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इस उपचार से आपको एलर्जी से मिल सकता है हमेशा के लिए छुटकारा
एलर्जी या अस्थमा के लक्षण तब ज्यादा बढ़ते हैं, जब आपकी इम्यून सेल्स एलर्जीन में प्रोटीन पर प्रतिक्रिया करती हैं। वैज्ञानिको ने पाया कि एलर्जी एक स्मृति है, जिसे नष्ट किया जा सकता है।
क्या आपको पीनट्स, शेल्फिश, अंडे और खाने की अन्य चीजों से एलर्जी है? ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस तरह की एलर्जी से राहत पाने का एक असरदार तरीका खोज निकाला है।
टी-सेल्स के रूप में जाने वाली सेल्स एक ऐसी मेमोरी बना सकती हैं जो किसी भी उपचार के प्रभाव का विरोध कर सकती हैं। वैज्ञानिकों ने जीन थेरेपी से तकनीकों का उपयोग किया जिससे इम्यून सिस्टम को निरुत्साहित करने और सेल्स को एलर्जी से रक्षा करने में मदद मिली।
एलर्जी या अस्थमा के लक्षण तब ज्यादा बढ़ते हैं, जब आपकी इम्यून सेल्स एलर्जीन में प्रोटीन पर प्रतिक्रिया करती हैं। वैज्ञानिको ने पाया कि एलर्जी एक स्मृति है, जिसे नष्ट किया जा सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि इससे पहले कि आप बीमार हो जाएं, तब से उस बीमारी को रोका जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने महसूस किया कि वे आपके रक्त से स्टेम सेल ले सकते हैं और एक जीन डालेंगे जो एलर्जी प्रोटीन को नियंत्रित कर सकती है। इंजीनियर सेल्स नई ब्लड सेल्स का उत्पादन कर सकती हैं, जो एलर्जी प्रतिक्रिया को बंद करने में मदद करती हैं। हालांकि शुरू में यह प्रयोग चूहों पर किया गया है लेकिन इंसानों पर भी किया जाएगा। इससे एलर्जी से पीड़ित लोगों को काफी मदद मिलेगी।
एलर्जी से पीड़ित लोग क्या खाएं और क्या नहीं

- दूध (गाय, बकरी और सोया दूध) जैसे लस्सी या छाछ, पनीर, गाढ़ा दूध, आइसक्रीम, दही, कॉटेज पनीर, रासगुल्ला, गुलाब जामुन और खीर आदि से एलर्जी बढ़ सकती है।
- अंडे से बनी चीजें जैसे फ्रेंच टोस्ट, केक, कुकीज, पेनकेक्स, होममेड ब्रेड, अंडे की भुज्जी, अंडा डोसा खाने से बचें।
- सोया उत्पादों में सोया दूध और ऐसे अन्य खाद्य पदार्थ जिनमें सोया होता है।

-गेहूं से बनी चीजें जैसे उपमा, सूजी, खीर या टोस्ट, केक कूकीज और बिस्कुट आदि।
-जिन्हें पीनट्स से एलर्जी है, वे अखरोट, काजू और बादाम खा सके हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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