Latest Updates
-
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे
हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के खतरे को कम करने के 7 आसान उपाय
हृदय रोग एक गंभीर समस्या है। इसमें दिल को ब्लड पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाएं डैमेज हो जाती हैं। अब इसकी चपेट में केवल बड़े लोग ही नहीं बल्कि वयस्क भी हैं। इसके पीछे ख़राब खानपान और जीवन शैली हो सकती है। ये एक धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है।
अधिकतर लोगों में 50 या 60 की उम्र के बाद इसके लक्षण सामने आते हैं। हृदय रोग के 60 से अधिक तरह के होते हैं। इसलिए इनके लक्षण एक जैसे नहीं हो सकते हैं। खैर, हम आपको हृदय रोग के कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।
सामान्य प्रकार के हृदय रोगों में से कुछ हैं- अनियमित दिल की धड़कन, एनजाइना, दिल की दीवार कमजोर होना दिल में छेद, दिल की विफलता, कार्डियक अरेस्ट आदि हैं। हृदय की समस्यायें या तो आंतरिक दोष के कारण हो सकती हैं, या जीवन शैली के मुद्दों के कारण जैसे अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें, व्यायाम, तनाव और दोषों की कमी।

जब कोई व्यक्ति एक अस्वास्थ्यकर जीवनशैली का अनुसरण करता है, तो वह उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, आदि जैसी स्थितियों से ग्रस्त हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय की समस्याएं होती हैं।
आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन को ही स्ट्रोक के मुख्य कारण के रूप में जाना जाता है। लेकिन कई लोग ऐसा मानते हैं की लो ब्लड प्रेशर से उन्हें कभी स्ट्रोक जैसी समस्या नहीं हो सकती है, जबकि यह गलत है। हाल ही में किये कुछ शोधों में यह बात पता चली कि ब्लड प्रेशर में गिरावट होने से भी आप स्ट्रोक के शिकार हो सकते हैं।
हालांकि लो ब्लड प्रेशर के कारण इस्केमिक स्ट्रोक होने की संभावना काफी कम होती है। इसके अलावा ध्यान देने वाली बात यह है कि लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्ति का स्ट्रोक के बाद बचना बहुत मुश्किल होता है।

इसलिए अगर आप दिल की बीमारियों और स्ट्रोक से बचना चाहते हैं, तो आपकी नीचे दिए गए उपायों पर काम करना चाहिए।

टिप्स 1
जिम जाने की बजाय रोजाना कम से कम बीस मिनट सड़क पर साइकिल चलाएं। साइकिल चलाना सबसे बेस्ट कार्डियो एक्सरसाइज़ में से एक है, जो आपको स्ट्रोक और दिल की बीमारियों से दूर रखती हैं।

टिप्स 2
हफ्ते में एक बार कम मात्रा में डार्क चॉकलेट खाएं। चॉकलेट में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट दिल और मस्तिष्क में रक्त के थक्कों के गठन को रोक सकते हैं।

टिप्स 3
एक अध्ययन में इस बात का पता चला है कि एक दिन में केवल एक गिलास बीयर पीने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है और आपके दिल को स्वस्थ रख सकता है।

टिप्स 4
आप अपने डॉक्टर से बात करने के बाद, हर दिन विटामिन बी की खुराकले सकते हैं, क्योंकि यह विटामिन भी रक्त के थक्के को रोकने में मदद करता है और इस प्रकार हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा कम करता है।

टिप्स 5
एक हफ्ते में मछली खाने से आपके रक्त वाहिकाओं को फैलाया जा सकता है, क्योंकि मछली में विटामिन ई होता है, इस प्रकार रक्त के थक्कों और उच्च रक्तचाप को रोकती है।

टिप्स 6
फाइबर से भरपूर नाश्ता करने से कोलेस्ट्रॉल लेवक को कम करने में मदद मिलती है और इस तरह हृदय रोग और स्ट्रोक को रोक सकता है।

टिप्स 7
नियमित रूप से अपने आहार में फ्लैक्ससीड्स लेने चाहिए क्योंकि यह ओमेगा -3 फैटी एसिड का बेहतर स्रोत है और हृदय रोगों और स्ट्रोक को रोकने के लिए भी जाना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications











