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थायराइड को जड़ से दूर करने के लिए बनाएं अखरोट और शहद की घरेलू दवा
अपनी थायराइड ग्रंथियों की गतिविधि को नियंत्रित करने और इसके क्रियाकलाप को सुधारने के लिये, एक घरेलू उपचार है जो हार्मोन के अधिक उत्पादन को रोक सकता है। अखरोट और शहद थायरॉइड को नियंत्रित करने का घरेलू उपचार है।
थायराइड, एंडोक्राइन ग्रंथियों में से एक है जो हार्मोन का उत्पादन करता है। यह मेटाबॉलिक, कार्डियोवैस्कुलर और भावनात्मक स्वास्थ्य में प्रमुख भूमिका निभाता है। इसमें कई महत्वपूर्ण गतिविधियां होती हैं, जो हमारे शरीर में होने वाले प्रोटीन संश्लेषण, परिसंचरण और ऑक्सीजन प्रक्रिया में भी बाधा डालती हैं। लेकिन कभी-कभी, थायराइड ग्रंथि हार्मोनल असंतुलन के कारण हमारे शरीर में विकार उत्पन्न करती है, जो हमारी जीवनशैली को प्रभावित करता है।

थायराइड ग्रंथि खराब होने के लक्षण क्या हैं?
थायराइड खराबी के लक्षण विकसित होने वाली समस्या के प्रकार पर निर्भर करते हैं:
1. हाइपोथायरायडिज्म
2. घेंघा रोग
3. हाइपरथायरायडिज्म
4. थायराइडिसिटिस
5. थायराइड कैंसर
6. थायराइड में गांठ
इसके अलावा कुछ ऐसे सामान्य संकेत हैं जिन पर ध्यान देने से आपको पता चल सकता है कि आपको थायराइड की बीमारी है। जैसे- थकान, चिंता और घबराहट, यौन इच्छाओं की कमी, सूखी त्वचा, बालों का झड़ना, भूख कम लगना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द आदि स्थितियां हैं। इसके अलावा उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल, अनियमित मासिक धर्म और पलभर में सर्दी-गर्मी लगना।
थायराइड के उपचार के लिए अखरोट और शहद कैसे प्रभावी होता है?
अखरोट या अन्य मेवे जिसे शहद के साथ मिलाकर खाने से थायराइड हार्मोन के संतुलन को उत्तेजित करने के लिये पूरक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसके मिश्रण के रोज़ाना सेवन से हार्मोन के उत्पादन में कमी हो सकती है।
थायराइड कंट्रोल करने के लिए अखरोट का महत्व
बहुत से लोग ये नहीं जानते हैं कि किस तरह के मेवे अच्छे थायराइड स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं। हमें ऐसे मेवों का सेवन करना चाहिए, जो पोषक तत्वों से भरपूर हों, जो थायराइड ग्रंथि के कार्य का समर्थन करते हों। मेवों में बड़ी मात्रा में सेलेनियम तत्व होता है, एक ट्रेस तत्व जो थायराइड की गतिविधि में हस्तक्षेप करता है जो हार्मोन के सही पृथक्करण को बढ़ावा देता है।
सेलेनियम का निम्न स्तर आयोडीन की कमी से संबंधित है, जो अंततः हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकता है। मेवों में आवश्यक फैटी एसिड होता है, जो थायराइड ग्रंथि को सूजन से बचाता है। यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
थायराइड नियंत्रित करने के लिए शहद का महत्व
शहद एंज़ाइम, खनिजों, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। कार्बनिक शहद में प्राकृतिक शर्करा होता है, जो कोशिकाओं के लिये ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को शुद्ध करने में सहायता करता है, जो थायराइड विकारों की उपस्थिति को प्रभावित करते हैं। जैविक शहद में ओमेगा 6 फैटी एसिड की उच्च मात्रा भी होती है, जो शरीर की हार्मोनल प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है।
अखरोट और शहद से कैसे बनाएं घरेलू दवा?
ऐसे अखरोट का इस्तेमाल करें जिसमें प्रचुर मात्रा में सेलेनियम उपस्थित हो, जैसे-अखरोट की लकड़ी, काजू, त्रिकोणफल आदि।
सामग्री:
40 अखरोट
3 कप प्राकृतिक शहद
तरीका:
मेवों के छोटे-छोटे टुकड़े करें और उन्हें चॉप कर लें। इसके बाद इन्हें शहद के साथ एक कांच के जार में रख दें।
अब जार को हिलाएं ताकि मेवे और शहद आपस में मिल जाएं।
जार को एयरटाइट रखें ताकि हवा अंदर न जा पाए। इसे 7 से 10 दिन तक ठंडी जगह पर और सूर्य की रोशनी से बचाकर रखें।
इसका सेवन कैसे करें?
नाश्ते से पहले शहद और अखरोट के मिश्रण के दो चम्मच का सेवन करें। आप इसे रात में भी एक बार ले सकते हैं। अपनी दिनचर्या में इस मिश्रण को शामिल करें। आपको परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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