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रिसर्च: स्ट्रेस कम करने के साथ याददाश्त बढ़ाता है डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट पसंद करने वालों के लिए एक खुशखुबरी है कि उनकी पसंदीदा चॉकलेट तनाव को कम करने के साथ ही याददाश्त और प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त कर सकती है। एक नए शोध के अनुसार डॉर्क चॉकलेट स्ट्रेस दूर करने के लिए सुपरफूड है।
हालांकि ये बात पहले भी कई शोध में साबित हो चुकी है कि हेल्दी रहने के लिए डॉर्क चॉकलेट को अपने डेली डाइट में शामिल करना चाहिए।
रिसर्च में सामने आया है कि डॉर्क चॉकलेट का मुख्य स्त्रोत कोको फ्लेवनॉयड का मुख्य स्रोत होता है जो कि मनुष्य के दिमाग, हृदय एवं रक्तवाहिनी संबंधी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। वैज्ञानिकों ने कोको फ्लेवनॉयड पर रिसर्च करके जानने की कोशिश की है कि ये कैसे पदार्थ कैसे मनुष्य शरीर में घुलने के बाद काम करता है। आइए जानते है डॉर्क चॉकलेट खाने के दूसरे फायदों के बारे में।

कितनी डॉर्क चॉकलेट खाने की जरुरत है?
सेहत संबंधी सुधार देखने के लिए आपको दिन में कम से कम एक से दो टुकड़े डॉर्क चॉकलेट के खाने चाहिए, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि चॉकलेट 70 से 90 प्रतिशत डार्क होनी जरुरी है। यह आपके मूड को अच्छा करने के साथ ही वर्कआउट करने से पहले इसे खाने से एनर्जी आती है।

हेल्दी हार्ट के लिए
शोध दर्शाते हैं कि डार्क चॉकलेट को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हफ्ते में दो या तीन बार खाने से रक्तचाप को कम करने में सहायता मिलती है। डार्क चॉकलेट रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाती है और रक्त का थक्का जमने से रोकने में सहायता मिलती है। डार्क चॉकलेट खाने से आर्टीरियोस्केलेरॉसिस (धमनियों का कठोर होना) को भी रोकने में मदद मिलती है।

मस्तिष्क के लिए अच्छी
आपके मस्तिष्क के लिये अच्छी है डार्क चॉकलेट हृदय के साथ-साथ मस्तिष्क में भी रक्त बहाव को बेहतर बनाती है जिससे संज्ञानात्मक क्रिया बेहतर होती है। डार्क चॉकलेट से स्ट्रोक के खतरे को कम करने में सहायता मिलती है। डार्क चॉकलेट खाने से आप प्रसन्न रहेंगें।

रक्त शर्करा को करती है कंट्रोल
डार्क चॉकलेट आपकी रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाती है और निर्बाध परिसंचरण जारी रखकर टाइप-2 मधुमेह के खतरे से बचाती है। डार्क चॉकलेट के फ्लैवेनॉइड्स कोशिकाओं को सामान्य रूप से कार्य करने में सहायता करते हैं जिससे शरीर के अपने इन्सुलिन का उपयोग बेहतर होता है और इन्सुलिन का प्रतिरोध कम होता है। डार्क चॉकलेट का ग्लाइसीमिक इन्डेक्स भी कम होता है अर्थात इसको खाने से रक्त में अचानक शर्करा की मात्रा नहीं बढ़ेगी।

विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा मे
डार्क चॉकलेट में निम्नलिखित विटामिन और खनिज अधिक मात्रा में होते हैं- पोटैशियम, कॉपर, मैग्नीशियम और आयरन। ये ब्लड प्रेशर को भी सुधारता है।

कैविटी के खतरे को कम करे
डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमीन होने के कारण दाँत के इनैमेल को मजबूत बनाता है। इसका मतलब यह है कि अन्य मिठाइयों के विपरीत दाँतों की सही देखभाल की स्थिति में डार्क चॉकलेट कैविटी के खतरे को कम करती है।

प्रेगनेंसी में भी बेहतर
कोकोआ से बनी चॉकलेट खाने से शरीर में खून का फ्लो सही प्रकार से होता है, जिससे भ्रूण के पास मां का पर्याप्त खून पहुंच पाता है।
इसमें बहुत सारा मैगनीशियम और आयरन होता है, जिससे खून मे हीमाग्लोबीन बढता है। मैगनीशियम से फैटी एसिड का मैटाबॉल्ज्मि बढता है।

एंटी-ऑक्सीडेन्ट से भरपूर
डार्क चॉकलेट एंटी-ऑक्सीडेन्ट से भरपूर होते है। एंटी-ऑक्सीडेन्ट शरीर को फ्री रैडिकल्स से मुक्त करने में सहायक होते हैं जो हमारी कोशिकाओं को ऑक्सीकरण द्वारा नष्ट करते हैं। फ्री रैडिकल्स उम्र दराज दिखने और कैंसर के कारक होते हैं, इसलिए एंटी-ऑक्सीडेन्ट युक्त भोज्य पदार्थ जैसे कि डार्क चॉकलेट खाने से कई प्रकार के कैंसर तथा बढ़ती उम्र से बचा जा सकता है।



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