हर ऱोज पीनट बटर खाते है तो हो जाए सावधान, बढ़ सकती है एक्ने की समस्या

एक्ने यानि मुंहासे एक सामान्य स्थिति है, जिससे ना सिर्फ महिलाएं बल्कि पुरूष भी सफर करते है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्किन क्लीनिंग का अच्छे से ध्यान रखने के बाद भी एक्ने की समस्या क्यूं होती है। वो क्या कारण है जिसकी वजह से आपके चेहरे पर बार-बार एक्ने उभर आते है। दरअसल आपके चेहरे पर होने वाले एक्ने के पीछे आपका खानपान भी जिम्मेदार है। जिसमें से एक है पीनट बटर। हालांकि, इस पर अभी पूरी तरह की कोई स्टडी सामने नहीं आई है, लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि पीनट बटर में मौजूद एडेड शुगर ओमेगा-6 फैटी एसिड कुछ लोगों में मुंहासे के ब्रेकआउट का कारण बन सकते है या स्थिति को ट्रिगर कर सकते हैं। यहां हम पीनट बटर से होने वाले एक्ने की संभावना और इसके बीच के कनेक्शन के बारे में बताएंगे।

एक्ने का कारण

एक्ने का कारण

जब ऑयल की वजह से रोम छिद्रों में डेड स्किन सेल्स और गंदगी एकत्रित हो जाती है। तब एक्ने की समस्या होती है। इंफ्लामेशन, बैक्टीरिया, हॉर्मोन्स और दूसरे फैक्टर्स भी इसमें योगदान देते हैं। पीनट बटर को एक्ने से इसलिए लिंक किया जाता है क्योंकि इसमें ट्रांस फैट्स अधिक मात्रा में होता है। कई ऑयली और प्रोसेस्ड फास्ट फूड्स में ट्रांस फैट होता है और एक स्टडी के अनुसार ट्रांस फैट और डायट इंडूस्ड एक्ने के बीच स्ट्रांग लिंक है।

सैचुरेटेड फैट

सैचुरेटेड फैट

करीब 45 ग्राम पीनट बटर में 4.54g सैचुरेटेड फैट पाया जाता है। यह अमाउंट उतना ही है जितना कुछ ऑयल्स में होता है। हालांकि, अगर सैचुरेटेड फैट को सीमित मात्रा में खाया जाए तो यह उतना नुकसानदायक नहीं है। हाय सैचुरेटेड डाइट जिसमें कई प्रकार के अल्ट्रा प्रोसेस्ड और फ्राइड हुए फूड्स होते हैं वे क्रोनिक डिजीज का रिस्क बढ़ा सकते हैं।

ओमेगा-6s

ओमेगा-6s

ओमेगा-6s और ओमेगा- 3 वो आवश्यक फैटी एसिड्स हैं जो हमें डाइट से मिलते है। प्रोसेस्ड फूड्स या अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में ओमेगा-6s अधिक मात्रा में होता है, लेकिन ओमेगा-3s कम मात्रा में पाया जाता है। पीनट बटर, में विभिन्न तेल पाए जाते हैं, जैसे कि ताड़ का तेल। यह भी ओमेगा -6 का स्रोत है। शरीर को ओमेगा -6 और ओमेगा -3 दोनों की आवश्यकता होती है, लेकिन सही संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बहुत अधिक ओमेगा -6 का सेवन, जो प्रो-इंफ्लामेटरी होते हैं, और ओमेगा -3 एस की पर्याप्त मात्रा ना होना जो कि एंटी-इंफ्लेमेटरी हैं, नैगेटिव इफेक्ट दिखा सकता है। ऐसे में ये बात सामने आती है है कि डाइट में अधिक मात्रा में मौजूद ओमेगा-6 एक्ने बढ़ने का कारण बन सकता है।

पीनट एगल्यूटिनिन

पीनट एगल्यूटिनिन

पीनट एगल्यूटिनिन एक प्रकार का प्रोटीन है जिसे लेक्टिन कहा जाता है। लेक्टिन पचाने में मुश्किल होते हैं और ये छोटी आंत में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे इंटस्टाइनल परमेबिलिटी बढ़ सकती है, जिससे आंतों से पदार्थों को रक्तप्रवाह में रिसाव करना आसान हो जाता है। क्योंकि यह सूजन का कारण बनता है और ये डिफेंस सिस्टम को प्रभावित करता है। और ये सारा प्रोसेस एक्ने को ट्रिगर करता है।

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एडेड शुगर

एडेड शुगर

पीनट बटर से एक्ने होने का एक और कारण इसमें शामिल एडेड शुगर भी हो सकती है। दरअसल कई कंपनियां पीनट बटर में एडेड शुगर या किसी प्रकार की कोई मीठी चीजें एड करती हैं। 45 ग्राम की एक सर्विंग में 4.72 g तक शुगर पाई जाती है। और एक स्टडी में ये बताया गया है कि एडेड शुगर का निरंतर सेवन एक्ने की समस्या को बढ़ा सकता है। ब्लड शुगर में स्पाइक एक्ने का कारण बन सकता है, इसलिए उन खाद्य पदार्थों की एडेड शुगर पर ध्यान देना जरूरी है जो बीनट बटर के साथ खाए जा सकते हैं, जैसे कि बैक्ड आइटम्स या जेली। कम एडेड शुगर वाले पीनट बटर का चयन करने के लिए लेबल पर इंग्रीडेंट की लिस्ट को ध्यान से देखें। जिसमें कोई एक्सट्रा शुगर मेंशन ना हो उसी पीनट बटर को चुनें।

Story first published: Tuesday, October 18, 2022, 14:10 [IST]
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