महिलाओं में गठिया के लक्षण होते हैं बिल्‍कुल अलग, ऐसे करें पहचान

महिलाओं में गठिया की शुरूआत होने से पहले जोड़ों में जकड़न जैसी हो जाती है और कठोरता महसूस होती है।

By Aditi Pathak

गठिया एक दर्दनाक बीमारी है जो अक्‍सर उम्र ढलने पर लोगों को हो जाती है। ये कई प्रकार की होती है और हर किसी में इसके लक्षण अलग-अलग होते हैं।

अगर आप समय रहते इन लक्षणों पर गौर करके उपचार करवा लेते हैं तो कोई समस्‍या नहीं होती है लेकिन अगर इसमें कोताही बरती जाती है तो समस्‍या खड़ी हो सकती है।

जल्‍दी पता चलने पर डॉक्‍टर इसका सही इलाज करने के बाद रोगी को एंटी-इंफ्लामेंट्री डग्‍स देते हैं जिससे पैर और जोड़ सक्रिय बने रहते हैं। 60 वर्ष की आयु के बाद औरतों को अक्‍सर इस समस्‍या से जूझना पड़ता है।

आपको बता दें कि गठिया एक प्रकार की ऑटो इम्‍यन बीमारी है जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन आ जाती है। बोल्‍डस्‍काई आपको इस आर्टिकल में गठिया के कुछ विशेष लक्षणों को बताने वाला है जो आपके स्‍वास्‍थ्‍य को सदा निरोगी बनाएं रखने में मदद करेगा:

1. कठोरता

1. कठोरता

गठिया की शुरूआत होने से पहले जोड़ों में जकड़न जैसी हो जाती है और कठोरता महसूस होती है।

2. सूजन

2. सूजन

गठिया के प्रारमिभक लक्षणों में से एक लक्षण, सूजन होना होता है।

3. कैचिंग या ग्रिडिंग

3. कैचिंग या ग्रिडिंग

यदि आपको जोड़ों में ऐंठन महसूस होती है और उनमें हमेशा तनाव सा रहता है तो समझ जाएं कि आपको गठिया की शुरूआत हो चुकी है।

4. थकान

4. थकान

रूयेमेटाइड गठिया, शरीर की वह स्थिति होती है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली आपके जोड़ों पर अटैक कर सकती है। इससे शरीर में सूजन बढ़ जाती है और आपको हर पल थकान महसूस होती है।

5. बुखार और भूख का न लगना

5. बुखार और भूख का न लगना

गठिया होने की शुरूआत पर ही बुखार आने लगता है और न के बराबर भूख लगती है। महिलाओं में ये लक्षण सबसे जल्‍दी उभरते हैं।

6. लालामी या त्‍वचा पर रैशेज़

6. लालामी या त्‍वचा पर रैशेज़

गठिया में त्‍वचा पर रैशेज पड़ना शुरू हो जाते हैं और शरीर पर चकत्‍ते पड़ने लगते हैं। इसे सोराटिक गठिया कहा जाता है।

7. गतिशीलता कम होते जाना

7. गतिशीलता कम होते जाना

गठिया होने पर आपको अपने शरीर में मूविंग करने में दिक्‍कत होगी और आपको महसूस होगा कि आपको ऐसा करते हुए दर्द भी होता है।

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