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गलती से भी न रोकें छींक वरना जा सकती है आपकी जान
हंसना, छींक आना और रोना, ये कुछ ऐसे मानव व्यवहारों में से है जो सेहत के लिए कहीं न कहीं बहुत मायने रखते है। लेकिन कई बार होता है कि लोग पब्लिक प्लेस में छींकने और जोर से हंसने से घबराते है या अपनी हंसी और छींक को कंट्रोल कर देते है।
वैसे तो ये सब नार्मल क्रियाएं है लेकिन लोग शर्म के वजह से फिर भी छींकने और हंसने से बचते है।
लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ऐसा करना गलत होता है क्योंकि Sneeze आना एक स्वस्थ इंसान की पहचान होती है और अगर इसे रोका जाता है तो बहुत सी समस्याएं शुरु हो जाती हैं।

शरीर में रह जाते है कीटाणु
जब भी कोई बाहरी तत्व या संक्रमण श्वांस के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश कर रहा होता है तब हमें छींक आती है। ऐसे में शरीर को नुकसान पहुंचाने वाला वो तत्व शरीर के बाहर ही रह जाता है। जब भी हम छींकते हैं तो आपके शरीर से 160 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवा निकलती है।
ऐसे में अगर छींक रोकी जाती है तो ये रफ्तार वापस अंदर जाता है और ऐसा बार-बार करने से आंतरिक बीमारियां हो सकती हैं।
कफ की समस्या
कभी-कभी ऐसे में लोग इसे बर्दाश्त नहीं कर पाते और उनकी मृत्यु हो जाती है। साथ ही छींक रोकने से कफ भी शरीर में ही जमने लगता है और आपको नजला जुकाम जैसी बीमारियाँ भी घेर लेती है।
फट सकते है कान के पर्दे
ऐसे में उसे जबरन रोकने से नाक की कार्टिलेज में फैक्चर होने, नाक से खून आने, कान का पर्दे फटने, सुनाई न देने, चक्कर आने, आंखों पर दबाव पडऩे से रेटिना क्षतिग्रस्त होने और चेहरे पर सूजन आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए छींक आने पर नाक और मुंह के सामने रुमाल या टिशू पेपर रख सकते हैं लेकिन छींक को आने से रोकने की गलती कभी न करें।
पड़ सकता है दिल का दौरा
पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और ऐसा करने से आपको दिल का दौरा भी पड़ सकता है। इसलिए छींक को कभी भी न रोकें। इसे रोकने से हमारे शरीर पर जो दबाव पड़ता है उससे हमारी जान भी जा सकती है। छींकना हमारे दिल के लिए काफी लाभदायक भी माना जाता है। छींक रोखने से आपके शरीर मे होने वाला वायु का दवाब सीधे आपके दिमाक पर पड़ता हैं जिससे आपकी जान भी जा सकती हैं या फिर आपको दिमाग की बीमारी भी हो सकती हैं।
ये करें उपाय
यदि आपको छींकने में शर्म महसूस हो रही हो तो अपनी नाक पर रुमाल रख लें तथा फिर छींकें। आप छींकने का तरीका भी बदल सकते हैं जैसे बहुत धीमी आवाज़ में छींके। आप अपने हाथ से भी नाक और मुंह को ढंक सकते हैं। इस प्रकार से आप महसूस करेंगे कि आपका छींकने का तरीका अनुचित नहीं है।
हंसने से एंजाइम निकलते है
बॉडी में कुछ हार्मोंस और एन्जाइम बनते हैं जो हंसने में मदद करते हैं। ये बॉडी में इमोशन की वजह से पैदा होता है। इसलिए अगर हंसी आए तो इसे न रोकें। साथ ही अगर आपको हंसी न आए तो न हंसे तो जबरदस्ती न हंसे क्योंकि बिना भाव के हंसी से नसें चढ़ सकती है और पेट दर्द भी हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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