मूली के पत्तों का सेवन करने से दूर होती है कई बीमरियां, जानें कैसे करें सेवन

सर्दियां आते ही मूली के साथ बाजार में गाजर भी द‍िखने लगती है। लोग इसका इस्‍तेमाल सलाद और सब्‍जी के तौर पर करते हैं। गाजर की ही तरह मूली भी टेस्‍टी और हेल्‍दी होता है। लेक‍िन जितनी हेल्‍दी मूली होती है उतनी ही हेल्‍दी इसकी हरी पत्तियां भी होती हैं। मूली के पत्ते हमारे आंतों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है। मूली फाइबर का अच्छा स्रोत माना गया है। अगर इसका सेवन किया जाए तो पेट से संबंधित बीमारियां दूर भागती हैं।

अर्थराइटिस की समस्‍या होती है दूर

अर्थराइटिस की समस्‍या होती है दूर

मूली के पत्ते के सेवन से अर्थराइटिस की समस्‍या दूर होती है।

मूली के पत्तों में कौमारिक एसिड भी होता है। रिसर्च के मुताबिक, यह एसिड एंटी-अर्थराइटिस प्रभाव दिखाता है। इसी वजह से मूली के पत्तों को अर्थराइटिस के लिए फायदेमंद माना जाता है।

लो ब्‍लड प्रेशर वालों के ल‍िए फायदेमंद

लो ब्‍लड प्रेशर वालों के ल‍िए फायदेमंद

चूंकि इसमें सोडियम होता है और यह शरीर में नमक की कमी को पूरा करता है, इसलिए लो ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंथेकाइनिन दिल के लिए फायदेमंद होता है।

बवासीर का इलाज

बवासीर का इलाज

आपको शायद पता न हो लेकिन बवासीर जैसी कष्टकारी शारीरिक समस्या को दूर करने में भी मूली के पत्ते लाभदायक है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती है, जो सूजन व दर्द को कम करती है। इसके इस्तेमाल के लिए मूली के पत्तों को सुखाएं और उसमें बराबर मात्रा में चीनी मिलाएं। साथ ही कुछ बूंदे पानी की मिलाकर एक पेस्ट बनाएं। आप चाहें तो इस पेस्ट का सेवन करें या फिर इसे प्रभावित स्थान पर लगाएं।

पीलिया से राहत

पीलिया से राहत

मूली के पत्तों का सेवन कई बीमारियों का इलाज करने में सहायक है। बवासीर की तरह ही पीलिया के इलाज में भी मूली के पत्ते लाभदायक है। इसके इलाज के लिए पत्तियों को क्रश करें और फिर एक पतले कपड़े की मदद से इसका अर्क निकालें। इस रस का आधा लीटर रोजाना दस दिनों तक सेवन करने से पीलिया ठीक हो जाता है।

नियंत्रित करे मधुमेह

नियंत्रित करे मधुमेह

मूली के पत्तों में ऐसे कई गुण होते हैं, जो रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप मूली के पत्तों का साग बनाएं और उसका सेवन करें।

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