आम की पत्तियों से बनी चाय पीने से छूमंतर होगी कई बीमार‍ियां, जाने इसकी रेसिपी

आम को फलों का राजा कहा जाता है। आम खाने में स्वादिष्ट लगने के साथ ही सेहत के लिए भी लाभकारी होते है। यहां तक कि आम की पत्तियां भी गुणों से भरपूर होती है। इन पत्तियों में बहुत सारे विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसमें मौजूद मंगिफेर्न नामक पदार्थ सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। आप इन पत्तियों से चाय बनाकर भी पी सकते हैं।

इससे पेट संबंधी कई विकार दूर होते हैं। आम की पत्तियों में मौजूद खास तत्‍व आम की पत्तियों की चाय (Mango leaves tea) आपके ल‍िए फायदेमंद साबित हो सकती है।

 आम की पत्ती की चाय की रेसिपी

आम की पत्ती की चाय की रेसिपी

आम की पत्तियों की चाय बनाने के लिए आम की पत्तियों का इस्‍तेमाल करें। दोगुने पानी को तब तक उबालें जब तक यह आधा न रह जाए। इनका अपना फ्लेवर ही बहुत खास होता है। इसलिए किसी तरह की शक्‍कर मिलाने की जरूरत नहीं है। आम चाहें तो इसमें आम या अमरूद का रस मिला सकते हैं। इसके बाद इसे कप में छान लें और अब इसे गर्मागम सर्व करें और पीएं।

पेट को रखे स्‍वस्‍थ

पेट को रखे स्‍वस्‍थ

पेट को स्‍वस्‍थ रखने के लिए आप आम के पत्तों को उबालें और फिर इसे किसी बर्तन में रात भर के लिए ढक कर रख दें। अगली सुबह इस पानी को छाने और खाली पेट इसका सेवन करें। इसके नियमित सेवन से पेट से संबंधित ज्यादातर समस्‍याएं दूर हो जाती हैं।

 वेरीकोज वेन्स से पाएं न‍िजात

वेरीकोज वेन्स से पाएं न‍िजात

वेरीकोज वेन्स से नि‍जात पाने के लिए आम की पत्तियों को पानी में उबालकर इसकी चाय बनाएं और इस चाय को पिएं। इसमें अमरूद, पपीता या आम कर रस मिलाकर भी पी सकते हैं।

ब्‍लडप्रेशर के ल‍िए फायदेमंद

ब्‍लडप्रेशर के ल‍िए फायदेमंद

उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए भी आम के पत्तों की चाय एवं इसके उबले हुए पानी से नहाना काफी फायदेमंद होता है।

अस्‍थमा मरीजों के ल‍िए फायदेमंद

अस्‍थमा मरीजों के ल‍िए फायदेमंद

आम की पत्तियों को उबाल कर निकाले गए रस में शहद मिलाकर सेवन करने से ब्रॉन्काइटिस और अस्‍थमा की समस्या को दूर किया जा सकता है। यह खांसी को प्रभावी रूप से ठीक करता है।

डायबिटीज रोगी के ल‍िए फायदेमंद

डायबिटीज रोगी के ल‍िए फायदेमंद

आम की पत्तियों में एंथोसाइनिडिन नामक टैनिन होते हैं जो शुरुआती डायबि‍टीज के इलाज में मदद करते हैं। आम की सूखी पत्तियों का पाउडर बनाकर या इसकी पत्तियों का काढ़ा बनाकर उपयोग किया जा सकता है। यह मधुमेह एंजियोपैथी और मधुमेह रेटिनोपैथी के इलाज में भी मदद करता है। साथ ही यह हाइपरग्लाइसीमिया के इलाज में भी मदद करता है।

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