Latest Updates
-
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती
साबुन और टूथपेस्ट में पाए जाने वाले इस केमिकल से महिलाओं को हो सकता है ऑस्टियोपोरोसिस
ट्राइक्लोसैन एक तरह का सामान्य केमिकल है जिसे कई तरह के कंज्यूमर प्रोडक्ट में बैक्टीरिया मारने के लिए मिलाया जाता है। लेकिन ये केमिकल महिलाओं के स्वास्थय के लिए बुरा साबित हो सकता है। ऐसा ही हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है। रिपोर्ट्स की मानें तो इन कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स जैसे साबुन, टूथपेस्ट, हैंड सैनिटाइजर्स और माउथवॉश में ट्राइक्लोसैन मौजूद होता है।
इस स्टडी की मानें तो लगातार इन चीजों के सेवन से महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। वैसे कैल्शियम की कमी से महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा रहता है। लेकिन स्टडी में पता चला कि महिलाएं जो एंटीबैक्टीरियल साबुन, टूथपेस्ट या पर्सनल केयर प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं उनसे खतरा बढ़ जाता है।

चीन के एक मेडिकल कॉलेज से यिनजुंग ली बताते हैं कि लैबोरेटरी स्टडीज में यह बात सामने आई है कि ट्राइक्लोसैन से एनिमल्स की बोन मिनरल डेंसिटी पर बेहद खराब असर पड़ता है। हालांकि ट्राइक्लोसैन और मनुष्यों की हड्डियों के बीच क्या रिलेशन है, इस बारे में कम ही पता चल पाया है। यह बात सामने आई कि जिन महिलाओं के यूरिन में ट्राइक्लोसैन की मात्रा ज्यादा होती है, उनमें हड्डियों से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखी गईं।
कुछ रिसर्चेज में यह भी सामने आया कि ट्राइक्लोसैन थायरॉइड और रिप्रोडक्टिव सिस्टम को भी प्रभावित करता है। हालांकि ट्राइक्लोसैन ऑस्टोयपोरोसिस के लिए सीधे जिम्मेदार होता है, इस बात को साबित करने के लिए अभी और रिसर्चेज की जरूरत है। हालांकि सावधानी के तौर पर इससे बचाव किया जा सकता है।
ये प्रॉडक्ट्स खरीदते समय आप प्रॉडक्ट की लैबल पर लिखे कंटेट जरूर पढ़ें और कोशिश करें कि ट्राइक्लोसैन वाले साबुन, मंजन और माउथवॉश न खरीदें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications