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क्या आप टॉयलेट फोन यूज करते हैं? आपको हो सकती हैं ये खतरनाक समस्याएं
हमें स्मार्टफोन की इतनी लत लग चुकी है कि टॉयलेट इस्तेमाल करने के दौरान भी हम अपना स्मार्टफोन साथ ले जाना नहीं भूलते। लेकिन क्या आप जानते हैं, ये आदत आपके स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है और इसकी वजह से कितनी बीमारियां आपके शरीर में घर कर सकती है?
असल में कई बार साफ करने के बावजूद भी हमारे टॉयलेट से कीटाणु पूरी तरह हट नहीं पाते। टॉयलेट के हर कोने पर बैक्टीरिया और वायरस जमे रह जाते हैं और फिर यही कीटाणु हमारे फोन पर आ जाते हैं। जिसकी वजह से हमें बहुत तरह की बीमारियां हो सकती हैं

टॉयलेट की शीट, फ्लश, दीवारें आदि लाखों कीटाणुओं से घिरे रहते हैं। दरअसल, टॉयलेट फ्लश करते हुए पानी के साथ वेस्ट मटेरियल के छोटे-छोटे कण भी चारो दिशा में 6 फुट तक ऊपर उठते हैं और टॉयलेट के हर हिस्से में फैल जाते हैं। इसी वजह से हमारे साफ दिखते टॉयलेट में भी काफी कीटाणु होते हैं।
मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए यही कीटाणु हमारे हाथों के जरिए स्मार्टफोन की स्क्रीन और कवर पर चले जाते हैं। अब यही स्मार्टफोन हम बाद में या खाना खाते हुए भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे फोन पर चिपके कीटाणुओं को हमारे शरीर पर या मुंह के अन्दर जाने का रास्ता मिल जाता है। ये कीटाणु इतने खतरनाक होते हैं कि इनसे हमें कई खतरनाक चर्मरोग और शारीरिक बीमारियां हो सकती हैं।


टॉयलेट के अन्दर ई-कोलाई, शिगेला, हेपेटाइटिस ए, एमआरएसए, नोरोवायरस और गेस्ट्रोइन्टेस्टिनल वायरस जैसे कीटाणु होते हैं। जो हमें डायरिया, उल्टी, पेट में ऐंठन, पेट दर्द जैसी बीमारियों का शिकार बना सकते हैं। साथ ही साल्मोनेला, स्ट्रेप्टोकोकस की वजह से हमें कई प्रकार के चर्मरोग भी हो सकते हैं.
चूंकि स्मार्टफोन के अधिकतर कवर रबर के बने होते हैं, जो खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस को अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। साथ ही फ्लश या शौच करते हुए बैक्टीरिया वायु कणों के द्वारा हमारे फोन पर चिपक जाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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