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बालों में छोटे-छोटे पैचेज बनने की पीछे है ये बीमारी, जाने लक्षण
कई लोग उम्र से पहले बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। बाल झड़ने के पीछे कई वजह होती है। ये वजह आनुवांशिक भी हो सकते हैं या फिर हार्मोनल इश्यू भी हो सकते हैं। कई बार बाल इतने टूटते-गिरते हैं कि गंजे होने की नौबत आ जाती है। यदि आपके बाल भी असामान्यरूप से कुछ ज्यादा ही टूट रहे हैं और स्कैल्प पर जगह-जगह छोटे-छोटे पैचेज बन रहे हैं, तो फिर आप अलर्ट हो जाएं।
यह पुरुषों और महिलाओं में गंजेपन यानी एलोपेसिया एरेटा की समस्या हो सकती है। एलोपेसिया एरेटा बालों से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जिसमे हेयर फॉल की वजह से बालों में पैचेज बनने लगता हैं। जानें, क्या है एलोपेसिया एरेटा और इसके कारण व लक्षण।

क्या होती है वजह
एलोपेसिया एरेटा एक ऑटोइम्यून संबंधित बीमारी है। जब सफेद रक्त कोशिकाएं हेयर फॉलिकल की कोशिकाओं पर हमला करती हैं और उन्हें सिकोड़कर बालों के निर्माण को धीमा कर देती हैं, तो यह समस्या शुरू होती है। इसके अलावा निम्न कारणों से भी आपको एलोपेसिया की समस्या हो सकती है-

एलोपेसिया एरेटा के कारण
- आनुवांशिक कारण।
- मेनोपॉज, प्रेग्नेंसी और थायरॉइड की समस्या होने पर हार्मोन में बदलाव होने से यह समस्या होती है।
- सिर की त्वचा में संक्रमण और रिंगवर्म होना।
- कैंसर, अर्थराइटिस, हृदय रोग, गाउट और उच्च रक्तचाप की दवाओं के साइड इफेक्ट्स।
- वजन घटने के कारण।
- अधिक तनाव एवं डिप्रेशन।
- उम्र बढ़ना।
- डायबिटीज की दवाओं के सेवन के कारण भी यह समस्या हो सकती है।

लक्षण क्या हैं
कई बार इसके लक्षण जल्दी समझ नहीं आते, जिसकी वजह से उपचार मुश्किल और अधिक खर्चीला हो सकता है।
- सिर के बालों का जगह-जगह से झड़ना।
- सिर में जगह-जगह सिक्के के आकार में बाल पूरी तरह साफ होना और गंजापन दिखना।
- शरीर के अंगों और चेहरे के बालों का झड़ना।
- सिर के बालों का अधिक टूटना।
- दाढ़ी और पलकों के बाल टूटना।
- सिर में सफेद स्पॉट और लाइन दिखाई देना।
- नाखून टूटना और नाखून की चमक खत्म होना।
- नाखून पतले होकर टूटने लगना।
- बाल झड़ने से पहले सिर में खुजली और जलन होना।

इलाज के तरीके
इसका इलाज संभव है। इसका इलाज व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करता है, क्योंकि कुछ लोगों के बाल बिना इलाज के दोबारा उग आते हैं, जबकि कुछ लोगों के बाल विकसित करने के लिए दवाओं की जरूरत पड़ती है।
वैकल्पिक थेरेपी के जरिए इसका उपचार संभव है। कुछ मुख्य थेरेपी जैसे एक्यूपंक्चर, अरोमाथेरेपी, हर्बल सप्लिमेंट्स और विटामिन जैसी थेरेपी अपनाकर बालों को टूटने से बचाया जा सकता है। ये सभी प्रभावी तरीके से काम करती हैं। लक्षणों को पहचानकर विशेषज्ञ एलोपेसिया एरेटा के इलाज के लिए कुछ विशेष दवाएं देते हैं। कुछ मामलों में बाल दोबारा उगाने के लिए फोटोकीमोथेरेपी की जाती है।



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