Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
दशमूल जड़ी-बूटी के 6 अमेजिंग बेनिफिट्स, माइग्रेन और गठिया के दर्द को कम करता है
दशमूल एक प्राचीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। सूजन, लगातार बुखार, या दर्द में ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी फायदेमंद है। यह आज आसानी से उपलब्ध है। दशमूल दस जड़ी बूटियों से बना एक प्राचीन आयुर्वेदिक नुस्खा है जिसका उपयोग विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है। ये अत्यधिक स्वास्थ्य लाभ के लिए जाना जाता है, यह नर्व्स सिस्टम और फेफड़ों के बीमारियों के उपचार में विशेष रूप से प्रभावी है।

दशमूल के आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन में उपयोग की जाने वाली 10 हर्बल जड़ें
दशमूल फेफड़ों के लिए एक टॉनिक है, सूखी खांसी को शांत करने में मदद करता है और आपके लिए सांस लेने में आसान बनाता है। दशमूल का यूज करके घृत के रूप में जाना जाने वाला एक हर्बल घी अक्सर सांस संबंधित समस्याओं के लिए कई आयुर्वेदिक उपचारों में उपयोग किया जाता है। एलर्जी की वजह से आपके एयरवेज के म्यूकोसा की सूजन के कारण होने वाले एलर्जिक राइनाइटिस का इलाज इसके यूज करने सो होता है। अस्थमा के लक्षणों को कम करने के लिए दस जड़ का फार्मूलेशन भी दिया जाता है और यह काली खांसी के लिए एक उपाय हो सकता है।
दस जड़े-
अग्निमंथा
बिल्वा
ब्रुहाटी
गोक्षुरा
कांतकारी
कश्मीरी
पटल
प्रश्निपर्णी
शालिपर्णी
श्योनका

दशमूल के हेल्थ बेनिफिट्स
1. सांस संबंधित बीमारियों को रोकता है
दशमूल श्वसन रोगों को रोकने के साथ-साथ कम करने में भी मदद करता है। यह छाती और सांस की नली,अस्थमा और खांसी की सूजन को कम करने में भी मदद करता है।

2. माइग्रेन के दर्द को कम करता है
उल्टी, जी मिचलाना और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षणों के साथ माइग्रेन से पीड़ित हैं? 10 जड़ों या दशमूल का आयुर्वेदिक मिक्सअप इन सभी समस्याओं को दूर कर सकता है।

3. बुखार में प्रभावी है
इंटरमिटेंट और तेज बुखार के इलाज के लिए दशमूल एक बेहतरीन उपाय है। ये आपके शरीर के तापमान को मैनेज करने में भी मदद करता है। अगर आपको लगातार बुखार है, तो दशमूल इसे कम करने में मदद कर सकता है। लगातार बीमारी से जुड़ी थकान को कम करने की क्षमता के कारण यह आपको बेहतर महसूस करने में भी मदद कर सकता है। इसे आप तुलसी के साथ भी मिला सकते हैं।

4. पाचन और गैस से राहत देता है
अगर आप पेट में गैस बनने के कारण परेशान रहते हैं तो दशमूल पेट फूलने की समस्या को कम कर सकता है। दशमूल एनीमा आपको वात खाद्य एलर्जी से उबरने या उससे निपटने में भी मदद कर सकता है। ये पेट में सूजन, गैस, बहुत अधिक डकार लेने की जरूरत, पेट में ऐंठन, दर्द और पेट की सामान्य परेशानी जैसे लक्षणों से पहचाने जा सकते हैं। यह हर्बल चाय एनीमा पुरानी कब्ज का भी इलाज कर सकती है।

5. गठिया के दर्द, सूजन और सूजन से राहत देता है
दशमूल गठिया के लक्षणों जैसे सूजन, दर्द और सूजन के इलाज के लिए एक प्रभावी उपाय है। यह एक स्वस्थ मांसपेशियों की देखभाल को भी बढ़ावा देता है।

6. मासिक धर्म की समस्याओं को कम करता है
आप मासिक धर्म में ऐंठन के कारण दर्द अनुभव करती हैं, तो दशमूल मदद कर सकता है। एक अध्ययन में, 15 वर्ष से 25 वर्ष की आयु और इस समस्या से पीड़ित महिलाओं को दशमूल दिया गया था, जिससे उनकी स्थिति में सुधार देखा गया।



Click it and Unblock the Notifications
