Latest Updates
-
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम, जान भी ले सकता है आपका 'दिल टूटना'

दिल टूटना न सिर्फ एक कहावत ही नहीं बल्कि दिल से जुड़ी एक समस्या है जो कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक की बड़ी वजह बन सकता है। देश ही नहीं दुनियाभर में कई लोग 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से जूझ रहे है।। देशभर में पिछले कुछ समय से ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के कैसेज ज्यादा देखने को मिले है। इसे आमतौर पर मेडिकल टर्म में 'टाकोटसूबो सिंड्रोम' भी कहा जाता है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम एक ऐसी ही बीमारी होती है जिसमें किसी चीज से आघात होने पर हार्ट का एक भाग अस्थायी रूप से कमजोर हो जाता है।
इसकी मांसपेशियों में शिथिलता आ जाती है, जिससे इसकी पम्पिंग क्षमता कम हो जाती है। इसे स्ट्रेस कार्डियोमायोपैथी भी कहा जाता है। अक्सर यह स्थिति तब होती है जब मानसिक अवसाद अधिक हो जाता है। इसलिए अक्सर लोगों को खुश रहने की सलाह दी जाती है।

ये होते है लक्षण
छाती में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, पसीने अधिक आना, ब्लड प्रेशर लो होना, जी घबराना, धड़कन का अनियमित होने दिखने पर डॉक्टरी सलाह लें।

क्या होता है ब्रोकन हार्ट में
डिप्रेशन, घर में किसी प्रियजन की मुत्यु हो जाना या फिर ब्रेकअप जैसी स्थिति में स्ट्रेस का लेवल अक्सर उच्च हो जाता है, जिस वजह से हार्ट में लेफ्ट वेंटिकल के एक भाग की मांसपेशियां अस्थायी रूप से शिथिल हो जाती हैं, उनमें संकुचनशीलता कम हो जाती है। ब्लड वेसेल्स में अस्थायी सिकुडन से हार्ट तक ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंच सकती है। इस वजह से व्यक्ति को छाती में दर्द होता है, यह स्थिति हार्ट अटैक के समान होती है।

महिलाएं ज्यादा गुजरती है इस बीमारी से
अक्सर ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा देखने को मिलता है। उनमें भी 50 वर्ष की आयु से अधिक की महिलाओं में होती है। ऐसा माना जाता है कि ये महिलाओं में ज्यादा इसलिए पाया जाता है, क्योंकि महिलाओं में मेन्टल स्ट्रेस की अधिकता से एस्ट्रोजन हर्मोन के कारण कैटेकोलामीन एवं ग्लुकोकोर्टिकोइड अधिक रिलीज होता है। ये दोनों स्ट्रेस हार्मोन होते हैं, जो कि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का मुख्य कारण होते हैं।

हार्ट अटैक और ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में फर्क
हार्ट अटैक में ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज पाया जाता है पर ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में वेसल्स में किसी तरह का कोई ब्लॉकेज नहीं पाया जाता। उपचार के लिए समय पर इसके लक्षणों को पहचान कर कुछ तरह की कार्डियक दवाओं के जरिये इसे ट्रीट किया जाता है।

मौत भी हो सकती है
अगर ज्यादा समय तक लोग दिल टूटने के दर्द के साथ जीते हैं तो उनमें इस बीमारी के चांस बढ़ जाते हैं जिसका इलाज भी आसान नहीं है। एक रिसर्च के मुताबिक इस बीमारी के कारण लोगों की मौत होने की बड़ी वजह मसल्स का कमजोर हो जाना है। इस रिसर्च में 52 ब्रोकन हार्ड सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों को 4 महीने तक निगरानी में रखा गया।

हैप्पी हार्ट सिंड्रोम
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम जरुरी नहीं है किसी गंभीर दुख के बाद हो ये अचानक मिलने वाली खुशी के वजह से भी होती है। अगर किसी इंसान को अचानक से अत्यन्त खुशी की बात मालूम चल जाएं, खासकी जिसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं की जा सकती थी, उस अवस्था में भी हमारे शरीर में उत्तेजित करने वाले स्ट्रेस हार्मोन का अचानक से स्तर बढ़ जाने से हृदय का एक हिस्सा एकदम से काम करना कम कर देता है, जिसे हैप्पी हार्ट सिंड्रोम भी कहते हैं। पर अक्सर यह इतना कॉमन नहीं दिखाई देता है।



Click it and Unblock the Notifications