक जैसी समस्या नहीं हो सकती है, जबकि यह गलत है। हाल ही में किये कुछ शोधों में यह बात पता चली कि ब्लड प्रेशर में गिरावट होने से भी आप स्ट्रोक के शिकार हो सकते हैं।
हालांकि लो ब्लड प्रेशर के कारण इस्केमिक स्ट्रोक होने की संभावना काफी कम होती है। इसके अलावा ध्यान देने वाली बात यह है कि लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्ति का स्ट्रोक के बाद बचना बहुत मुश्किल होता है।

इसलिए अगर आप दिल की बीमारियों और स्ट्रोक से बचना चाहते हैं, तो आपकी नीचे दिए गए उपायों पर काम करना चाहिए।

टिप्स 1
जिम जाने की बजाय रोजाना कम से कम बीस मिनट सड़क पर साइकिल चलाएं। साइकिल चलाना सबसे बेस्ट कार्डियो एक्सरसाइज़ में से एक है, जो आपको स्ट्रोक और दिल की बीमारियों से दूर रखती हैं।

टिप्स 2
हफ्ते में एक बार कम मात्रा में डार्क चॉकलेट खाएं। चॉकलेट में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट दिल और मस्तिष्क में रक्त के थक्कों के गठन को रोक सकते हैं।

टिप्स 3
एक अध्ययन में इस बात का पता चला है कि एक दिन में केवल एक गिलास बीयर पीने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है और आपके दिल को स्वस्थ रख सकता है।

टिप्स 4
आप अपने डॉक्टर से बात करने के बाद, हर दिन विटामिन बी की खुराकले सकते हैं, क्योंकि यह विटामिन भी रक्त के थक्के को रोकने में मदद करता है और इस प्रकार हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा कम करता है।

टिप्स 5
एक हफ्ते में मछली खाने से आपके रक्त वाहिकाओं को फैलाया जा सकता है, क्योंकि मछली में विटामिन ई होता है, इस प्रकार रक्त के थक्कों और उच्च रक्तचाप को रोकती है।

टिप्स 6
फाइबर से भरपूर नाश्ता करने से कोलेस्ट्रॉल लेवक को कम करने में मदद मिलती है और इस तरह हृदय रोग और स्ट्रोक को रोक सकता है।

टिप्स 7
नियमित रूप से अपने आहार में फ्लैक्ससीड्स लेने चाहिए क्योंकि यह ओमेगा -3 फैटी एसिड का बेहतर स्रोत है और हृदय रोगों और स्ट्रोक को रोकने के लिए भी जाना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
