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रूमेटाइड अर्थराइटिस से बचना हो तो अपनाएं ये ख़ास उपाय
एक समय था जब बुजुर्गों में अर्थराइटिस होना आम बात मानी जाती थी लेकिन अब वयस्कों में भी अर्थराइटिस विशेषतौर से रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या होने लगी है।
यदि आप रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित हैं तो आपको अपने खानपान में एहतियात बरतने की जरूरत है। एक स्टडी में पाया गया है कि विटामिन डी रूमेटाइड अर्थराइटिस को रोकने में मदद करता है।
तो सबसे पहले हम यह जान लें की रूमेटाइड अर्थराइटिस है क्या?

रूमेटाइड अर्थराइटिस हाथ, पैर और जोड़ों में होने वाली सूजन संबंधी एक गंभीर बीमारी है। स्टडी के अनुसार शरीर में विटामिन डी का लेवल पर्याप्त होने पर अर्थराइटिस होने के खतरे से बचा जा सकता है।
हाल ही में यह स्टडी जर्नल ऑफ ऑटोइम्यूनिटी में प्रकाशित हुई। स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने विटामिन डी की प्रतिक्रया का पता लगाने के लिए अर्थराइटिस से ग्रसित लोगों के सूजे हुए जोड़ों से ब्लड में इम्यून सेल्स की क्षमता का परीक्षण किया।
निष्कर्ष बताते हैं कि जो ऊतक बीमारी का रूप नहीं ले पाते हैं वे विटामिन डी के प्रति प्रभावी रूप से प्रतिक्रिया करते हैं। इससे पता चलता है कि विटामिन डी रुमेटाइड अर्थराइटिस से बचाने में मदद करता है। लेकिन जब शरीर से विटामिन डी का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होने लगता है तो यह बीमारी हमें पकड़ लेती है।
स्टडी में यह भी पाया गया कि विटामिन डी में एंटीइन्फ्लैमेटरी गुण मौजूद होता है। इसलिए हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेना आवश्यक है। इसके अलावा विटामिन डी सर्दी-खांसी और संक्रामक बीमारियां होने की संभावना भी करता है।
इस आर्टिकल में हम विटामिन डी युक्त कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे अपने भोजन में शामिल करके आप अर्थराइटिस जैसी बीमारी से बच सकते हैं।

1. धूप
रोजाना धूप में दस मिनट तक नहाने से शरीर को आवश्यक विटामिन डी प्राप्त हो जाता है। यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखता हैं जिससे किसी भी प्रकार का फ्रैक्चर और अर्थराइटिस के खतरे को रोका जा सकता है।

2. मशरूम:
मशरूम विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है। मशरूम औमतौर पर सूर्य के पराबैंगनी किरणों के संपर्क में पैदा किया जाता है जो बढ़ने पर पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी से युक्त हो जाता है। इसलिए रोजाना मशरूम खाने से हड्डियां मजबूत होती है और अर्थराइटिस की समस्या नहीं होती है।

3 अंडे:
अंडे को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। हालांकि नियमित होल एग खाने से विटामिन डी की कमी पूरी हो जाती है। विटामिन डी के अलावा अंडा विटामिन ए, ई, के, आयरन, जिंक और प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और एमिनो एसिड से युक्त होता है।

4. दूध:
दूध को विटामिन डी का अच्छा स्रोत माना जाता है। एक गिलास दूध रोजाना पीने से हड्डियों को आवश्यक विटामिन डी मिल जाता है जिससे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

5. ऑरेंज जूस:
संतरे को अर्थराइटिस के इलाज में उपयोगी माना जाता है। संतरे का जूस हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इसमें विटामिन डी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। संतरे का जूस रोजाना पीने से हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। नियमित एक गिलास जूस पीने से अर्थराइटिस की समस्या नहीं होती है।



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