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वर्क फ्रॉम होम में कहीं आंखों को न हो जाए ये समस्या, जानें इससे बचने के उपाय
लॉकडाउन की वजह से कई लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। इस तरह घरों से काम करने की वजह से लोग तनाव में आ रहे हैं। कंप्यूटर पर लगातार काम करने की वजह से आंखें प्रभावित हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कंप्यूटर और मोबाइल फोन स्क्रीन से अल्ट्रा वायलेट किरण निकलती है, जिससे आंखों की सूखापन और जलन जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसे डिजिटल आई सिंड्रोम (Digital Eye Syndrome) कहा जाता है। इसके अलावा बिना काम के भी घर पर लोग मोबाइल पर लगे रहते हैं। इसकी वजह से आंखों को आराम नहीं मिल पाता है। ऐसे में आंखों में खुजली और एलर्जी हो सकती है। आंखों का पानी सूखने की वजह से देखने में भी परेशानी हो सकती है। हमलोगों को ऐसे में यह समझने की आवश्यकता है कि कंप्यूटर और मोबाइल फोन स्क्रीन आंखों के लिए कैसे खतरनाक है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
यदि आप कंप्यूटर पर काम करते हैं तो बीच-बीच में ब्रेक लेते रहना चाहिए. इससे आंखों पर असर कम पड़ता है। इस समस्या से बचने के लिए नियमित अंतराल पर कुछ व्यायाम करना चाहिए। लगभग 10 फीट दूर रखी किसी वस्तु को कुछ सेकंड के लिए अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इससे स्क्रीन से संबंधित आंखों की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

पलकें झपकाते रहना चाहिए
काम करते वक्त बीच-बीच में अपनी पलकें झपकाते रहना चाहिए. यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो सूखी आंखें, धुंधली दृष्टि और आपकी आंखों की थकान जैसी समस्याएं होनी लगती है। पलकें झपकाने से आंख की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इसके अलावा ऐसा करने से यह आंखों के चारों ओर नमी देता है, जिससे आंखों को सुकून मिलता है।

आंखों को घुमाएं
ऐसा करने से मांसपेशियां टोन होता है और आंखों के चारों ओर परिसंचरण को उत्तेजित करता है। अपनी आंखों को लगभग 20 बार दोनों दिशाओं में घुमाते हुए देखें और इससे जो फर्क नजर आता है उसे देखें। इस तरह करने से डिजिटल आई सिंड्रोम के लक्षण जल्दी ही खत्म हो जाएंगे।

आंखों को मालिश करें
आंखों को मालिश करने के लिए अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें। फिर, अपनी दोनों हथेलियों को अपनी आंखों के ऊपर लगभग दस मिनट तक रखें। यदि ऐसा आप कर रहें है तो उस समय आपको अपनी आंखें बंद रखनी चाहिए। ये आपकी आंखों को आराम देगा।

काम करने की जगह पर हों अच्छी लाइटिंग
काम करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप जहां काम कर रहें है वहां लाइटिंग अच्छी हो। कम या फ्लोरोसेंट रोशनी आंखों पर अधिक असर करती है। इसके साथ ही अंधेरे में काम करने से भी बचना चाहिए।



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