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अगर बच्चें में दिखे ये संकेत तो स्कूल भेजने की न करें भूल, हो सकता है कोरोना का संक्रमण
भारत में कोरोना के मामलों में कमी आते देख स्कूल खोलने को फिर से खोलने का फैसला लिया गया और हालात ये है कि अब स्कूलों से ही कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। जी हां, पिछले एक हफ्ते में भारत के अलग-अलग शहरों के कई स्कूलों में बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
ऐसे में इस स्थिति को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगे चलकर हालात कितने गंभीर हो सकते हैं। अब तक हुई स्टडी के अनुसार कोरोना के कारण बच्चों में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (multisystem inflammatory syndrome in children) का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस सिंड्रोम में बच्चों के शरीर के कई अंग प्रभावित हो जाते हैं और कई बार लंबे समय तक इसका पता नहीं चल पाता है। तो जो हालात अभी है उस स्थिति में पैरेंटस को कुछ बातें जाननी बेहद जरूरी है, खासकर जब बच्चे में कुछ विशेष लक्षण नजर आए।

कोरोना का खतरा बच्चों को ज्यादा क्यों है?
एक्सपर्टस की मानें बच्चों को कोरोना का इंफेक्शन इसलिए ज्यादा हो रहा है, क्योंकि छोटे बच्चों को हाथों की सफाई या सैनिटाइज करने के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानकारी नहीं है। और एक बात ये भी है कि बच्चे खेलते-कूदते भी ज्यादा हैं और वे सतह के संपर्क में भी ज्यादा आते हैं। इसलिए बच्चे जल्दी संक्रमित हो जाते हैं। इसलिए उन पैरेंट्स को जिनके बच्चे छोटे हैं, उन्हें ज्यादा जागरूक रहने की जरूरत है।

बच्चों में ये लक्षण दिखने पर उन्हें स्कूल न भेजें
यदि आपका बच्चा सर्दी जैसे लक्षण या गैस्ट्रोनॉमिकल डिसऑर्डर से पीड़ित नजर आए, तो आपको उसे स्कूल नहीं भेजना चाहिए। यह कोविड या कुछ अन्य रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (RSV) हो सकता है, जिसे बच्चे के लिए संभालना मुश्किल हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वो एक नए तरह के माहौल को अपनाने की कोशिश कर रहा हों।

सुरक्षा के उपाय
चूंकि, बच्चों को अभी तक टीका नहीं लगाया गया है, इसलिए कोरोना के लिए उपयुक्त व्यवहार का पालन करना बहुत जरूरी है जैसे मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, नियमित रूप से सफाई करना आदि।

प्रमुख बातें जो बचाएगी कोरोना से
- बच्चे पूरी नींद लें
- हाथ बार-बार धोए
- संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें
- घर के खिड़की दरवाजे खुले रखें
- इम्यूनिटी बढ़ाने वाला आहार दें
- फल और सब्जियों का सेवन ज्यादा करें



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