Brain Health Tips: तुरंत छोड़ दें ये बुरी आदतें, जो ब्रेन को कर रही खोखला

आपके डेली रूटीन में कुछ ऐसी आदतें भी शामिल होती हैं, जो जाने-अनजानें में आपके दिमाग के लिए नुकसानदायक होती हैं। क्योंकि ब्रेन शरीर का सबसे महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा हैं। अगर ये सही से काम नहीं करता तो शरीर का कोई भी अंग सही तरीके काम नहीं कर सकेगा। ब्रेन ही आपके शरीर के सभी अंगों को सूचानाएं देने और आदेश देने का काम करता है। इसलिए अपने ब्रेन की हेल्थ का ख्याल रखना काफी जरूरी हो जाता है। इसके लिए आपको अपने डेली रूटीन की आदतों में भी बदलाव करना पड़ेगा, जिसकी वजह से आपका ब्रेन डैमेसॉज हो रहा है। health.harvard.edu की वेबसाइट में लिखे लेख Harvard Men's Health Watch के अनुसार, आपकी कई बुरी आदतें आपके ब्रेन को नुकसान पहुंचाती है। जिसमें बहुत ज्यादा तनाव लेना, नींद की कमी, बहुत ज्यादा किसी भी बात पर सोंचना, ब्रेन को किसी प्रोडक्टिव वर्क में ना लगाना भी आपके दिमाग को डैमेज करने के लिए काफी है।

नींद की कमी से होने लगती है दिमाग से संबंधित बीमारियां

नींद की कमी से होने लगती है दिमाग से संबंधित बीमारियां

जब आप किसी काम में घंटो लगे होते हैं, पर्याप्त तरीके से आराम या नींद नहीं लेते हैं, जब आपको नींद की सख्त जरूरत होती है, फिर भी काम में बिजी होने के कारण आप चाय या कॉफी पीकर नींद को दूर भगाते हैं, लेकिन ये सब आपके ब्रेन को नुकसान करता है। आपको ऐसा कई बार आभास हुआ होगा कि दिमाग आपसे कह रहा है कि सो जाओ, लेकिन आप नहीं सोते हैं, फिर आप अचानक से सोने लगते हैं, क्योंकि उस वक्त आपके ब्रेन के आराम की जरूरत होती है। नींद की कमी से अल्जाइमर समेत डिप्रेशन, डिमेंशिया रोग हो सकता है। शराब, कैफीन, व सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाकर रखें और अपने ब्रेन की हेल्थ के लिए अच्छी नींद लें।

बहुत ज्यादा बैठना

बहुत ज्यादा बैठना

औसत वयस्क डेली साढ़े छह घंटे बैठता है। ये कुर्सी का वक्त ब्रेन मेंं काउंट होता है। PLOS One के 2018 के एक अध्ययन में पाया गया कि बहुत अधिक बैठना ब्रेन के उस पार्ट से में बदलाव से जुड़ा है, जो मेमोरी के लिए जरूरी है। जो लोग सबसे लंबे वक्त तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं उनके एमटीएल एरिया पतले थे। रिसर्चर्स के अनुसार, एमटीएल का पतला होना मनोभ्रंश को बढ़ावा दे सकता है।

बहुत अधिक अकेले समय बिताना

बहुत अधिक अकेले समय बिताना

जैसा कि आप बचपन से पढ़ते आ रहे हैं कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, उसे समाज में ही रहना चाहिए। जरा रुकें.. इसका मतलब ये नहीं कि आप दिन भर सोशल मीडिया पर बैठे रहें। इसका मलतब ये है कि आप लोगों से बोलचान, मिलना जुलना बनाकर रखें, सोशल रहें। जो लोग लोगों से मेल मिलाप करते रहते हैं, काफी सोशलाइट होते हैं, वे अधिक खुश और प्रोडक्टिव होते हैं। अगर आप अकेले रहते हैं, या फिर किसी से मिलते जुलते नहीं हैं, ये आपके लिए खतरे की घंटी है, अपने ब्रेन को प्रोडक्टिव बनाने के लिए तो कुछ दोस्तों को बुलाएं या उनसे मिलें। लोगों से घुले मिले, जिससे आपके ब्रेन के हेल्थ के लिए बेहतर होती है।

बहुत ज्यादा तनाव लेना

बहुत ज्यादा तनाव लेना

कोई पुराना स्ट्रेस भी आपके ब्रेन को डैमेज कर सकता है। आपकी सोचने और समझने की शक्ति भी ब्रेन के डैमेज होने से कम हो जाती है। क्रोनिक स्ट्रेस मस्तिष्क की कोशिकाओं को मार सकता है, इसके साथ ही प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स को सिकोड़ सकता है।

नाश्ता छोड़ना

नाश्ता छोड़ना

ब्रेकफास्ट आपके ब्रेन और बॉडी के लिए काफी जरूरी फ्यूल के रूप में काम करता है। अगर आप अपना नाश्ता डेली छोड़ते हैं तो ये आपके ब्रेन को डैमेज कर सकता है। आपका ब्लड शुगर कम होगा तो आपको ध्यान केंद्रित करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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