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बारिश में दाद से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये 8 घरेलू उपाय
इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ ख़ास घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप घर पर आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
रिंगवर्म या दाद एक सामान्य त्वचा इन्फेक्शन है जो ज्यादातर मानसून के मौसम में होता है। इस मौसम में कवकों (fungi) की विभिन्न प्रजातियां उत्पन्न होती हैं इनकी वजह से त्वचा पर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और यह व्यक्ति के लिए काफी तकलीफदेह साबित हो सकता है।
दाद होने पर त्वचा गोल लाल धब्बे के साथ परतदार, ड्राई और रफ हो जाती है। दाद का यह मुख्य लक्षण है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बुखार भी आ जाता है और उसके लिम्फ नोड में सूजन हो जाती है। दाद सबसे अधिक संक्रमित रोग है इसलिए बेहतर यह है कि इन्फेक्शन होते ही तुरंत और अच्छी तरह से इसका इलाज कराएं।
हालांकि स्किन इन्फेक्शन से निजात पाने के लिए बाजार में कुछ क्रीम भी मौजूद हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इनमें से ज्यादातर क्रीम सही तरीके से काम नहीं करती हैं और स्किन पर इनका साइड इफेक्ट पड़ने लगता है। जबकि कुछ ऐसे प्राकृतिक घरेलू उपचार भी मौजूद हैं जिसके जरिए आप इस संक्रमण से छुटकारा पा सकते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ ख़ास घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप घर पर आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

लहसुन:
लहसुन में एंटीफंगल गुण पाया जाता है और यह त्वचा के संक्रमण से लड़ने में काफी शक्तिशाली है। यह संक्रमण के कवकों को खत्म कर देता है और आगे बढ़ने से रोकता है। लहसुन का पेस्ट बनाकर इसे रोजाना दो से तीन बार दाद पर लगाएं। दाद से छुटकारा दिलाने के लिए यह एक प्रभावी उपचार है।

लेमन ग्रास:
लेमन ग्रास में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं। यह दाद के इन्फेक्शन को बहुत आसानी से खत्म कर देता है। लेमन ग्रास में मौजूद ये गुण रिंगवर्म को सीमित कर देते हैं और उन्हें बढ़ने से रोकते में मदद करते हैं। कुछ समय बाद इन्फेक्शन धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। त्वरित परिणाम पाने के लिए लेमन ग्रास के पेस्ट को दिन में दो बार लगाएं।

एलोवेरा:
एलोवेरा संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए सबसे फायदेमंद और कई गुणों से युक्त होता है। विशेषरूप से यह दाद के इन्फेक्शन के इलाज के लिए लाभकारी है। इसमें अनेकों औषधीय गुण मौजूद होते हैं। खासतौर से त्वचा से संबंधित इन्फेक्शन से निजात पाने में यह सहायक होता है। एलोवेरा की पत्ती तोड़कर इसे खोलें और त्वचा के संक्रमित स्थान पर इसके जेल को लगाकर रातभर के लिए छोड़ दें। इसका लगातार उपयोग करने से रिंगवर्म से जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है।

अदरक:
अदरक में शक्तिशाली एंटीफंगल अवयव होने के कारण रिंगवर्म से लड़ने के लिए यह एक बेहतर उपाय है। अदरक के लगातार उपयोग से त्वचा पर कवकों का संक्रमण खत्म हो जाता है। अदरक को खाया जा सकता है या चाय में इसे डालकर पियें। इसके अलावा अदरक का पेस्ट बनाकर त्वचा के संक्रमित हिस्से पर दिन में दो से तीन बार लगाएं।

तुलसी:
तुलसी के औषधीय प्रभाव पर स्टडी से यह साबित हो चुका है कि यह कई बीमारियों के इलाज की गुणकारी दवा है। तुलसी में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है। यह गंभीर संक्रमण को भी आसानी से खत्म कर देती है। तुलसी के पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे दाद वाली जगह पर दिन में दो से तीन बार लगाएं जब तक कि संकमण से छुटकारा न मिल जाए।

हल्दी:
बाकी औषधियों की तरह हल्दी में भी एंटीफंगल तत्व मौजूद होते हैं। त्वचा के इन्फेक्शन से निजात दिलाने में हल्दी काफी कारगर साबित होती है। हल्दी को शक्कर या शहद के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। इसके अलावा हल्दी का पेस्ट बनाकर इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। दोनों ही तरीके संयुक्त रूप से काफी प्रभावपूर्ण तरीके से काम करते हैं।

जीरा:
जीरे में विटामिन ई पाया जाता है जो त्वचा को पोषण देता है और इसे स्वस्थ रखता है। इसके अलावा इसमें एंटीफंगल गुण भी मौजूद होता है जो कवकों को मारकर त्वचा के इन्फेक्शन से छुटकारा दिलाता है। त्वचा के इन्फेक्शन से दूर रहने के लिए जीरे को एक गिलास पानी के साथ दिन में दो से तीन बार खाएं।

अजमोद (Parsley):
अजमोद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होने के कारण यह रिंगवर्म से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। अजमोद का पेस्ट बना लें और इसे त्वचा के संक्रमित हिस्से पर लगाएं। हालांकि अजमोद भोजन के स्वाद को भी बढ़ाता है तो आप चाहें तो इसे खा या चबा भी सकते हैं।



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