डिप्रेशन को छू मंतर कर दे हल्‍दी और लेमोनेड

यहाँ एक घरेलू उपचार के बारे में बताया गया है। परन्तु इसका उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। इसके अलावा इनमें से यदि किसी पदार्थ से आपको एलर्जी होती है तो इसका उपयोग न करें।

By Super Admin

अवसाद के कारण ज़िन्दगी से खुशी चली जाती है। यह एक मूड डिसऑर्डर (मानसिक बीमारी) है जिसके कारण व्यक्ति बिना किसी कारण के हमेशा स्वयं को दुखी महसूस करता है।

ऐसे लोग जो अवसाद की समस्या से परेशान हैं उनके लिए हल्दी लेमोनेड बहुत प्रभावी होता है। जैसे जैसे तनाव हमारे शरीर में प्रवेश करता है वैसे वैसे चिंता, उदासी, दुःख, गलती की भावना, थकान, गुस्सा, उर्जा में कमी और नींद न आने की समस्या आदि बढ़ते जाते हैं।

यहाँ एक घरेलू उपचार के बारे में बताया गया है। परन्तु इसका उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। इसके अलावा इनमें से यदि किसी पदार्थ से आपको एलर्जी होती है तो इसका उपयोग न करें।

 आवश्यक सामग्री

आवश्यक सामग्री

आपको एक संतरे का रस, 4 चम्मच शहद, 2 नीबू, 4 कप पानी और 2 टेबलस्पून हल्दी पाउडर की आवश्यकता होगी।

 कैसे बनायें

कैसे बनायें

सभी सामग्री को मिलाएं और 7 दिनों तक प्रतिदिन दिन में एक बार इसका सेवन करें और आप देखेंगे कि आपकी स्थिति में सुधार हो रहा है।

 कर्कुमिन

कर्कुमिन

हल्दी में कर्कुमिन नामक तत्व पाया जाता है जो अन्य दवाईयों की तुलना में स्वास्थ्य को अधिक लाभ पहुंचाता है।

जानवरों पर किया गया अध्ययन

जानवरों पर किया गया अध्ययन

कर्कुमिन कुछ जानवरों में एंटीडिप्रेसेंट की तरह काम करता है। यह कितना शक्तिशाली है यह जानने के लिए अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

नसें

नसें

कर्कुमिन मस्तिष्क के कुछ क्षेत्र में नसों के विकास में सहायक होता है। हल्दी से अल्झाइमर बीमारी होने का खतरा भी कम हो जाता है।

हल्दी क्यों?

हल्दी क्यों?

हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह तनाव से लड़ने में सहायता करती है, हृदय की बीमारियों से बचाती है और संज्ञानात्मक कार्यों में सुधार लाता है।

खतरे

खतरे

पित्त वाहिनी की बीमारी से ग्रसित लोग और पथरी के रोगियों को हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिला को भी हल्दी का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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