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तेज धूप की वजह से हो सकती है आपको सनप्वाइजिंग, जाने इसके लक्षण और बचाव के उपाय
धूप में ज्यादा देर तक रहने के वजह से या गर्मी में तेज धूप में स्किन झुलसने की वजह से अक्सर सनबर्न की शिकायत हो जाती है। गर्मियों में सनबर्न और टैनिंग बहुत ही आम समस्या है लेकिन क्या आपने सन प्वाइजनिंग के बारे में सुना है। ये एक तरह का सनबर्न का सबसे गंभीर रूप होता है जो दर्दनाक होने के अलावा स्किन और शरीर दोनों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
सन प्वाइजनिंग के संकेत पहचान कर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आप स्वयं ही इस संकेतों को समझ सकते हैं कि आप सन बर्न के शिकार हो चुके हैं और सन बर्न अब तेजी से बढ़ रहा है। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ संकेत बताने जा रहे है जिसके आप सन प्वाइजनिंग के बारे में पता कर सकते हैं।

सन प्वाइजनिंग के गंभीर लक्षण
शरीर के तापमान में अंतर आना
अगर सन बर्न स्किन पर बढ़ता जाए तो ये समझने में देर न करें कि आप सन प्वाइजनिंग शिकार होते जा रहे हैं। इससे बचाव के लिए अपने शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखें। वयस्कों के शरीर का सामान्य तापमान 97 और 99 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच होता है जबकि बच्चों और शिशुओं का सामान्य तापमान आमतौर पर 97.9 और 100.4 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच होता है। यदि आपके शरीर का तापमान बहुत अधिक या कम है तो आपको फ्लू जैसे लक्षण भी दिखने लग सकते हैं। जैसे आपको ठंडा पसीना आ सकता है या आपको कपकपी फील हो सकती है। ये सब भी सन प्वाइजिंग के संकेत में से एक है।

कमजोरी होना
सन प्वाइजनिंग आपके शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स को निकाल देता है या कम कर देता है जिसकी वजह सेआपके अंदर फ्लू के गंभीर लक्षण नजर आने लगते हैं। आपको मिचली सा महसूस होगा। इतना ही नहीं सन बर्न बढ़ेगा तो व्यक्ति के अंदर उलझन बढ़ती है, बेहोशी महसूस होती है, तेज ठंड लगना और मिचली के साथ उल्टी भी आने लगती है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का कम होना बहुत गंभीर संकेत होता है क्योंकि इसकी कमी से आपको कमजोरी महसूस होने लगती है।

स्किन इंफेक्शन का बढ़ जाता है खतरा
सन प्वाइजनिंग अगर स्किन पर बढ़ता जाता है तो इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। सन प्वाइजनिंग की वजह से स्किन इंफेक्शन बढ़ सकता है और स्किन में मवाद या पानी भर जाता है। फट चुकी स्किन की सतह से पानी रिसने लगता है बिलकुल छाले की तरह और कुछ दिनों बाद उसमें सूजन और दर्द शुरू हो जाता है। अगर ऐसा लक्षण नजर आने लगे तो गंभीर हो जाएं।

इन तरीकों से बचें सन प्वाइजनिंग से
सनबर्न या सन प्वाइजनिंग से बचने का सबसे पहला कारगर उपाय है कि आप तेज धूप में जाने से बचें। जब भी धूप में निकलना हो आप घर से निकलने से करीब 30 मिनट पूर्व सनस्क्रीन लगा लें या खूब सारा पानी पीके ही निकालें।

इन बातों का रखें ख्याल
- सनस्क्रीन का एसपीएफ 30 या इससे ऊपर होना चाहिए।
- जब भी धूप में निकलें सूती कपड़े ही पहनें।
- अपने शरीर को पूरा ढक कर रखें, सन एक्सपोज से खुद को बचाएं। इसके लिए शरीर को कॉटन कपड़ें से कवर रखें।
- स्किन कैंसर फाउंडेशन के अनुसार यूपीएफ को कपड़ों के जरिये भी स्किन में जाने से रोका जा सकता है। इसलिए बेहतर होगा की खुद को ऊपर से नीचे तक ढक कर रखें।
- यदि आपको अधिक पसीना आता है या आप स्विमिंग करते हैं तो हर दो घंटे पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
- याद रखें सनस्क्रीन जब भी यूज करें उसे घर से निकलने से पहले ही लगाएं। तुरंत लगा कर धूप में निकलने से सनस्क्रीन का प्रभाव नहीं होगा।



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