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फोड़े-फुंसी से लेकर कब्ज भगाए सैंड बाथ, एक बार ये स्नान करके देखिए
स्टीम बाथ, सन बाथ के फायदों के बारे में तो आपने खूब सुना होगा लेकिन कभी सैंड बाथ के फायदे में सुना है। जी हां सैंड बाथ यानी रेत के स्नान का फायदा ले रहे है। विदेशों में सैंड बाथ का चलन काफी समय से है। सैंड बाथ का फायदा आप खास तौर पर रेतीली स्थानों पर ले सकते हैं।
जगह चारों तरफ रेत ही रेत पसरी रहती है। विदेशों में सैंड बाथ का चलन जोरो पर है। जापान और अफ्रीकन जैसे देशों में सैंड बाथ धीरे-धीरे टूरिज्म का हिस्सा बनता जा रहा है।
वैसे देखा जाएं तो विदेशो में बल्कि हमारे देश में काफी प्राचीन समय से सैंड बाथ यानी रेत से स्नान, हमारे सौंदर्य के इतिहास का हिस्सा रहा है। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में रेत से स्नान के फायदों के बारे में उल्लेख पढ़ने को मिलता है। आइए जानते है इससे होने वाले फायदों के बारे में।

कैसे काम करता है सैंड बाथ
रेत के ढ़ेर में खुद को आधे से एक घंटे के लिए दबकर बैठे रहे। इससे न सिर्फ आपको आराम का अहसास होगा बल्कि बहुत ही असरदायक तरीके से आपके शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल जाएंगे। रेत बहुत ही क्षारीय गुणों से भरपूर होता है, ये शरीर में मौजूद क्षारीय को खींच खनिज की प्रक्रिया द्वारा शरीर में खनिजों की पूर्ति करता है।

ऐसे ले सैंड बाथ
शुद्ध-साफ मिट्टी को कपड़े से छान लीजिए और उससे अंग-प्रत्यंग को रगड़िए। जब पूरा शरीर मिट्टी से रगड़ा जा चुका हो, तब 15-20 मिनट तक धूप में बैठ जाएं, तत्पश्चात ठंडे पानी से, नेपकीन से घर्षण करते हुए स्नान कर लीजिए।

चर्म रोग भगाएं
जिन लोगों को चर्म रोग से जुड़ी समस्याएं है। जैसे खाज, खुजली, सूजन, दाद, सफेद दाग, उपदंश के घाव आदि-इन पर गरम मिट्टी यानी रेत की पट्टी लगाने से राहत मिलती है। जिन व्यक्तियों को फोड़े-फुंसी होने पर उनमें से मवाद निकलती है, उन्हें सैंड बाथ से काफी हद तक फायदा मिल सकता है।

कब्ज
कब्ज सब रोगों की जड़ है और इसकी अचूक चिकित्सा मिट्टी की पट्टी लगाना है। पेट में गर्म मिट्टी की पट्टी लगाने से लाभ मिलता है। इससे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।

शरीर के घाव हटाए
इसके अतिरिक्त कान, दांत, आंख के दर्द, प्रसव पीड़ा, आग से जलना, एक्सीडेंट की वजह से शरीर में लगे चोट के निशान सैंड बाथ लेने से चले जाते है। आयुर्वेद के अनुसार किसी भी तरह की समस्या में मिट्टी अन्य उपायों से अधिक कारगर और शीघ्र फल देने वाली होती है। इन रोगों या दुर्घटनाओं में पीड़ित स्थान पर मिट्टी की पट्टी बार-बार लगानी चाहिये।

ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है
सैंड यानी रेत गर्म होती है, इसकी गर्मी से शरीर का तापमान एकदम से बढ़ जाता है जिससे हार्टबीट बढ़ने के साथ ही ब्लड सर्कुलशन भी बढ़ जाता है। जिसके परिणामस्वरूप शरीर से सभी अपशिष्ट का निर्वहन होता है और शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन स्तर भी मैंटेन रहता है। इसका असर शरीर में काफी समय तक देखने को मिलता है। ब्लड सर्कुलेशन



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