तंदूरी रोटी खाने में तो स्वादिष्ट होती है, लेकिन क्या यह आपकी सेहत के लिए भी सही है? जानिए क्या है सच्चाई

कढाई पनीर हो या हेन कोरमा, इन्हें खाने का मजा तो तंदूरी रोटी के साथ ही आता है। त्योहार हो या शादी, तंदूर में पकाई गई रोटियां हर किसी का ध्यान आकर्षित करती हैं और कोई भी उन्हें खाने से मना नहीं करता है। तंदूरी रोटियों को तंदूर में पकाया जाता है, आमतौर पर उनमें से कोयले की तीखी गंध आती हैं। हालांकि तंदूरी रोटियां खाने में भी उतनी ही हेल्‍दी है जितनी वो धीरे-धीरे फूड स्‍टेट्स सिम्‍बल बनकर रह गई है।
आइए जानते है तंदूरी रोटियों की हकीकत।

कैसे बनती है तंदूर की रोटी, जानें

कैसे बनती है तंदूर की रोटी, जानें

तंदूर की रोटी में 110 से 150 कैलोरीज होती है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरीज का सबसे ज्यादा प्रतिशत होता है। वहीं बता दे तंदूर रोटियां मैदा से बनाई जाती हैं मैदे के लगातार सेवन से कई बीमारियां हो जाती हैं।

डायबिटीज का जोखिम

डायबिटीज का जोखिम

तंदूर की रोटी में मैदा होती है और मैदा आपके शरीर के शुगर के स्तर को बढ़ता है. दरअसल इसमें बहुत अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है इसलिए अगर आप मैदा का बार-बार सेवन करते है तो डायबिटीज हो सकती है।

ह्रदय रोग का जोखिम बढ़ जाता है

ह्रदय रोग का जोखिम बढ़ जाता है

मैदा से बनी तंदूर की रोटी खाने से ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कोशिस करे कि तंदूर की रोटी का सेवन कम से कम किया जाएं। वहीं अगर आप तंदूर की रोटी खाने के इतने ही शौकीन हैं तो रोटी बनाने के लिए मैदे के बजाए आटे का इस्तेमाल करें। इसके अलावा इसे बनाने के लिए आप ओवन का भी इस्तेमाल करें।

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आपके लिए क्या सही है

आपके लिए क्या सही है

अगर आप तंदूरी रोटी खाने के इतने ही शौक़ीन हैं, तो रोटी बनाने के लिए मैदे के बजाय आटे का इस्तेमाल करें। आप चाहें तो इन्हें आधा मैदा और आधा गेहूं का आटा इस्तेमाल करके भी बना सकते हैं। इसके अलावा, इन्हें बनाने के लिए ओवन का इस्तेमाल करें।

Story first published: Saturday, August 28, 2021, 16:33 [IST]
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