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डायबिटीज के मरीज पैरों की सूजन कम करने के लिए आजमाएं ये तरीके
ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज की समस्या होती है, लेकिन इसके उपचार में केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित नहीं किया जाता है।
ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज की समस्या होती है, लेकिन इसके उपचार में केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित नहीं किया जाता है। बल्कि इसके कारण दूसरी शारीरिक समस्यायें भी होती हैं उनका भी उपचार किया जाता है।
इस रोग से ग्रस्त व्यक्ति के पैरों को भी नुकसान हो सकता है। डायबिटीज में पैरों की नसें क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन धीरे होने के कारण पैर में लगी चोट को ठीक होने में बहुत समय लगता है।
सही देखभाल और इलाज के अभाव में पैरों में सूजन, छाले आदि की समस्या होती है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो पैरों को स्वस्थ रखने और सूजन को कम करने के लिए हम आपको कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आपको काफी आराम मिल सकता है।

1) पेपरमिंट ऑयल
इसमें मेथन होता है, जो पैरों के दर्द के इलाज के लिए बेहतर है। इसलिए, पेपरमिंट ऑयल को डायबिटिक के पैर के दर्द का इलाज करने के लिए सबसे अच्छा प्राकृतिक उपचार माना जाता है। एक कटोरे गर्म पानी में ऑयल मिला दें। इसमें रोजमेरी और यूकेलिप्टस ऑयल भी मिलाएं। इसे दस मिनट तक पैरों पर लगाएं। पैर के दर्द को कम करने के लिए हर रोज इस प्रक्रिया को दोहराएं।

2) बर्फ
प्रभावित हिस्से पर बर्फ रगड़ने से उस हिस्से की तंत्रिका को ठंडा करने में मदद मिलती है। इससे पर की सूजन कम होती है। एक प्लास्टिक बैग में बर्फ के टुकड़े भरकर सर्कुलेशन मोशन में मसाज करें।

3) एस्सेंशलऑयल
इससे पैर की थकावट और दर्द को कम करने में मदद मिलती है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक और एंटीस्पास्मोडिक गुण होते हैं।

4) दालचीनी की चाय
एक गिलास पानी में एक ग्राम दालचीनी पाउडर डालकर गर्म कर लें। पैरों के दर्द के दर्द से आराम पाने के लिए यह बेस्ट उपाय है।

5) बीन्स
जमीन पर कुछ बीन्स फैला दें और उन पर चलने की कोशिश करें। इन्हें पैरों से रोल करें। आखिरी में पैरों की छोटी उंगलियों से बीन्स को उठाने का प्रयास करें। यह दर्द कम करने में मददगार साबित होता है।

6) तिल के तेल की मालिश
इससे पैर की बेचैनी को कम करने और ब्लड फ्लो को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। इसे सीधे तौर पर पैरों पर लगाएं।

7) कोल्ड और हॉट वाटर
गर्म पानी रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है और ठंडा पानी सूजन को कम करने में मदद करता है। पहले पैरों को तीन मिनट तक गर्म पानी में डालें फिर दो मिनट तक ठंडे पानी में डालें।

8) सेंध नमक
इसमें मैग्नीशियम सल्फेट होता है जो पैरों के दर्द को दूर करता है। मैग्नीशियम और सल्फेट आसानी से त्वचा द्वारा अवशोषित होते हैं और सीधे सूजन को कम करने में काम करते हैं। यह नमक तंत्रिका के भी कामकाज में सुधार करता है।

9) लौंग का तेल
लौंग का तेल न केवल पैरों के दर्द के इलाज में मदद करता है बल्कि परिसंचरण बढ़ाने, नेल फंगल और जोड़ों के दर्द को भी ठीक करता है। इसे प्रभावित हिस्से पर लगाकर मसाज करें।

10) लाल मिर्च
इसमें कैप्सैसीन नामक तत्व होता है जो पीठ दर्द, मांसपेशियों में तनाव, गठिया और मांसपेशियों में दर्द को कम करने में मदद करता है। 1/2 चम्मच लाल मिर्च का काढ़ा बना लें और इसे गर्म पानी के एक बाल्टी में मिला लें। अपने पैरों को इसमें डालकर रखें।

11) सेज
यह एक प्राकृतिक जड़ी बूटी है जो पैरों में दर्द, मोच और तनाव को कम करने में मदद करती है। सेब के सिरके के साथ कुछ पत्तियां मिलाकर उबाल लें एक सूती कपड़े को इस मिश्रण में भिगोएँ और इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं।

12) सरसों के बीज
सरसों के बीज से सूजन को कम करने में मदद मिलती है। ये रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं। कुछ सरसों के बीज को पीसकर उन्हें गर्म पानी की एक बाल्टी में मिलाएं। इसमें 15 मिनट तक अपने पैरों को डालकर रखें।



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