चूहा काटने पर जरुर करें ये काम, वरना हो सकती है ये खतरनाक बीमार‍ियां

घरों में चूहों का बसेरा एक सामान्‍य सी बात है। कई बार इन्‍हें भगाने के ल‍िए हम चूहेदानी से लेकर कई दवाईयों तक का इस्‍तेमाल करते हैं। लेकिन सभी तरकीबे अपनाने के बाद भी चूहे घर में घुस ही आ जाते हैं लेक‍िन अगर गलती से भी काट लें तो इंफेक्‍शन के अलावा मौत भी हो सकती हैं। देश के कई इलाकों में चूहों के काटने से लोगों के मरने की खबरें आना भी सामान्‍य सी बात है।

72 घंटे से ज्‍यादा होने पर हो सकता है इंफेक्‍शन

72 घंटे से ज्‍यादा होने पर हो सकता है इंफेक्‍शन

चूहे के काटने पर डॉक्टर के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए। क्योंकि 72 घंटे से लेट होने पर पीड़ित को होने वाला इन्फेक्शन कंट्रोल नहीं किया जा सकता। अगर डायबिटिक पेशेंट को चूहे ने काट लिया है और उनकी शुगर कंट्रोल में नहीं है, तो उन्हें ये इन्फेक्शन और भी तेजी से फैलता है। इतना ही नहीं उस अंग को काटना भी पड़ सकता है।

चूहे दो समय सबसे ज्‍यादा काटते हैं एक तो सोते समय तो दूसरा चूहेदानी में पकड़े चूहें को छोड़ते समय। चूहे सबसे पहले पैरों या हाथों की अंगुलियों को ही न‍िशाना बनाते हैं।

चूहे काटने पर क्‍या होता है?

चूहे काटने पर क्‍या होता है?

रैबीज से ग्रस्‍त चूहे के काटने से बुखार आ सकता है। साथ में सिर दर्द, जोड़ों में दर्द, उलटी भी हो सकता है। बॉडी में छोटे-छोटे दाने न‍िकल सकते हैं। ये3 से 4 द‍िनों बाद द‍िखते हैं।

हो सकती है ये बीमार‍ियां

हो सकती है ये बीमार‍ियां

अगर आपने चूहे के काटने के इंफेक्‍शन का सही समय पर इलाज नहीं कराया, तो आपको मायोकार्डिट‍िस, एंडोकार्डिटिस, न‍िमोन‍िया, सिस्‍टेमेटिक वैस्‍कुल‍िटिस, पेरीकार्डिट‍िस, पॉलीआर्थराइट‍िस, नोडोसा, हेपेटाइटिस, नेफ्रैटिस, मेन‍िनजाइट‍िस, फोकल एब्‍सकेसेस, अमिनियोटिस जैसे रोग हो सकते हैं।

हो सकती है ये बीमार‍ियां

हो सकती है ये बीमार‍ियां

अगर आपने चूहे के काटने के इंफेक्‍शन का सही समय पर इलाज नहीं कराया, तो आपको मायोकार्डिट‍िस, एंडोकार्डिटिस, न‍िमोन‍िया, सिस्‍टेमेटिक वैस्‍कुल‍िटिस, पेरीकार्डिट‍िस, पॉलीआर्थराइट‍िस, नोडोसा, हेपेटाइटिस, नेफ्रैटिस, मेन‍िनजाइट‍िस, फोकल एब्‍सकेसेस, अमिनियोटिस जैसे रोग हो सकते हैं।

हो सकती है ये बीमार‍ियां

हो सकती है ये बीमार‍ियां

अगर आपने चूहे के काटने के इंफेक्‍शन का सही समय पर इलाज नहीं कराया, तो आपको मायोकार्डिट‍िस, एंडोकार्डिटिस, न‍िमोन‍िया, सिस्‍टेमेटिक वैस्‍कुल‍िटिस, पेरीकार्डिट‍िस, पॉलीआर्थराइट‍िस, नोडोसा, हेपेटाइटिस, नेफ्रैटिस, मेन‍िनजाइट‍िस, फोकल एब्‍सकेसेस, अमिनियोटिस जैसे रोग हो सकते हैं।

मूली के रस से फायदा होता है

मूली के रस से फायदा होता है

चूहें के काटने पर यदि आपको कोई चूहा काट लेता है तो आपको मूली का रस और ख़राब पुराने सूखे नार‍ियल या खोपरे का पेस्ट बहुत फायदा करता है। इसके लिए आप सूखे नारियल को बारीक पीस लें, और उसमे मूली का रस मिलाकर एक लेप तैयार करें। उसके बाद इस लेप को उस स्थान में दिन में दो से तीन बार लगाएं जहां आपको चूहें ने काटा है। ऐसा करने से आपको चूहें के काटने की समस्या से होने वाली परेशानी से बचाव करने में मदद मिलती है।

शहद का इस्तेमाल करें चूहें के काटने पर

शहद का इस्तेमाल करें चूहें के काटने पर

चारा ग्राम चौलाई के मूल के चूर्ण और आधा चम्मच शहद का दिन में कम से कम चार बार सेवन करें। ऐसा करने से चूहें के काटने पर फैलने वाला जहर शरीर पर असर नहीं करता है।

पुदीना लगाएं

पुदीना लगाएं

जहां चूहा ने काटे हैं वहां कॉटन बॉल्‍स को पिपरमेंट (पुदीना) ऑयल में भिगोकर उन स्‍थानों पर लगाएं फर्क पड़ेगा।

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