Latest Updates
-
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय
कैसे कुत्तों को हो जाता है पार्वो, ये है इसके लक्षण, वजह और इलाज
कैनाइन पार्वोवायरस, जिसे केवल "पार्वो" या CPV के रूप में भी जाना जाता है। कम इम्यूनिटी वाले वयस्क और जिन कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ उनके लिए ये वायरस जानलेवा साबित हो सकता है। यह वायरस लेब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, बीगल और रॉटविलर ब्रीड में होने का ज्यादा खतरा होता है। आइए जानते हैं कि पार्वो वायरस क्या है और इससे डरने या घबराने की जरुरत क्यों हैं, इसके लक्षण, कारण और बचाव के बारे में जानते हैं।

क्या होता है पार्वो वायरस
पार्वो एक खतरनाक वायरस है जो कुत्तों और उसके बच्चों में फैलता है। भारत में यह 1980 में पहली बार पाया गया था। इस इन्फेक्शन के लक्षण कुत्तों में पशु विशेषज्ञ ही जांच के जरिए पुष्टि करते हैं। इस वायरस के इन्फेक्शन से करीब 90 फीसदी मामलों में मौत का खतरा रहता है।

कैसे फैलता है यह संक्रमण?
इस वायरस संक्रमित कुत्ते के सम्पर्क में आने या उसकी संक्रमित चीजें दूसरे कुत्ते तक पहुंचने पर उसे बीमार बना सकता है। संक्रमित कुत्ते का मल सूंघने, उसे चाटने, उसका जूठा खाने को खाने या पानी पीने से भी स्वस्थ कुत्ते में संक्रमण फैल सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में अपने पालतू कुत्ते को टहलाते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें।

कैसे पहचानें अपने कुत्तों में पार्वो वायरस को?
जानकारों की मानें तो एक बार आहार नाल तक इसका संक्रमण होने पर बीमार कुत्ते में कई तरह के लक्षण दिखते हैं। कुत्तों या इनके बच्चों में पार्वो वायरस के संक्रमण के बाद डायरिया, उल्टी होना, उसका वजन घटना, शरीर में पानी की कमी होना और सुस्ती रहना जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर पशु चिकित्सक लेना ही आखिरी उपाय होता है।

क्या यह वायरस कुत्ते से इंसान में फैलने का खतरा है?
कुत्तों से इंसान में फैलने की बात तो अभी तक दुनिया में कहीं रिपोर्ट नहीं हुई है। लेकिन यह वायरस इंसानों से कुत्तों में जरूर पहुंच सकता है। जैसे किसी संक्रमित कुत्ते से इंसान के हाथ, कपड़ों या दूसरे हिस्सों में यह वायरस पहुंचा है और वो इंसान किसी स्वस्थ कुत्ते के संपर्क में आया है तो वह जानवर संक्रमित हो सकता है। इसलिए अलर्ट रहें।

क्या इसका कोई इलाज है?
अभी तक इस वायरस का कोई भी ठोस इलाज नहीं है। लेकिन जिन कुत्तों का वैक्सीनेशन हो चुका होता है, उनमें इस वायरस का इंफेक्शन फैलने का खतरा कम होता है। कुत्तों में वैक्सीन की पहली डोज जन्म से 40 से 45 दिनों के बाद लगाई जाती है। पहली डोज के 21 दिन बाद दूसरी डोज दी जाती है। पशु चिकित्सकों का कहना है, जिन कुत्तों को वैक्सीनेशन के दोनों डोज नहीं लगी है तो ऐसी स्थिति में उन कुत्तों को बाहर ले जाने से बचें।



Click it and Unblock the Notifications