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मल्टीपल पार्टनर से संबंध बनाने से बीमार कर सकता है ये खतरनाक वायरस, जाने लक्षण और बचाव के बारे में
अगर आपके शरीर के कुछ खास हिस्सों में अचानक मस्से (Warts) दिखने लगे है, तो इसे हल्के में न लें। यह एचपीवी (HPV) यानी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के लक्षण भी हो सकते हैं। एचपीवी (HPV) बहुत ही खतरनाक होता है।
एचपीवी एक ऐसा वायरस होता है, जो यौन संभोग के माध्यम से त्वचा से दूसरे व्यक्ति की त्वचा में फैल सकता है या इसके अन्य रूप जननांगों के संपर्क में त्वचा में फैल सकते हैं। यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है और इस वायरस के शरीर में पहुंच जाने के बाद भी कुछ खास लक्षण दिखाई नहीं पड़ते हैं।

खतरनाक है आंकड़ा
इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति को प्रारम्भिक स्तर पर इस बीमारी का पता ही नहीं चल पाता है। सेक्सअुली एक्टिव लोगों को कम से कम 80 फीसदी महिला और पुरुष को अपने जीवन में इस वायरस के संक्रमण का सामना करना पड़ता है। इसलिए ह्यूमन पेपिलोमा वायरस से कैसे बचा जाए, इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है। ह्यूमन पेपिलोमा वायरस सेक्स और ओरल सेक्स के जरिए से दूसरे में फैलता है।

क्यों खतरनाक है ये वायरस
एचपीवी (HPV) से 6 तरह के कैंसर हो सकते हैं। एचपीवी गर्भाशय कैंसर के लिए 99 प्रतिशत (एनएचएस की जानकारी के मुताबिक़), गुदा कैंसर के लिए 84 प्रतिशत, लिंग कैंसर के लिए 47 प्रतिशत जिम्मेदार होता है। इसके अलावा इसके संक्रमण से योनिमुख, योनि, गले और मुंह का कैंसर भी होता है।

एचपीवी (HPV) के लक्षण
कई मामलों में मस्सा बनने से पहले शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली एचपीवी संक्रमण को खत्म कर देती है। इसमें जननांग मस्सा (genital warts), सामान्य मस्सा, तलवे का मस्सा, सपाट मस्सा नजर आता है। यदि आपको या आपके बच्चे को किसी प्रकार का मस्सा है, जिसमें दर्द है या बेचैनी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

ऐसे करें एचपीवी (HPV) से बचाव
न रखें मल्टीपल पार्टनर्स
इस खतरनाक वायरस के संक्रमण से बचाव की बात की जाएं तो इसका कोई कारगर इलाज अभी सामने नहीं आया है। इसलिए इस वायरस के फैलने का पता लग जाने पर इसके असर को ठीक किया जा सकता है। एचपीवी से बचने के लिए एक से अधिक लोगों से सेक्स संबंध न बनाएं। ऐसा करने से इस संक्रमण के खतरे को काफी कम किया जा सकता है।

महिलाओं को करवाना चाहिए पेप टेस्ट
एचपीवी संक्रमण के लगातार रहने पर महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है यदि गर्भाशय में असामान्य कोशिकाएं पनप रही हैं और इस बात का पता लगाने के लिए पेप टेस्ट करवाना चाहिए। वहीं, एक्सपर्ट का सुझाव है कि महिलाओं को टेस्ट करवाते रहना चाहिए। एक रिपोर्ट के मुतबिक गर्भाशय कैंसर के अधिकतर मामले एचपीवी के कारण होते हैं।

न छूएं मस्सों को
सामान्य मस्से पैदा करने वाले एचपीवी संक्रमण की रोकथाम करना कठिन होता है। यदि आपको सामान्य मस्से हो गए हैं, तो आप उन्हें छूने या खरोंचने से बचाव करें, संक्रमण फैलने और नए मस्से विकसित होने से रोकथाम कर सकते हैं।



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