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कोरोना की वजह से बाहर जाने में लगता है डर, ये टिप्स आपको नॉर्मल करने में करेंगे मदद
कोरोना महामारी ने जिन्दगी को पूरी तरह से बदल दिया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग लंबे समय से घर पर ही हैं और अब जब देश में तेजी से वैक्सीन लग रही हैं तो जिन्दगी की स्थिति में सामान्य वापसी की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, वैक्सीन लगने के बाद भी जिन्दगी का वापिस नार्मल हो पाना इतना आसान नहीं है। दरअसल, ऐसे बहुत से लोग हैं जो महामारी से पूर्व के सामान्य जीवन में लौटने को लेकर बेहद चिंतित हैं। वास्तव में, अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 49 प्रतिशत वयस्क इन-पर्सन इंटरैक्शन में लौटने के बारे में असहज महसूस करते हैं। यहां तक कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है उनमें से 48 प्रतिशत ऐसा ही महसूस करते हैं।
ऐसे में लोगों को बाहर निकलने, लोगों से मिलने और पहले की तरह एक सामान्य जीवन जीने को लेकर कई तरह के संशय हैं। हो सकता है कि आप भी कोरोना संक्रमण के डर को लेकर बाहर निकलने में कतरा रहे हों। लेकिन ऐसे कई टिप्स हैं, जो आपको एक सामान्य जीवन जीने में मदद करेंगे। तो चलिए आज इस लेख में हम बाहर निकलने के इस डर के कारण और उससे निजात पाने के कुछ उपायों पर चर्चा कर रहे हैं-
जानिए कारण

बाहर निकलने के इस डर के पीछे कई वजहे हैं-
दरअसल, महामारी के दौरान घर में रहने के कारण, हम एक ऐसे माइंड सेट के साथ जी रहे हैं, जैसे हमें गंभीर सामाजिक चिंता है।
इसके अलावा, इसकी एक वजह यह भी है कि वैक्सीनेशन के बावजूद भी अभी काफी अनिश्चितता है। अभी भी चिकित्सा जगत में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टीके वेरिएंट के खिलाफ कितने प्रभावी हैं और कितने समय तक चलते हैं। इतना ही नहीं, वैक्सीनेशन के बाद भी लोगों को कोविड अनुरूप लाइफस्टाइल फॉलो करने की सलाह दी जा रही है, जिसके कारण भी लोगों के मन में एक डर बैठा हुआ है।

ऐसे पाएं डर से निजात
संक्रमण को लेकर मन में डर होना स्वाभाविक है। लेकिन इससे निजात पाने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाएं जा सकते हैं।

1. उठाएं छोटे-छोटे कम
हो सकता है कि आप भी घर पर रहने के बाद दोस्तों और परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए उत्साहित हों या फिर अपने पसंदीदा रेस्तरां या एक वेकेशन पर जाना चाहते हों। लेकिन, अगर आप असहज महसूस कर रहे हैं, तो आपको कोई जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल आपको ये सब काम करने की जरूरत नहीं है। आप कुछ बेबी स्टेप्स की मदद से खुद को सामान्य लाइफ जीने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अपने मित्र के घर पर डिनर के लिए जाएं या फिर उसे अपने घर बुलाएं, क्योंकि आप सभी का टीकाकरण हो चुका है।
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने कंफर्ट लेवल को भी जरूर चेक करें और किसी तरह का दबाव महसूस न करें। छोटी शुरुआत करें, जैसे केवल अपने सर्कल के साथ समय बिताना, और धीरे-धीरे उसे बढ़ाना।

2. सिचुएशन पर कन्ट्रोल करना भी है जरूरी
यह भी एक तरीका है, जिसे अपनाकर काफी हद तक डर व चिंताओं पर काबू पाया जा सकता है। मसलन, संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के अलावा मास्क पहनना, हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करना और सोशल गैदरिंग में भी थोड़ी दूरी बनाए रखना आवश्यक है। अगर आप इस तरह का व्यवहार करते हैं तो इससे आप अपनी चिंताओं को काफी हद तक कम कर सकते हैं, क्योंकि इस तरह का व्यवहार संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम करता है।

3. लाइफस्टाइल में बदलाव करें
हो सकता है कि यह सुनने में थोड़ा अजीब लगे, लेकिन लाइफस्टाइल में कुछ छोटे-छोटे बदलाव भी आपकी चिंताओं को कम कर सकते हैं। इसमें से कुछ बदलाव हैं-
• नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी करना- प्रति दिन 11 मिनट भी पर्याप्त हो सकता है।
• स्वस्थ और संतुलित आहार लेना।
• ब्रीदिंग एक्सरसाइज और अन्य रिलैक्सेसशन तकनीक का अभ्यास करना।
• शराब, ड्रग्स और बहुत अधिक कैफीन से बचना।
ये लोगों को एगोराफोबिया को प्रबंधित करने में मदद करने में प्रभावी रहे हैं, इसलिए अगर आप कोरोना के कारण बाहर जाने से डर रहे हैं, तो यह उपाय आपके भी काम आएंगे।

4. अपने दोस्तों से थोड़ी मदद लें।
आप मित्रों या परिवार के प्रति कैसा महसूस करते हैं, यह व्यक्त करने में संकोच न करें। अगर आपको बाहर जाने में डर व घबराहट का अहसास हो रहा है, तो आप उन लोगों से भी पूछ सकते हैं जो आपके साथ सार्वजनिक रूप से बाहर जाने के लिए सकारात्मक और सहायक हैं क्योंकि उनकी कंपनी से आप खुद को अधिक लाइट व पॉजिटिव महसूस करते हैं।

5. मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल की लें मदद
अंत में, यदि आपके बाहर जाने का डर आपकी लाइफ को डिस्टर्ब कर रहा है और इससे आपको बहुत अधिक समस्या हो रही है तो ऐसे में आपको मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल की मदद लें। ऐसे कई संकेत हैं, जो यह बताते हैं कि आपको एक प्रोफेशनल की जरूरत है-
• सीने में दर्द या तेज हृदय गति।
• डर का अहसास होना।
• हाइपरवेंटिलेशन या सांस लेने में तकलीफ।
• आलस्य या चक्कर आना।
• अचानक ठंड लगना।
• अत्यधिक पसीना आना (हाइपरहाइड्रोसिस)।
• पेट का ख़राब होना।



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