मॉडल किम कर्दाशिया को हुई ये खतरनाक बीमारी, जानें लक्षण और इलाज

रूमेटॉयड ऑर्थराइटिस से जूझ रही फेमस मॉडल किम कार्दशियन | Rheumatoid Arthritis symptoms | Boldsky

अमेरिका की मशहूर रियलिटी टीवी स्टार और मॉडल किम कर्दाशिया को रूमेटाइड अर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) नामक बीमारी होने की आशंका जताई जा रही है। रूमेटाइड अर्थराइटिस, हड्डियों से जुड़ी ऐसी बीमारी है जो ज्‍यादात्तर युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोगों में दिखाई देते हैं। आखिर यह बीमारी क्या है? आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

क्या है रूमेटाइड अर्थराइटिस?

क्या है रूमेटाइड अर्थराइटिस?

रूमेटाइड अर्थराइटिस (RA) एक क्रोन‍िक, ऑटोइम्यून, इंफ्लेमेशन वाली स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की अपनी प्रतिरक्षा कोशिकाएं जोड़ों के आसपास की झिल्ली (membrane) पर अटैक करती हैं।

एक सूजन संबंधित विकार है जिसमें न सिर्फ जोड़ों पर असर पड़ता है बल्कि शरीर के तंत्र, त्वचा, आंखों, लंग्स, दिल और खून की धमनियों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इस बीमारी का इलाज लंबे समय तक या जिंदगी भर भी चल सकता है। इसे एक ऑटोइम्यून बीमारी कहा जाता है जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता स्वस्थ कोशिकाओं को ही नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है।

रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण -

रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण -

1. इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को जोड़ों में दर्द, सूजन और जलन की शिकायत होती है।

2. इस बीमारी में हड्डियों का क्षरण होने लगता है साथ ही में जॉइन्ट्स का आकार बदलने लगता है, जिससे पैर व हाथ या उंगलियां टेढ़ी होने लगती हैं।

3. जोड़ों, पीठ व मांसपेशियों में दर्द की शिकायत होना।

4. जोड़ों में अकड़न, कमजोरी व सूजन और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना।

5. चलने-फिरने में दिक्कत आना, उंगली पर गांठ, सूजन व चुभन जैसा महसूस होना या मुंह का ज्यादा सूखना भी शामिल है।

6. रूमेटाइड अर्थराइटिस सबसे पहले शरीर के छोटे जोड़ों पर असर डालता है, जैसे उंगलियों के जोड़। इसके बाद यह बढ़ते हुए कलाई, घुटने, कोहनी, कूल्हे, कंधे आदि जोड़ों को प्रभावित करना शुरू करता है।

 पुरुषों की तुलना में महिलाओं में होने का ज्‍यादा खतरा

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में होने का ज्‍यादा खतरा

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में RA विकसित होने की अधिक आशंका है. धूम्रपान करना, एस्बेस्टोस या सिलिका के संपर्क में आना, हर्पिक्स सिंप्लेक्स वायरस, साइटोमेगालो वायरस और एपस्टीन-बार वायरस के साथ वायरल संक्रमण और मोटापा कुछ अन्य जोखिम कारक हैं।

डॉक्‍टर से कराते रहें चैक

डॉक्‍टर से कराते रहें चैक

आरए के मरीजों को स्‍वास्‍थय में सुधार लाने के ल‍िए न‍ियमित निगरानी की आवश्‍यकता होती है। न‍ियमित रूप से मरीज को डॉक्टर से जांच करानी चाहिए और मूल्यांकन करवाते रहना चाहिए कि इलाज किस स्‍तर तक काम कर रहा हैं।

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