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क्लास रुम का टेम्परेचर भी लड़के और लड़कियों के दिमाग पर डालती है असर, स्टडी में दावा
अकसर शरीर का तापमान चैक करने के लिए सबसे पहले थर्मोस्टेट का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि तापमान का असर आपके टेस्ट स्कोर पर भी पड़ता है। जी हां, हाल ही में हुई एक नई रिसर्च में सामने आया है कि कमरे के तापमान का महिलाओं और पुरुषों के गणित एवं मौखिक टेस्ट पर अलग-अलग असर पड़ता है। खासतौर पर, गर्म तापमान होने पर महिलाओं के अंक ज्यादा आए थे। वहीं दूसरी ओर कमरे का तापमान ठंडा होने पर पुरुषों ने बेहतर स्कोर किया। कई सर्वेक्षणों में पाया गया है कि घर पर महिलाओं को ठंडा तापमान ज्यादा होता है लेकिन इस स्टडी में इस बात पर गौर किया गया है कि कमरे का तापमान किस तरह आपके दिमाग को प्रभावित करता है।

शोध में जर्मन विश्वविद्यालय के 542 छात्रों को शामिल किया गया जिन्हें 24 समूहों में बांटा गया। इन छात्रों का लगभग 61 डिग्री से लेकर 91 डिग्री फारेनहाइट तक के तापमान पर तर्क, गणित और मौखिक टेस्ट लिया गया। प्रतिभागियों को उनके अंकों के आधार पर नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। कुल प्रतिभागियों में से 41% महिलाएं थीं जिन्होंने गणित और मौखिक परीक्षणों में अच्छा स्कोर किया, इस दौरान कमरे का तापमान अंत तक गर्म रखा गया था, जबकि पुरुषों ने आमतौर पर ठंडे तापमान में बेहतर प्रदर्शन किया था।
गर्म तापमान में महिलाओं का दिमाग तेज चलता है जबकि इस मामले में पुरुष महिलाओं से काफी पीछे थे। 22 मई को पीएलओएस वन में प्रकाशित हुई इस स्टडी के अनुसार कमरे के तापमान का प्रतिभागियों के लॉजिक टेस्ट पर कोई असर नहीं पड़ा था। शोधकर्ताओं के अनुसार "कमरे के तापमान में सामान्य भिन्नताएं पुरुषों और महिलाओं के लिए संज्ञानात्मक प्रदर्शन को काफी और अलग तरीके से प्रभावित कर सकती हैं"।
शोधकर्ताओं ने बताया कि ये अध्ययन जर्मन छात्रों पर किया गया था जो कि समान ग्रुप से ताल्लुक रखते थे। मतलब कि इनके सामाजिक या आर्थिक स्तर पर भिन्नताएं नहीं थीं। इसलिए ऐसा हो सकता है कि किसी अलग ग्रुप के महिलाओं और पुरुषों के दिमाग पर तापमान का कुछ अलग असर पड़ता हो।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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