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30 दिनों में करें टी.बी. का इलाज, ये हैं असरदार घरेलू उपाय
ट्यूबरक्लोसिस या टी.बी. एक संक्रामक बीमारी है जो "मायकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस" नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। टी.बी. मुख्य तौर पर फेफड़ों का संक्रमण होता है परन्तु यह शरीर के अन्य भागों में भी फ़ैल सकता है। टी.बी के लक्षणों में सांस लेने में परेशानी, लगातार कफ़ बने रहना, थकान, बुखार और छाती में दर्द शामिल हैं। यदि सही समय पर टी.बी. का उपचार नहीं किया गया तो यह घातक सिद्ध हो सकती है। आयुर्वेद में टी.बी. के उपचार के लिए कई प्रभावी जडी बूटियाँ और औषधियां बताई गयी हैं।

टीबी के मरीजों को संतुलित आहार के साथ हाई प्रोटीन डाइट लेना जरूरी होता है। दूध, अंडे, मुर्गा, मछली आदि में बेहतर प्रोटीन होता है। इसलिए मरीजों को भोजन के रुप में इसे ही यूज करना चाहिए। इसके अलावा लौकी, तुलसी, हींग, आम का रस,अखरोट, लहसुन, देसी शक्कर, बड़ी मुनक्का, अंगूर भी बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। आइये अब बात करते हैं कुछ ऐसे आहारों की जो इस बीमारी में आपको ताकत प्रदान कर के इससे छुटकारा दिलाने में मदद करेंगे।

1. लहसुन
यह कीटाणुओं का नाश करती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। इसे कच्चा या पका कर खाना चाहिये। इसे खाने का एक तरीका है कि 10 लहुसन की कलियों को एक कप दूध में उबाल लें। फिर उबली हुई कलियों को चबा कर खा लें और ऊपर से दूध पी लें। ऐसा कुछ दिनों के लिये करें। पानी ना पियें नहीं तो यह असर नहीं करेगी।

2. केला
केले में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जिससे टीबी के रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह कफ और बुखार को दूर भगाता है। रोगी को 1 गिलास कच्चे केले का जूरोजाना पीना चाहिये।

3. सहिजन
यह TB पैदा करने वाले बैक्टीरिया से छुटकारा दिला सकता है। यह फेफड़ों की सूजन को कम करता है संक्रमण से राहत दिलाता है। आप सहिजन की मुठ्ठीभर पत्तियों को 1 कप पानी में 5 मिनट के लिये गरम कर के ठंडा होने के बाद उसमें नमक, मिर्च और नींबू निचोड़ कर रोगी को पीने के लिये दे सकते हैं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पीना चाहिये। इसके अलावा उबली सहिजन का रोजाना सेवन करने से भी राहत मिलती है।

4. आमला
यह शरीर को कई तरह के पोषण पहुंचा कर उसे मजबूती प्रदान करता है। इसका जूस निकाल कर उसमें एक चम्मच शहद मिला कर रोजाना खाली पेट पीन से यह बीमारी दूर होती है। 4. संतरा एक गिलास ताजे संतरे के रस में एक चुटकी नमक और एक चम्मच शहद मिक्स कर के पियें। इसे दिन में दो बार पियें।

5. सीताफल
एक कप पानी में सीताफल के गूदे को 25 किशमिश के साथ उबालें। जब पानी एक तिहाई हो जाए तब तक इसे पकाएं। फिर इस मिश्रण को छान लें और उसमें 2 छोटे चम्मच चीनी और चुटकी भर इलायची पावडर मिलाएं। ठंडा कर के दिन में दो बार रोज पियें।

6. काली मिर्च
काली मिर्च फेफड़े की सफाई करती है और टीबी की वजह से होने वाले दर्द को दूर करती है। 10 काली मिर्च के दाने को घी के साथ फ्राई कर लें। फिर उसमें एक चुटकी हींग पावडर डाल कर मिक्स कर के ठंडा कर लें। मिश्रण को 3 भाग में बांटें और एक डोस को हर एक घंटे में चबाएं।

7. ग्रीन टी
हम सभी जानते हैं कि वज़न कम करने के लिए ग्रीन टी एक उत्तम उपाय है। परन्तु क्या आप जानते हैं कि ग्रीन टी टी.बी. के लिए भी एक उत्तम उपचार है? इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंटस पाए जाते हैं जो शरीर से मुक्त विषैले पदार्थों को बाहर निकालते हैं तथा आपके प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाते हैं। इसमें पॉलीफिनॉल भी पाया जाता है जो टी.बी. पैदा करने वाले बैक्टीरिया को बाहर निकालने में सहायक होता है। टी.बी. की समस्या को दूर रखने के लिए दिन में दो बार ग्रीन टी पीयें।

8. पुदीना
पुदीना आपके खाने के स्वाद को बढ़ाता है परन्तु यह टी.बी. से ग्रसित लोगों के लिए उपचार के समान है। इसका एंटीबैक्टीरियल गुण टी.बी. पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक होता है। यह फेफड़ों में स्थित बलगम को पिघलाता है तथा इसे स्वस्थ रखता है। पुदीन, शहद और माल्ट विनेगर प्रत्येक को 1:1:½ के अनुपात में लेकर रस बनायें। ½ गिलास गाजर के रस में इसे मिलाएं। यह टी.बी. के लिए एक उत्तम उपचार है।

9. अखरोट
अखरोट में काफी ज्यादा ताकत होती है जो कि हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। अगर आप को टीबी है तो यह आपके शरीर को ताकत से भर देगा और आपको एनर्जी भी देगा। 2 चम्मच पिसा हुआ अखरोट का पावडर और 1 चम्मच लहसुन का पेस्ट मिक्स कर के उसमें 1 चम्मच घी मिलाएं। इस मिश्रण को रोजाना रोगी को खिलाएं। या फिर केवल अखरोट ही खिलाएं। इससे इम्यून सिस्टम में मजबूती आएगी।
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