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क्यों कुछ लोगों का खून ज्यादा पीते है मच्छर, इसके पीछे हो सकती है ये वजह
आपने भी यह नोटिस किया होगा कि कुछ ख़ास लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं। आप मच्छरों से बचने का कितने भी प्रयत्न क्यों न कर लें, लेकिन ये मच्छर आपको ढूंढकर काट ही लेते है। ज्यादात्तर लोगों को लगता है कि उनका खून मीठा है शायद इसलिए ही मच्छर उन्हें ज्यादा काटते हैं।
दरअसल केवल फीमेल यानी मादा मच्छर ही आपको काटती है क्योंकि मादा मच्छर को जिन्दा रहने के लिए आइसोल्युसिन की जरूरत होती है और यह इनको आपके खून में मिलता है। मादा मच्छर हमेशा ही आइसोल्युसिन की तलाश में रहती हैं क्योंकि आइसोल्युसिन एमिनो एसिड बनाने के लिए जरूरी होता है और इसलिए वो आपको काटती है।
आपको बता दें कि ओ-प्लस ब्लड ग्रुप वाले लोगों और गर्भवती महिलाओं को मच्छर ज्यादा काटते हैं। इस आर्टिकल में आज हम आपको ये ही बताएंगे कि मच्छर किस तरह के लोगों से ज्यादा आकर्षित होकर उन्हें काटते है।

ब्लड ग्रुप
वयस्क नर मच्छर अपने सर्वाइवल के लिए नेक्टर पर निर्भर रहते हैं, लेकिन मादा मच्छर अंडे के उत्पादन के लिए मानव रक्त में मौजूद प्रोटीन पर निर्भर रहती हैं। दिलचस्प बात यह है कि मच्छरों को अन्य ब्लड टाइप की तुलना में कुछ ब्लड टाइप ज्यादा पसंद होते हैं। एक रिसर्च में पाया गया कि ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों के प्रति मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं और उन्हें ज्यादा काटते हैं।

बीयर पीने वाले को
एक शोध के अनुसार जिन लोगों के खून में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा होती है उनके शरीर से एक ख़ास किस्म की गंध आती है और उसी गंध के प्रति मच्छर आकर्षित होते हैं।

कार्बन डाइऑक्साइड की वजह से
मच्छर उन लोगों के प्रति ज्यादा आकर्षित होते हैं जिनके शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा ज्यादा निकलती है। यही वजह है कि गर्भवती महिलाओं को बच्चे या वयस्कों की तुलना में ज्यादा मच्छर काटते हैं। जिन लोगों के भी शरीर का आकार बहुत बड़ा होता है वे अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन करते हैं।

पसीने की गंध की वजह से
कुछ लोगों को सामान्य से अधिक पसीना आता है। ऐसे लोग आमतौर पर मच्छरों के ज्यादा शिकार होते हैं क्योंकि पसीने में लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड, अमोनिया जैसे तत्व होते हैं जिनके प्रति मच्छर जल्दी आकर्षित होते हैं। यही वजह है कि कसरत के दौरान भी मच्छर ज्यादा काटने लगते हैं।

ज्यादा वर्कआउट करने वालों को..
जो लोग बहुत ज्यादा मात्रा में वर्कआउट करते हैं उनके खून में लैक्टिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है। आपको बता दें कि मच्छर लैक्टिक एसिड के प्रति बहुत तेजी से आकर्षित होते हैं और इसी वजह से वे ऐसे लोगों के शरीर पर ज्यादा काटते हैं।

जींस भी है कारण
आपके शरीर के अंदर मौजूद जींस भी मच्छरों को आकर्षित करते हैं और इस कुछ लोगों के जींस में ऐसे गुण होते हैं जिस वजह से उन्हें मच्छर काटते ही नहीं हैं।

शरीर का अधिक तापमान
जिन लोगों के शरीर का तापमान अधिक होता है, मच्छर उनसे बहुत आकर्षित होते हैं, जिनके शरीर का तापमान गर्म होता है, उन लोगों को मच्छर अपेक्षाकृत ज्यादा काटते हैं।

कपड़ों के रंग की वजह से
एक रिसर्च के मुताबिक, मच्छरों में देखने और रंग पहचानने की क्षमता भी होती है। मच्छर लाल, नीले, जामुनी और काले जैसे रंगों को मच्छर आसानी से पहचान लेते हैं। इसलिए ऐसा मुमकिन है कि अगर आपने ऐसे किसी रंग के कपड़े पहने हैं तो आपको मच्छर ज्यादा काट रहे हों, जबकि आपके साथ सफेद या पीले रंग के कपड़े पहने शख्स को मच्छरों का पता भी न चले।



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