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Holi 2019: रंग-गुलाल के साथ बच्चों की सेफ्टी पर दे ध्यान, कहीं छोटी सी चूक रंग में भंग न डाल दे
त्योहार रोशनी का हो या फिर रंगो का, लेकर खुशियां ही आते हैं। फेस्टिवल कोई सा भी हो लेकिन सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट बच्चों के चेहरे पर दिखाई देती है। होली आने में कुछ दिन ही बचें है, पिचकारी और रंगों को लेकर बच्चों अभी से काफी एक्साइटेड है। कई मोहल्ले और कॉलोनी में बच्चों के हाथों में पिचकारी अभी से देखने को मिल रही हैं।
होली से जुड़ी बाकी तैयारियों के साथ बच्चों की सेफ्टी को लेकर भी प्लानिंग कर लें ताकि खुशियों के मौके पर थोड़ी सी चूक से रंग में भंग न पड़ जाए। पैरेंट्स को अलर्ट रहने के साथ बच्चों की सेफ्टी पर ध्यान देना जरुरी होता है। जाने सेफ्टी टिप्स-

ऑर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल करें
होली में रंगों के नाम पर बाजार में सिंथेटिक कलर मिलते है जो केमिकलयुक्त होते हैं। ये त्वचा के संपर्क में आने से कई तरह से नुकसान पहुंचान सकते हैं। इसलिए अपने बच्चों को नेचुरल और हर्बल रंग से होली खेलने की हिदायत दें। ये बच्चों की त्वचा के लिए नुकसानदायक नहीं पहुंचाता है और ये आसानी से चेहरे से छूट जाता है।

पानी भरे गुब्बारों से दूर रखें
पानी भरे गुब्बारों से होली खेलने में बड़े हो या बच्चें, मजा तो सबको आता है। लेकिन बहुत जोर से गुब्बारे मारने से चोट भी लग सकती है। आंखों, त्वचा और कान को नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए होली से पहले अपने बच्चों को पानी के गुब्बारों से होने वाले नुकसानों के बारे में जरुर बताएं और उसे पिचकारी से होली खेलने की सलाह दें।

लाकर दें फंकी गॉगल्स
केमिकलयुक्त रंग बच्चों की आंखों में पहुंचकर नुकसान न पहुंचाएं इसके लिए बच्चों को कलरफुल और फंकी गॉगल्स लाकर दें। बच्चे स्टाइलिश दिखेंगे साथ ही आंखें भी सुरक्षित रहेगी।

सही कपड़ों का चुनाव
बच्चों को फुल स्लीव्स की शर्ट या कुर्ता साथ में फुल पैंट्स या पैजामा पहनाएं। त्वचा ढंकी रहने से वह कलर्स के संपर्क में कम आएंगे।

स्किन की सुरक्षा पर भी दे ध्यान
केमिकलयुक्त रंग स्किन को नुकसान न पहुंचाएं इसके लिए बच्चों की त्वचा पर पेट्रोलियम जेली या नारियल/सरसों का तेल लगा दें। बालों और सिर की त्वचा पर भी तेल लगा दें।

ऑर्गेनिक कलर यूज करते हुए भी रखे ध्यान
ऑर्गेनिक कलर, केमिकल-फ्री होते है, होली खेलने के दौरान अगर ये भी मुंह में चले तो खतरनाक साबित हो सकते हैं। सिंथेटिक कलर हो या फिर केमिकल युक्त कलर, मुंह में चले जाने के वजह से ये फूड पॉइजिंग और संक्रमण होने का खतरा रहता है। अपने बच्चों को मुंह में रंग जाने के नुकसान के बारे में जरुर बताएं और समझाएं कि अगर रंग, आंख और मुंह में चला जाए तो इसे तुंरत धोएं वरना गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

बच्चों पर नजर जरुर रखें
होली हालांकि रंगों के साथ हर्षोउल्लास का पर्व है लेकिन होली खेलने में इतने भी मशगूल न हो जाएं कि आपका ध्यान बच्चों पर न रहें, उन पर नजरें जरुर रखें। ताकि थोड़ी सी भी इमरजेंसी होने पर आप उसके पास तुरंत पहुंच सकें।



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