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चिंता: जांच में फेल हुए 5% ब्रांडेड कंडोम, एक्सपर्ट ने कहा घबराने वाली बात
सुरक्षित यौन संबंध और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए हमारी आधी से ज्यादा आबादी कंडोम पर पूरी तरह विश्वास करती है। अगर आप भी कंडोम को एक सही विकल्प मानते हैं, तो संभल जाइए। हाल में हुई एक जांच में 5 प्रतिशत कंडोम असफल पाए गए। जांच में असफल होने वाले ज्यादात्तर कंडोम ब्रांडेड थे। इनमें ज्यादातर मामले कॉन्डम का प्रेशर न झेल पाना और लीकेज के हैं।
कुछ वक्त पहले ही कंडोम की जांच को लेकर एक आरटीआई फाइल की गई थी जिसमें इसकी गुणवत्ता चैक किए जाएं। इस आरटीआई के बाद एक महीने तक देश के सभी कोनों में से 411 कंडोम की गुणवत्ता चैक की गई तो पता चला कि उन सभी में से 22 कंडोम जांच में फेल हो गए।
कंडोम की गुणवत्ता जांच और इससे संबंधित दूसरी बातों की जानकारी के लिए एक आरटीआई फाइल की गई थी। इसके अनुसार, जून से लेकर जुलाई तक देशभर के तमाम ब्रैंड के 411 कंडोम के सैंपल लिए गए। सैंपल सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लैब (सीडीएलटी) ने खुद लिए थे। जब इनकी जांच हुई, तो होश उड़ाने वाली बात सामने आई। 411 सैंपल में से 22 कंडोम यानी 5 प्रतिशत जांच में फेल हो गए। जांच का आदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिया था।

क्यों है खतरा
एक एचआईवी कार्यकर्ता ने 'इतने बड़े पैमाने पर कंडोम का जांच में फेल होना बड़ा मामला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को इस बारे में जांच का आदेश देना चाहिए।' एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि इससे बीमारी फैलने की संभावना के अलावा, फैमिली प्लानिंग भी प्रभावित हो सकती है। एक डॉक्टर ने बताया कि इसके पीछे जांच सेंटर की कमी का होना भी बड़ी वजह है। देश में रोजाना लाखों कंडोम का इस्तेमाल होता है, लेकिन इनकी क्वॉलिटी चेक के लिए फिलहाल केवल एक संस्था है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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