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पुरुषों के लिए कामदेव के वरदान से कम नहीं है हींग का सेवन, आयुर्वेद ने भी माना इसके गुणों का लोहा
दाल में तड़का लगाना हो या शिशु के पेट दर्द को दूर भगाना हो हींग भारतीय रसोई में मिलने वाला बड़े ही काम की औषधी है। आयुर्वेद में इसके लाभों के बारे में वर्णन मिलता है। हिंग खाने को स्वादिष्ट और खुशबूदार बनाने के साथ ही स्वास्थय के लिए भी बहुत उपयोगी है। आमतौर पर हींग गहरे लाल या फिर भूरे रंग की होती है। आपने इसका उपयोग खाने में करने से बहुत ही फायदें हैं। हींग में प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फास्फोरस, लौह, नियासिन और कैरोटिन के अलावा हींग में मौजूद एंटी वायरल, एंटी बायोटिक, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी जैसे मेडिकल गुण भी होते है।
आइये जानते है कि हमारी रसोई में मिलने वाली साधारण सी डिबिया में बंद हींग किन किन समस्याओं से हमें निजात दिलाता है।

पीरियड में दे राहत
हींग में मौजूद एंटी-इनफ्लैमोटरी तत्व पीरियड्स से जुड़ी सभी तकलीफों जैसे कि क्रैंमप्स, अनियमित पीरियड्स या ज्यादा तकलीफ में राहत पहुंचाती है। इसके अलावा, ल्यूकोरिया और कैंडिडा इंफेक्शन जल्दी ठीक करने में भी हींग मदद करती है।

पुरुषों के सेक्सुअल समस्या का रामबाण
इरेक्टाइल डिसफंक्शन और समय पूर्व स्खलन की समस्या का आप आयुर्वेदिक समाधान चाहते है तो हींग एक अच्छा विकल्प बन सकता है। आपको करना कुछ नहीं है, एक गिलास गुनगुना गर्म पानी में एक चुटकी हींग का पाउडर मिलाकर रोजाना पीना है। खाली पेट रोजान सुबह हींग के इस मिश्रण को पीएं। असल में हींग इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को बिना किसी साइड इफेक्ट के दूर करने में बहुत सहायता करती है। हींग शरीर के प्रजनन अंग में रक्त संचार को बढ़ाकर काम के उत्तेजना को बढ़ाती

ब्लड शुगर लेवल कम करता है
अगर आप ब्लड शुगर के मरीज है और ब्लड शुगर लेवल कम करना चाहते हैं? फिर तो आपको अपने खाने में हींग का उपयोग करना चाहिए। तभी ये अपना एंटी-डायबिटिक प्रभाव दिखा पाएगा। हींग इंसुलिन को छिपाने के लिए अग्नाशय की कोशिकाओं को उत्तेजित करता है जिससे कि ब्लड शुगर लेवल कम होता है।

दर्द में राहत
क्या आपको मालूम है कि हींग के सेवन से पीरियड्स, दांत, माइग्रेन आदि का दर्द ठीक किया जा सकता है? दरअसल, हींग में एंटीऑक्सीडेंट्स और दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपको दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। दर्द होने पर एक गिलास गर्म पानी में एक चुटकी हींग मिलाकर पी लें। दांत के दर्द में हींग और नींबू के रस का पेस्ट बनाकर लगाए।

सर्दियों में दे खांसी और कफ से राहत
हींग प्राकृतिक रूप से कफ को दूर करके छाती के कंजेस्शन को ठीक करता है। यह एक शक्तिशाली श्वसन उत्तेजक है। इसे शहद, अदरक के साथ मिलाकर खाने से खांसी व ब्रोंकाइटिस की समस्या में आराम मिलता है।

हैंगऑवर उतारे
अगर कल रात पार्टी में ज्यादा पी ली या अफीम जैसी वस्तु आपके खाने में आ गई है तो उनके नशे से बाहर निकलने के लिए हींग को छाछ या पानी में घोलकर पी जाएं।

शरीर का तापमान नियंत्रित करता है
अगर हैजा और तेज बुखार में कभी कभी शरीर ठंडा हो जाता हैं तो हींग को गर्म पाी में घोलकर हथेलियों पसलियों पर मलें। या फिर जरा सा हींग शहद में मिलाकर चाट लें। इससे शरीर का तापमान नियंत्रित होगा।

सांस संबंधी समस्याओं से लड़ती है
हींग प्राकृतिक रूप से बलगम को दूर करके छाती के कंजेस्शन को ठीक करता है। यह एक शक्तिशाली श्वसन उत्तेजक है। इसे शहद, अदरक के साथ मिलाकर खाने से खांसी व ब्रोंकाइटिस की समस्या में आराम मिलता है।

बच्चों के गैस्टिक समस्या करे दूर
नवजात शिशुओं में पेट दर्द बहुत ही आम बात है। हींग गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट की लाइनिंग म्यूकस मेम्ब्रेन के शांत करताहै। अगर गैस से आपके बच्चा का पेट टाइट और फूला हुआ लग रहा है, तो वह गैस से त्रस्त हो सकता है।
एक चम्मच में पानी गर्म करके उसमें हींग के टुकड़े डालकर एक पतला सा पेस्ट तैयार कर लें। फिर उसे नाभि के आसपास के क्षेत्र पर लगा लें। ध्यान रहे कि पेस्ट नाभि के अंदर न जाएं। कुछ देर बात शिशु को राहत मिल जाएंगी।

त्वचा की समस्याओं को दूर करती है
हींग में उच्च मात्रा में एंटी-इनफ्लैमोटरी तत्व होते हैं जिसकी वजह से इसे स्किन केयर उत्पादों में मिलाया जाता है। ये त्वचा की जलन और कॉर्न्स जैसी समस्याओं को दूर करने की क्षमता रखती है। त्वचा पर लगाने पर हींग अपना ठंडा प्रभाव दिखाती है और साथ ही त्वचा की समस्याओं के लिए उत्तरदायी बैक्टीरिया का भी सफाया करती है।



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